रक्षाबंधन के पावन पर्व के नजदीक आते ही देश भर के मंदिरों में भाई-बहन के स्नेह और सुरक्षा के संकल्प से जुड़े अनूठे रंग दिखाई देने लगे हैं। इसी कड़ी में बीकानेर के जयपुर रोड पर बने श्री खाटू श्याम मंदिर में पुत्रदा एकादशी के विशेष अवसर पर एक बेहद भव्य और आकर्षक नजारा देखने को मिला। रविवार को इस पावन तिथि पर बाबा श्याम को पूरे सात फीट लंबी एक विशेष राखी अर्पित की गई। इस विशाल और कलात्मक राखी से सजे बाबा के दरबार की अलौकिक छटा ने पूरे दिन मंदिर आने वाले तमाम श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचे रखा और यह आयोजन आस्था का मुख्य केंद्र बन गया।
मंदिर के मुख्य पुजारी चेतन शर्मा और किशन जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूरी विधि-विधान के साथ इस अनुष्ठान को संपन्न कराया और बाबा की विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के.के. शर्मा ने इस मौके पर जानकारी दी कि पुत्रदा एकादशी के इस पावन पर्व पर बाबा को सात फीट लंबी यह अनूठी राखी समर्पित की गई है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती हुई भारी भीड़ को प्रबंधित करने और सुचारू दर्शन सुनिश्चित करने के लिए मंदिर प्रशासन की तरफ से विशेष इंतजाम और दर्शन व्यवस्था की गई थी ताकि हर भक्त आसानी से बाबा के दर्शन कर सके।
भक्त बाबा को मानते हैं परिवार का हिस्सा
पुत्रदा एकादशी के इस खास मौके पर दीपशिखा विजयवर्गीय ने आगे आकर श्याम बाबा को यह सात फीट लंबी भव्य राखी अर्पित की। इस विशाल राखी को कई तरह के चमकीले रंगों और सुंदर सजावटी सामग्रियों का इस्तेमाल करके विशेष रूप से केवल बाबा के लिए ही तैयार किया गया था। जब इस राखी को बाबा के दरबार में सजाया गया, तो इसका मनमोहक स्वरूप देखने लायक बन गया। आम तौर पर रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं। ठीक इसी तरह श्री खाटू श्याम मंदिर में आने वाले श्रद्धालु बाबा श्याम को कोई देवता मात्र न मानकर अपना भाई और परिवार का एक अहम सदस्य मानते हैं। इसी गहरी आत्मीय और धार्मिक भावना के तहत बाबा को यह विशाल राखी चढ़ाई गई, और उपस्थित भक्तों ने अपने पूरे परिवार की सुख-समृद्धि और रक्षा की कामना की।
जय श्री श्याम के जयकारों से गूंजा पूरा परिसर
सात फीट लंबी इस अद्भुत राखी के दर्शन करने और बाबा के इस विशेष रूप को निहारने के लिए सुबह सवेरे से ही भक्तों का तांता लग गया था। जब बाबा को यह राखी अर्पित की जा रही थी, उस दौरान पूरा मंदिर परिसर जय श्री श्याम के गूंजते जयकारों से पूरी तरह प्रकंपित हो उठा। भक्तों ने कतारों में लगकर बाबा के दर्शन किए, विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया। इस विशाल राखी को लेकर विशेष रूप से छोटे बच्चों और महिलाओं के बीच भारी उत्साह और उल्लास देखा गया। पुत्रदा एकादशी के इस पवित्र अवसर पर मंदिर को दिल्ली से मंगवाए गए विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे और ताजे फूलों से बेहद करीने से सजाया गया था। इन फूलों की सुंदर सजावट और सोंधी खुशबू के बीच सात फीट की इस भव्य राखी से सजा बाबा का दरबार अत्यंत दिव्य और आकर्षक प्रतीत हो रहा था। कई श्रद्धालुओं ने इस खास और दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल के कैमरों में भी कैद किया ताकि वे इस पल को हमेशा याद रख सकें। पूरे दिन मंदिर में भक्तों का आना-जाना लगातार बना रहा और सात फीट की इस सुंदर राखी से सजा दरबार हर आने वाले के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र रहा। भक्तों ने इस पूरी परंपरा को अटूट भक्ति और आत्मीयता का एक अनूठा उदाहरण बताया।



















