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बारिश थमते ही बालटाल से बाबा बर्फानी की ओर बढ़े श्रद्धालु, जोश देखते ही बनता हैधर्म
3 जुल॰ 2026, 7:57 am (45 दिन पहले)· 2

बारिश थमते ही बालटाल से बाबा बर्फानी की ओर बढ़े श्रद्धालु, जोश देखते ही बनता है

बारिश और खराब मौसम की वजह से थमी अमरनाथ यात्रा बालटाल बेस कैंप से फिर शुरू हो गई है, जहां से 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन के लिए रवाना हुए, वहीं करीब 10 हजार और श्रद्धालुओं को पहलगाम रूट से आगे बढ़ने की इजाजत दी गई है।

बारिश और खराब मौसम की वजह से कुछ घंटों के लिए ठहरी अमरनाथ यात्रा बालटाल बेस कैंप से एक बार फिर शुरू हो गई है और श्रद्धालु नए जोश के साथ आगे बढ़ चले हैं। तीर्थयात्रियों का पहला बड़ा जत्था बम बम भोले के जयकारों के साथ पूरी आस्था लेकर पवित्र गुफा की तरफ रवाना हुआ। प्रशासन के मुताबिक 10 हजार से ज्यादा तीर्थयात्री बालटाल से आगे बढ़कर गुफा में प्राकृतिक रूप से बने शिवलिंग के दर्शन करेंगे और आज शाम तक बेस कैंप में वापस लौट आएंगे।

16 किलोमीटर के दुर्गम रास्ते पर नहीं थमा हौसला

बीते दिनों के खराब मौसम और उबड़-खाबड़ रास्ते के बावजूद बालटाल से पवित्र गुफा तक का 16 किलोमीटर लंबा और मुश्किल सफर श्रद्धालुओं के उत्साह को डिगा नहीं पाया। रास्ते में कई तीर्थयात्रियों ने रुक-रुककर पूजा-पाठ किया और धार्मिक रस्में निभाईं। बाबा बर्फानी के दर्शन की चाहत में हर मोड़ पर उनका जोश और नया दिखा, न मौसम की मार असर कर पाई और न ही कठिन चढ़ाई उनके कदम रोक पाई।

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जयकारे सुनाई देते रहे, जोश कम नहीं हुआ

सुबह-सुबह यात्रा पर निकले एक श्रद्धालु ने कहा, हर पड़ाव पर हमें जयकारे और प्रार्थनाएं सुनाई दे रही थीं; लोगों का जोश कम नहीं हुआ है। यात्रा से जुड़े अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे रास्ते पर सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी, ताकि मुश्किल हिस्सों में भी भीड़ आराम से आगे बढ़ सके।

पहलगाम रूट से भी हजारों श्रद्धालु रवाना

इसी बीच अधिकारियों ने करीब 10 हजार तीर्थयात्रियों को पारंपरिक पहलगाम रास्ते से आगे बढ़ने की इजाजत दी। बताया गया कि पहलगाम रूट से जाने वाले श्रद्धालुओं को करीब 42 किलोमीटर लंबी और अपेक्षाकृत लंबी यात्रा तय करनी होगी, और उनके एक-दो दिन में यात्रा पूरी करके पहलगाम लौट आने की उम्मीद जताई गई है।

मौसम पर श्राइन बोर्ड की पैनी नजर, आपात इंतजाम तैयार

श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर मौसम के पूर्वानुमान और दोनों रास्तों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मौसम या सेहत से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए मेडिकल टीमें, इमरजेंसी शेल्टर और बचाव दल पहले से ही तैनात करके रखे गए हैं, ताकि चढ़ाई के दौरान किसी भी मुश्किल घड़ी में फौरन मदद पहुंचाई जा सके।

आस्था और चुनौती का हर साल जुड़ने वाला रिश्ता

कश्मीर में हर गर्मी में होने वाली यह यात्रा हमेशा से शारीरिक चुनौती और गहरी आध्यात्मिक श्रद्धा का अनोखा संगम रही है, जहां श्रद्धालु दर्शन की एक झलक पाने के लिए कठिन रास्तों को पार करने से पीछे नहीं हटते। इस साल तीर्थयात्रियों की बढ़ी हुई संख्या, बीच में मौसम की वजह से आया अस्थायी ठहराव के बावजूद, बाबा बर्फानी के दर्शन के प्रति भक्तों के अटूट संकल्प को साफ दिखाती है।

सवाल-जवाब

बालटाल बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा फिर कब शुरू हुई?
बारिश और खराब मौसम की वजह से रुकी यात्रा बालटाल से फिर शुरू हो गई और पहला बड़ा जत्था पवित्र गुफा की ओर रवाना हुआ।
बालटाल से आज कितने श्रद्धालु दर्शन के लिए जाएंगे?
10 हजार से ज्यादा तीर्थयात्री बालटाल से आगे बढ़ेंगे और आज शाम तक बेस कैंप लौट आएंगे।
बालटाल से पवित्र गुफा तक का रास्ता कितना लंबा है?
यह रास्ता करीब 16 किलोमीटर लंबा और मुश्किल है।
पहलगाम रूट से कितने श्रद्धालुओं को अनुमति मिली है?
करीब 10 हजार श्रद्धालुओं को पारंपरिक पहलगाम रास्ते से जाने की अनुमति दी गई है।
पहलगाम रूट के श्रद्धालुओं को कितनी दूरी तय करनी होगी?
उन्हें करीब 42 किलोमीटर लंबी यात्रा तय करनी होगी और उनके एक-दो दिन में पहलगाम लौटने की उम्मीद है।
यात्रा के दौरान सुरक्षा और आपात इंतजाम के लिए क्या किया गया है?
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने मौसम और रास्तों पर नजर रखने के साथ मेडिकल टीमें, इमरजेंसी शेल्टर और बचाव दल तैयार रखे हैं।
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