रिश्ते का नाम तय नहीं फिर भी उठती है जलन की टीस, जानिए इस उलझन की असल वजह और सही समाधानबाहरी आवाजों के साथ संगीत का मज़ा: 2026 के टॉप ओपन-ईयर वायरलेस बड्सदेश के दूसरे सबसे बड़े आईपीओ में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की लिस्टिंग की तैयारी, मूल्यांकन बीएसई से तीन गुना आगे निकलने की उम्मीदसऊदी आपूर्ति बढ़ने की संभावना से कच्चे तेल में नरमी, 95 डॉलर के करीब फिसला डब्ल्यूटीआईब्रिटिश पाउंड में खुदरा बिक्री के आंकड़ों से उछाल, तकनीकी स्तरों पर दबाव बरकरारअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से सोने में तेजी, 4,400 डॉलर के स्तर पर टिकीं नजरेंअमेरिकी डॉलर के सामने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में संभलने की कोशिश, जापानी येन और सोने की चाल पर टिकी नज़रमेटा ने मैक पर उतारा नया एआई एजेंट म्यूज, कंप्यूटर पर खुद पूरे करेगा जरूरी कामशरीर के वजन से ज्यादा अंदरूनी मेटाबॉलिज्म तय करता है गुर्दे पर चर्बी का जोखिम, नई मेडिकल पड़तालकोहट में ओल्ड पुलिस लाइन के समीप भीषण धमाके से मस्जिद क्षतिग्रस्त, 15 की जान गई और भारी गोलीबारी
स्वाइप से थकी Gen Z अब असल जिंदगी में ढूंढ रही प्यार, बदल रहा रिश्ते बनाने का तरीकारिश्ते
16 जून 2026, 5:46 pm (95 दिन पहले)· 2

स्वाइप से थकी Gen Z अब असल जिंदगी में ढूंढ रही प्यार, बदल रहा रिश्ते बनाने का तरीका

करीब 18 से 28 साल के युवा अब डेटिंग ऐप्स पर लगातार स्वाइप करने के बजाय कॉलेज, ऑफिस, हॉबी क्लब और कम्युनिटी इवेंट्स में आमने-सामने मिलकर रिश्ते बनाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

कुछ बरस पहले तक नए लोगों से जुड़ने और किसी रिश्ते की शुरुआत करने के लिए डेटिंग ऐप्स को सबसे सहज रास्ता समझा जाता था। मगर अब यह सोच करवट लेती दिख रही है। कई सर्वे और रिपोर्ट्स इस ओर इशारा करते हैं कि Gen Z, यानी करीब 18 से 28 साल की उम्र वाले युवा, अब इन ऐप्स को लेकर उतने रोमांचित नहीं रह गए हैं जितने कभी हुआ करते थे। इसकी जगह वे असल जिंदगी में लोगों से मिलने और वहीं से रिश्ता आगे बढ़ाने को ज्यादा तरजीह देने लगे हैं।

आखिर ऐप्स से दूरी क्यों बढ़ रही है

इस पीढ़ी का एक बड़ा हिस्सा यह महसूस करता है कि घंटों स्क्रीन पर स्वाइप करते रहना अक्सर थका देने वाला अनुभव बन जाता है। सामने ढेरों विकल्प होने के बाद भी कोई गहरी बातचीत या टिकाऊ रिश्ता बना पाना आसान नहीं रहता। कई युवाओं की शिकायत है कि ऐप्स पर होने वाली बातचीत ऊपरी और सतही रह जाती है, जिसमें किसी इंसान को असल में समझने का मौका कम ही मिल पाता है। इसके ऊपर लगातार नए मैच, चैट और जवाब का इंतजार करना मन पर बोझ बढ़ा देता है। कुछ युवा यह भी मानते हैं कि इन प्लेटफॉर्म पर बने रहने से खुद की दूसरों से तुलना और भीतर असुरक्षा का भाव और तेज हो जाता है।

ये भी पढ़ें

अब किस राह से जुड़ रहे हैं दिल

बीते कुछ सालों में आमने-सामने मिलकर रिश्ता बनाने, यानी इन-पर्सन कनेक्शन का चलन तेजी से बढ़ा है। Gen Z के कई युवा अब दोस्तों के जरिए, कॉलेज और ऑफिस में, सामाजिक आयोजनों, हॉबी क्लब्स और कम्युनिटी इवेंट्स में नए चेहरों से मिलना ज्यादा पसंद करते हैं। उनका कहना है कि सीधे मुलाकात में किसी की बॉडी लैंग्वेज, उसका व्यवहार और पूरा व्यक्तित्व कहीं बेहतर ढंग से समझ में आता है, और इसी वजह से रिश्ता ज्यादा स्वाभाविक महसूस होता है।

साझा पसंद बनी सबसे बड़ी कसौटी

आज के युवा सिर्फ किसी प्रोफाइल फोटो पर नजर डालकर फैसला सुनाने के बजाय एक जैसी रुचियों और मिलती-जुलती सोच वाले लोगों को आगे रख रहे हैं। बुक क्लब, फिटनेस ग्रुप, ट्रैवल कम्युनिटी, वर्कशॉप और इसी तरह की दूसरी सामाजिक गतिविधियां अब ऐसे लोगों से मिलने का जरिया बन रही हैं, जिनकी पसंद और जीवनशैली एक-दूसरे से मेल खाती हो।

तो क्या डेटिंग ऐप्स का दौर ढल रहा है

ऐसा मान लेना ठीक नहीं होगा। आज भी लाखों लोग इन ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और कई कामयाब रिश्तों की नींव वहीं पड़ती है। हां, इतना जरूर है कि Gen Z के एक तबके में यह भरोसा मजबूत होता जा रहा है कि किसी रिश्ते की शुरुआत महज स्क्रीन तक सीमित रहने के बजाय असल दुनिया में भी हो सकती है।

सवाल-जवाब

Gen Z में किस उम्र के युवा शामिल माने गए हैं?
इस रिपोर्ट में Gen Z का मतलब करीब 18 से 28 साल की उम्र वाले युवाओं से है।
युवा डेटिंग ऐप्स से दूरी क्यों बना रहे हैं?
उन्हें लगातार स्वाइप करना थका देने वाला लगता है, बातचीत सतही रह जाती है और इससे तुलना व असुरक्षा का भाव बढ़ता है।
अब Gen Z किन जगहों पर नए लोगों से मिल रहा है?
दोस्तों के जरिए, कॉलेज, ऑफिस, सामाजिक आयोजनों, हॉबी क्लब्स और कम्युनिटी इवेंट्स में आमने-सामने मुलाकातों को तरजीह दी जा रही है।
क्या डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल पूरी तरह खत्म हो रहा है?
नहीं, आज भी लाखों लोग इन ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और कई सफल रिश्ते वहीं से शुरू होते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp