हर साल की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। आगामी 30 जुलाई से इस पावन यात्रा की शुरुआत होने जा रही है जिसके साथ ही पूरी तीर्थनगरी हरिद्वार 'बोल बम' के जयकारों से गूंज उठेगी। मुख्य रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और हरियाणा समेत कई अन्य राज्यों से लाखों की संख्या में कांवड़िए इस पवित्र नगरी का रुख करते हैं। इन सभी श्रद्धालुओं का मुख्य उद्देश्य हरिद्वार पहुंचकर वहां स्थित विश्व प्रसिद्ध हर की पौड़ी घाट से पवित्र गंगाजल भरना और उसे अपने-अपने शिवालयों तक ले जाना होता है। इतनी बड़ी संख्या में शिवभक्तों के आगमन के कारण पूरे शहर में ठहरने की जगहों की काफी मांग रहती है। थके हुए श्रद्धालु हमेशा ऐसी धर्मशालाओं और होटलों की तलाश में रहते हैं जो उनकी जेब पर भारी न पड़ें और बुनियादी सुविधाएं भी दें। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शहर में कई ऐसी सस्ती और सुविधाजनक धर्मशालाएं मौजूद हैं जो खाने-पीने से लेकर ठहरने तक का बेहतरीन और किफायती प्रबंध करती हैं। आज हम आपको हरिद्वार के 6 ऐसे ही प्रमुख आश्रमों और धर्मशालाओं के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं जहां आप मात्र 100 रुपये के शुरुआती किराये पर कमरा ले सकते हैं।
हर की पौड़ी का धार्मिक महत्व और अमृत की कथा
यह सवाल कई बार मन में उठता है कि कांवड़िए गंगाजल भरने के लिए मुख्य रूप से हरिद्वार की 'हर की पौड़ी' को ही क्यों चुनते हैं। इसके पीछे गहरी धार्मिक मान्यताएं और पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसा माना जाता है कि इसी पवित्र स्थान पर भगवान विष्णु ने अपने चरणों के निशान छोड़े थे। पतित पावनी गंगा नदी निरंतर उन पदचिह्नों को स्पर्श करते हुए बहती है। यही कारण है कि इस घाट पर आस्था की एक डुबकी लगाने मात्र से मनुष्य के सारे पाप धुल जाने की मान्यता है। इसके अलावा एक और अत्यंत महत्वपूर्ण पौराणिक कथा समुद्र मंथन से जुड़ी है। मान्यताओं के अनुसार जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन हुआ और उसमें से अमृत कलश प्रकट हुआ, तो उसे पाने के लिए दोनों पक्षों में भयंकर युद्ध छिड़ गया। इसी खींचातानी के बीच जब भगवान विश्वकर्मा उस अमृत कलश को लेकर आकाश मार्ग से जा रहे थे, तो उस कलश से अमृत की कुछ पावन बूंदें धरती पर गिर गईं। वे बूंदें जिस सटीक स्थान पर गिरीं उसे ही आज हम 'हर की पौड़ी' के नाम से जानते हैं। इसी अमृतमयी महिमा के कारण देश भर से कांवड़िए यहां आते हैं और यहीं से गंगाजल भरकर अपनी यात्रा पूरी करते हैं।
आनंद निवास: सीधे गंगा घाट का नजारा
बजट के अनुकूल ठहरने की जगहों की बात करें तो हर की पौड़ी के बिल्कुल नजदीक स्थित आनंद निवास का नाम सबसे ऊपर आता है। जो श्रद्धालु सीधे गंगा तट पर रुकना चाहते हैं उनके लिए यह एक आदर्श विकल्प है। इस धर्मशाला की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके सभी कमरे बिल्कुल गंगा नदी के किनारे बने हुए हैं और हर कमरे से सीधे गंगा का विहंगम नजारा दिखाई देता है। असल में यह इमारत सीधे गंगा घाट के ऊपर ही निर्मित है जिससे भक्तों को घाट तक जाने के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता। यहां कमरों का किराया काफी सस्ता है जो मात्र 200 रुपये से शुरू होकर अधिकतम 800 रुपये तक जाता है।
जयपुरिया यात्री निवास: कम खर्च में एसी की सुविधा
हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में स्थित जयपुरिया यात्री निवास भी कांवड़ियों के बीच काफी लोकप्रिय है। यह जगह प्रसिद्ध भीमगोड़ा से केवल एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्य रूप से वातानुकूलित (एसी) कमरों की व्यवस्था की गई है, लेकिन जो लोग एसी का इस्तेमाल नहीं करना चाहते उनके लिए बिना एसी वाले कमरे भी उपलब्ध हैं। अगर आप अकेले यात्रा कर रहे हैं या बहुत कम खर्च करना चाहते हैं, तो यहां डोरमेट्री और शेयरिंग रूम (साझा कमरे) की सुविधा भी मौजूद है। इन साझा कमरों का किराया महज 100 रुपये प्रति व्यक्ति है। वहीं अगर आप एसी वाला डबल बेड का कमरा चाहते हैं, तो उसकी शुरुआत 500 रुपये से हो जाती है। इसके अलावा बड़े समूहों या परिवारों के लिए चार बेड वाला कमरा केवल 1000 रुपये में आसानी से मिल जाता है।
निष्काम सेवा ट्रस्ट: मुफ़्त और असीमित भोजन की सुविधा
जयपुरिया यात्री निवास से बस कुछ ही कदमों की दूरी पर निष्काम सेवा ट्रस्ट स्थित है जो अपनी खास सेवा भावना के लिए जाना जाता है। इस ट्रस्ट की सबसे बड़ी और अनोखी विशेषता यह है कि यहां ठहरने वाले यात्रियों को तीनों समय का भोजन बिल्कुल मुफ्त दिया जाता है। इसका सीधा मतलब यह है कि आप जो भी कमरा किराये पर लेते हैं उसी किराये के भीतर सुबह का नाश्ता (ब्रेकफास्ट), दोपहर का भोजन (लंच) और रात का खाना (डिनर) पूरी तरह से शामिल होता है। सबसे अच्छी बात यह है कि भोजन की कोई सीमा नहीं है और आप भरपेट खाना खा सकते हैं। कमरों की बात करें तो यहां दो बेड वाले शानदार एसी कमरे का किराया 1000 रुपये तय किया गया है जो मुफ्त भोजन की सुविधा को देखते हुए बेहद किफायती साबित होता है।
अग्रवाल भवन: फाइव स्टार जैसी सफाई और स्वादिष्ट भोजन
अगर आप कम बजट में किसी महंगे होटल जैसा अहसास चाहते हैं, तो अग्रवाल भवन आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है। यह जगह बेहद बजट फ्रेंडली होने के बावजूद अपनी बेहतरीन साफ-सफाई के लिए जानी जाती है। यहां के कमरे और लॉन की देखभाल इतने अच्छे तरीके से की जाती है कि आपको किसी फाइव स्टार होटल में ठहरने जैसा अनुभव मिलेगा। अग्रवाल भवन में एसी कमरों की शुरुआत 600 रुपये से होती है। खाने-पीने के शौकीनों के लिए यहां सिर्फ 100 रुपये में एक पूरी थाली परोसी जाती है। इस स्वादिष्ट थाली में आपको दाल-पनीर, ताजे आलू की सब्जी, मिस्सी रोटी, पापड़ और सलाद परोसा जाता है जो यात्रा के दौरान आपको घर जैसा स्वाद देता है।
महाजन भवन: बेहतरीन पार्किंग और परिसर में मंदिर
इस सूची में अगला प्रमुख नाम महाजन भवन का है। यहां तक पहुंचने का रास्ता भी काफी आसान है। आप हरिद्वार रेलवे स्टेशन या अन्य किसी जगह से शेयरिंग ऑटो लेकर सीधे दूधाधारी चौक आ सकते हैं जहां यह भवन स्थित है। जो श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से कांवड़ यात्रा पर आते हैं उनके लिए यहां पार्किंग की बहुत ही अच्छी और सुरक्षित व्यवस्था की गई है। यहां भोजन भी काफी सस्ता है, सुबह का नाश्ता महज 60 रुपये में उपलब्ध है जबकि दोपहर या रात की खाने की थाली का दाम 90 रुपये रखा गया है। कमरों के किराये की बात करें तो यहां वातानुकूलित (एसी) कमरा 800 रुपये में मिल जाता है जबकि कूलर वाला कमरा सिर्फ 400 रुपये में उपलब्ध है। अगर आपका समूह बड़ा है, तो 5 बेड वाला बिना एसी का कमरा 800 रुपये में और 5 बेड वाला एसी कमरा 1300 रुपये में बुक किया जा सकता है। इसके अलावा श्रद्धालुओं की आध्यात्मिक शांति के लिए इसी भवन के विशाल परिसर के अंदर भगवान लक्ष्मी नारायण का एक सुंदर मंदिर भी बना हुआ है।
प्रेम आश्रम: निजी गंगा घाट और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा
हरिद्वार के ज्वालापुर रोड पर मौरानी मोड़ के पास स्थित प्रेम आश्रम शहर के सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय आश्रमों में से एक है। रेलवे स्टेशन से यहां तक पहुंचने के लिए आप शेयरिंग ऑटो का इस्तेमाल कर सकते हैं जिसका किराया 30 रुपये है, जबकि अगर आप पूरा पर्सनल ऑटो बुक करते हैं तो आपको 100 रुपये चुकाने होंगे। इस आश्रम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसका अपना खुद का निजी गंगा घाट है जहां श्रद्धालु बिना किसी भीड़भाड़ के शांति से स्नान कर सकते हैं। इसके साथ ही आपात स्थिति के लिए आश्रम के भीतर ही चिकित्सा सुविधा (मेडिकल फैसिलिटी) भी मौजूद रहती है। यहां साधारण कमरों की शुरुआत 500 रुपये से हो जाती है जबकि वातानुकूलित (एसी) कमरे 1000 रुपये में उपलब्ध हैं। अगर आप यहां भोजन करना चाहते हैं तो खाने की थाली का रेट 100 रुपये तय किया गया है।



















