जम्मू और कश्मीर में आयोजित हो रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर 9 अगस्त 2026 से अस्थायी रूप से रोक लगाने का फैसला लिया गया है। पवित्र गुफा की ओर जाने वाले दोनों प्रमुख रास्तों, अनंतनाग जिले के चंदनवाड़ी मार्ग और गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग से अब तीर्थयात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो श्रद्धालु इस साल बाबा बर्फानी के दर्शन की योजना बना रहे थे, उन्हें अब अगली यात्रा का इंतजार करना पड़ेगा। प्रशासन ने यह कदम दुर्गम पर्वतीय पटरियों की तत्काल मरम्मत करने और संभावित खराब मौसम के दौरान श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया है। हालांकि, यात्रा से जुड़े सभी निर्धारित धार्मिक अनुष्ठान अपनी तय तिथियों पर पूरे किए जाएंगे।
ट्रैक मरम्मत और मौसम की चेतावनी के कारण लिया गया निर्णय
हाल के दिनों में यात्रा क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण चंदनवाड़ी और बालटाल दोनों मार्गों के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे पैदल चलना बेहद जोखिम भरा हो गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को इन प्रभावित हिस्सों के जीर्णोद्धार और रखरखाव का काम सौंपा है। बीआरओ की तकनीकी टीमें रास्तों को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाने का काम करेंगी। इसके अतिरिक्त, मौसम पूर्वानुमान में आगामी दिनों में और अधिक प्रतिकूल मौसम की संभावना व्यक्त की गई है, जिसे देखते हुए अधिकारियों ने एहतियातन 9 अगस्त से आवाजाही रोकने का निर्णय किया है।
57 दिनों की यात्रा में 4.8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
इस वर्ष की 57-दिवसीय अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ 3 जुलाई 2026 को हुआ था। शुरुआत से ही देश-विदेश से आए भक्तों में भारी उत्साह देखा गया और अब तक 4.8 लाख से भी अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। दोनों पारंपरिक मार्गों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में शिवभक्त पवित्र गुफा पहुंचे। बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की मदद से लाखों लोगों ने बिना किसी बाधा के अपनी आस्था जताई। 9 अगस्त से आम प्रवेश बंद होने के साथ ही दैनिक दर्शन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
'छड़ी मुबारक' पूजन के साथ 28 अगस्त को होगा औपचारिक समापन
आम जनता के लिए रास्ते बंद किए जाने के बावजूद धार्मिक परंपराएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। पवित्र 'छड़ी मुबारक' अपनी पारंपरिक पहलगाम यात्रा के अनुसार आगे बढ़ेगी और पवित्र गुफा पहुंचेगी। इसके बाद 28 अगस्त 2026 को पवित्र 'छड़ी मुबारक' के विशेष पूजन और आरती के साथ इस साल की अमरनाथ यात्रा का औपचारिक समापन घोषित किया जाएगा। इस अंतिम धार्मिक अनुष्ठान के बाद वर्ष 2026 की यात्रा पूरी तरह संपन्न मानी जाएगी।



















