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गणेश चतुर्थी 2026: पूजन सामग्री और स्थापना के जरूरी नियमधर्म
13 सित॰ 2026, 11:00 am (17 दिन पहले)· 0

गणेश चतुर्थी 2026: पूजन सामग्री और स्थापना के जरूरी नियम

गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस पावन अवसर पर बिना किसी रुकावट के पूजा संपन्न करने के लिए अभी से पूरी सामग्री और स्थापना के नियमों की तैयारी कर लें।

गणेश चतुर्थी का पावन पर्व आगामी 14 सितंबर को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर गणेशोत्सव की शुरुआत होती है। सनातन संस्कृति में इस त्योहार का बहुत बड़ा स्थान है क्योंकि यह विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है, जिन्हें किसी भी शुभ कार्य से पहले पूजा जाता है। ऐसी आस्था है कि इस दिन जो भक्त पूरी निष्ठा और विधि-विधान से बप्पा की आराधना करते हैं, उनके जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

गणेश चतुर्थी पूजन सामग्री की पूरी सूची

अनुष्ठान के समय किसी भी जरूरी वस्तु की कमी न रह जाए, इसलिए पहले से ही बाजार से सभी सामग्री जुटा लेना समझदारी होगी। पंचामृत तैयार करने के लिए दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा घास और मोदक का होना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। कई घरों में बप्पा को दूर्वा की इक्कीस गांठें अर्पित करने की पुरानी परंपरा चली आ रही है, जिसे बहुत शुभ माना गया है।

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प्रतिमा स्थापना के महत्वपूर्ण नियम

गणेशोत्सव के दौरान घर में गणपति की मूर्ति स्थापित करते समय कुछ खास धार्मिक नियमों का पालन करना बहुत जरूरी माना जाता है। सबसे पहले पूजा वाले स्थान को अच्छी तरह साफ कर लें और वहां एक साफ चौकी रखकर उस पर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाएं। इसके बाद बप्पा की प्रतिमा को पूरी श्रद्धा के साथ उस पर विराजमान करें।

मूर्ति रखते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। भगवान गणेश की प्रतिमा के पास ही कलश की स्थापना भी की जाती है। इसके पश्चात उन्हें लाल फूल, सिंदूर, दूर्वा और मोदक अर्पित करें। स्थापना के बाद रोजाना सुबह-शाम नियम से भगवान की आरती और पूजा करें। घर के अंदर पूरी तरह सात्विक माहौल बनाए रखें, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि सच्चे हृदय से की गई पूजा से सारे संकट टल जाते हैं।

सवाल-जवाब

गणेश चतुर्थी 2026 कब है?
गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा।
पंचामृत में कौन सी पांच चीजें शामिल हैं?
पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल शामिल होते हैं।
पूजा के समय मुंह किस दिशा में होना चाहिए?
पूजा करते समय भक्त का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
भगवान गणेश को क्या अर्पित करना सबसे शुभ है?
भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
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