चेहरे पर फेस मास्क लगाने की सही समय-सीमा और तरीका: पीएसआरआई अस्पताल के स्किन एक्सपर्ट डॉ भावुक धीर की सलाहअमेरिका के वर्जीनिया और केंटकी में 24 घंटे के भीतर ताबड़तोड़ गोलीबारी, 1 की मौत और बच्चे समेत 9 घायलराशिफल 17 अगस्त: मेष से लेकर मीन तक जानें सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल, 6 राशियों के जीवन में रहेगा आनंदटीवी एक्ट्रेस पूजा बनर्जी और कुणाल वर्मा के घर गूंजी किलकारी, 39 की उम्र में दिया बेटी को जन्मचित्तौड़गढ़ जनसभा से अमित शाह का तीखा निशाना, बोले कांग्रेस दफ्तर में हुआ बड़ा पापदो दिन में 50 करोड़ कमाने वाली आवारापन 2 के लिए नहीं मिल रहे थे खरीदार, विशेष भट्ट ने खुद के पैसे से बनाई फिल्मयुवाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन पर राहुल गांधी का बड़ा बयान, पुणे में 22 अगस्त की तैयारी के बीच सरकार से मांगी जवाबदेहीप्रशांत महासागर से हटा अमेरिकी युद्धपोत, ईरान संकट के बीच एशिया में बढ़ा चीन का दबदबाटेक्नो के पोवा AI बड्स प्रो भारत में लॉन्च, 78 भाषाओं के लाइव ट्रांसलेशन और 48dB ANC से हैं लैसकलर्स टीवी के नए शो में डॉक्टर बनीं एरिका फर्नांडिस, मिलिट्री मेडिकल रोल के लिए एक महीने तक समझा डॉक्टरों का अंदाज
आषाढ़ माह में तुलसी पूजन से घर में आती है सुख-समृद्धि, जानें पूरी विधि और जरूरी परहेजधर्म
1 जुल॰ 2026, 9:22 am (46 दिन पहले)· 5

आषाढ़ माह में तुलसी पूजन से घर में आती है सुख-समृद्धि, जानें पूरी विधि और जरूरी परहेज

आषाढ़ माह में तुलसी माता की पूजा से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस माह तुलसी पूजन की सही विधि, मंत्र और किन बातों से परहेज करना चाहिए, यहां जानें।

आषाढ़ माह का आगमन हो चुका है। हिंदू पंचांग में यह महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र और फलदायी माना जाता है। इस मास में भगवान विष्णु की उपासना का विशेष महत्व है। आषाढ़ में ही देवशयनी एकादशी पड़ती है, जिसके बाद भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इस अवधि को चातुर्मास कहते हैं। चातुर्मास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं, लेकिन पूजा-पाठ, जप, दान और पुण्य कर्मों के लिए यह समय अत्यंत शुभ है। चूंकि तुलसी माता भगवान विष्णु को बहुत प्रिय हैं, इसलिए आषाढ़ माह में तुलसी पूजन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। आइए जानते हैं इस माह तुलसी माता की पूजा किस विधि से करें और किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

सुबह तुलसी को जल अर्पण करें

आषाढ़ मास के पूरे तीस दिनों में प्रतिदिन सूर्योदय के बाद तुलसी माता को जल चढ़ाएं। जल अर्पित करते समय भगवान विष्णु के मंत्रों का उच्चारण करें और दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करें। इस नियमित अभ्यास से घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है। ध्यान रहे कि रविवार के दिन, एकादशी तिथि पर तथा सूर्य और चंद्र ग्रहण के समय तुलसी में जल नहीं चढ़ाना चाहिए।

ये भी पढ़ें

शाम को तुलसी के पास जलाएं घी का दीया

आषाढ़ माह में हर शाम तुलसी माता के सामने घी का दीया जलाना बेहद शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। इस दीये की लौ से घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और वातावरण में सकारात्मकता का प्रसार होता है। जो लोग नियमित रूप से संध्या काल में तुलसी माता की आराधना करते हैं, उन पर भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी की भी विशेष कृपा बनी रहती है।

तुलसी की परिक्रमा से दूर होती हैं जीवन की बाधाएं

आषाढ़ मास में तुलसी पूजन के बाद 7, 11 या 21 बार परिक्रमा करने का विधान है। यह परिक्रमा जीवन की समस्त बाधाओं और कठिनाइयों को शीघ्र दूर करती है। जो व्यक्ति इस विधि का नियमित पालन करता है, उसके घर में खुशहाली और शांति बनी रहती है।

भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना है अनिवार्य

आषाढ़ माह पूरी तरह भगवान विष्णु को समर्पित है। इस महीने में रोज पूजा के दौरान विष्णु जी को तुलसी के पत्ते जरूर अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि तुलसी के बिना नारायण की पूजा और उनका भोग दोनों ही अधूरे माने जाते हैं। इसलिए विष्णु जी की हर पूजा में तुलसी दल का समावेश अवश्य करें।

इन मंत्रों से करें भगवान विष्णु की स्तुति

तुलसी पूजन के साथ-साथ भगवान विष्णु के इन मंत्रों का जाप करने से विशेष फल मिलता है:

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
  • ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्

आषाढ़ माह में इन बातों से रखें परहेज

आषाढ़ में धार्मिक फल की प्राप्ति के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन भी जरूरी है। इस माह नीचे बताई गई बातों से दूरी बनाए रखें:

  • मांस, मदिरा, अंडा, मछली, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन न करें।
  • किसी भी प्रकार की नशीली वस्तुओं से पूरी तरह दूर रहें।
  • विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य इस माह वर्जित हैं।
  • आषाढ़ में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन भी नहीं करना चाहिए।

सवाल-जवाब

आषाढ़ माह में तुलसी पूजन का क्या महत्व है?
तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं और आषाढ़ माह विष्णु उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, इसलिए इस माह तुलसी पूजन का विशेष धार्मिक महत्व है।
तुलसी में जल किन दिनों नहीं चढ़ाना चाहिए?
रविवार, एकादशी तिथि और सूर्य या चंद्र ग्रहण के दिन तुलसी में जल अर्पित नहीं करना चाहिए।
आषाढ़ में तुलसी की परिक्रमा कितनी बार करनी चाहिए?
आषाढ़ माह में तुलसी की 7, 11 या 21 बार परिक्रमा करने का विधान बताया गया है।
चातुर्मास क्या होता है और यह कब से शुरू होता है?
चातुर्मास वह चार माह की अवधि है जब भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं। यह आषाढ़ माह की देवशयनी एकादशी से शुरू होता है।
आषाढ़ माह में कौन से मांगलिक कार्य वर्जित हैं?
इस माह विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
क्या आषाढ़ में हरी पत्तेदार सब्जियां खाई जा सकती हैं?
नहीं, आषाढ़ माह में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन वर्जित माना जाता है।
विष्णु पूजा में तुलसी क्यों अनिवार्य है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी के बिना नारायण की पूजा और उनका भोग दोनों ही अधूरे माने जाते हैं, इसलिए विष्णु पूजा में तुलसी दल का होना जरूरी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR