सावन के पावन महीने में राजस्थान के अजमेर शहर स्थित प्रेम प्रकाश आश्रम श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था और भक्ति का मुख्य केंद्र बन चुका है. आदर्श नगर क्षेत्र में निर्मित यह भव्य परिसर अपने अनोखे धार्मिक निर्माण के कारण दूर-दूर से आने वाले शिव भक्तों को आकर्षित कर रहा है. यहां की सबसे बड़ी खासियत कैलाश पर्वत की सुंदर प्रतिकृति है, जो दर्शन करने वाले लोगों को आध्यात्मिक और अलौकिक अनुभूति प्रदान करती है.
विशालकाय प्रतिमाएं और मगरमच्छ की आकृति वाली गुफा
प्रेम प्रकाश आश्रम परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों का ध्यान भगवान शिव की विशाल 32 फीट ऊंची प्रतिमा खींचती है. इसके पास ही भगवान गणेश की भव्य 23 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है. इन दोनों विशालकाय मूर्तियों के दर्शन मात्र से ही माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो जाता है.
कैलाश पर्वत के ठीक नीचे दोनों ओर विशालकाय मगरमच्छ के मुख के आकार की गुफाएं निर्मित की गई हैं. श्रद्धालु इन्हीं अनूठी गुफाओं के भीतर से होकर आगे बढ़ते हैं. गुफा के अंदर एक ही स्थान पर 12 ज्योतिर्लिंगों की सुंदर प्रतिकृतियां स्थापित की गई हैं, जिससे भक्तों को एक साथ सभी प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त होता है. गुफा के भीतर का शांत और भक्तिपूर्ण वातावरण श्रद्धालुओं को एक अनोखा धार्मिक अनुभव कराता है.
अनोखे दान पात्र और फव्वारा सर्किल
भगवान शिव की प्रतिमा के ठीक सामने एक नयनरम्य फव्वारा सर्किल तैयार किया गया है. इस सर्किल के आसपास कई आकर्षक धार्मिक संरचनाएं बनाई गई हैं जो परिसर की सुंदरता को और बढ़ा देती हैं. यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दान देने की विशेष व्यवस्था के तहत दो अनूठे दान पात्र बनाए गए हैं.
सामान्य दान पात्रों से अलग, इनमें से एक दान पात्र 4 फीट ऊंचे कमंडल के आकार का है, जबकि दूसरा दान पात्र 5 फीट ऊंचे नगाड़े की आकृति में तैयार किया गया है. इनकी विशिष्ट बनावट यहां आने वाले लोगों का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित करती है.
30 फीट ऊंचा मंडप और 14 घंटियों की गूंज
आश्रम परिसर में लगभग 30 फीट ऊंचा एक भव्य और विशाल मंडप भी निर्मित किया गया है. इस मंडप को सहारा देने वाले चारों स्तंभों पर परियों की बेहद सुंदर और बारीक नक्काशीदार आकृतियां उकेरी गई हैं. मंडप के चारों ओर 14-14 बड़ी-बड़ी घंटियां लगाई गई हैं.
जब दर्शनार्थी इन घंटियों को एक साथ बजाते हैं, तो उनकी पवित्र ध्वनि पूरे आश्रम परिसर में गूंज उठती है. इस सुरीली और दिव्य ध्वनि से वहां मौजूद हर श्रद्धालु भक्ति के भाव में डूब जाता है और पूरा वातावरण पवित्रता से भर जाता है.
प्रेम प्रकाश आश्रम कैसे पहुंचे
यदि आप अजमेर में स्थित इस पावन स्थल के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो यहां पहुंचना बेहद आसान है. यह धार्मिक स्थल अजमेर रेलवे स्टेशन से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
स्टेशन से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को सबसे पहले आदर्श नगर पहुंचना होता है. आदर्श नगर क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर 'माधव द्वार' नाम का एक विशाल प्रवेश द्वार बना हुआ है. इस माधव द्वार से सीधे अंदर की ओर जाने पर बिना किसी कठिनाई के प्रेम प्रकाश आश्रम परिसर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है.



















