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महाकाल लोक में एक पैर पर खड़े होकर रोजाना 3 घंटे ॐ नमः शिवाय का जाप करते हैं खंडवा के तपस्वी राहुलधर्म
6 अग॰ 2026, 4:18 pm (55 दिन पहले)· 1

महाकाल लोक में एक पैर पर खड़े होकर रोजाना 3 घंटे ॐ नमः शिवाय का जाप करते हैं खंडवा के तपस्वी राहुल

खंडवा के राहुल पिछले 6 वर्षों से हर श्रावण मास में महाकाल लोक में पेड़ पर एक पैर के सहारे खड़े रहकर 3 घंटे तक अखंड ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश की पावन धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित महाकाल लोक में इन दिनों आस्था और भक्ति का एक अनोखा दृश्य देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश के ही खंडवा जिले के रहने वाले तपस्वी राहुल पिछले 6 वर्षों से हर श्रावण मास में रोजाना 3 घंटे तक एक पैर के सहारे पेड़ पर खड़े होकर भगवान शिव की कठिन साधना कर रहे हैं। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलने वाले इस नियम में वे निरंतर “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का अखंड जाप करते हैं। उनकी यह अनूठी साधना महाकाल दर्शन के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के आकर्षण और कौतूहल का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

विश्व शांति और जगकल्याण के लिए कठिन साधना

तपस्वी राहुल का कहना है कि उनकी यह कठिन साधना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ या निजी मनोकामना की पूर्ति के लिए नहीं है। उन्होंने बताया कि लगभग 6 साल पहले एक रात सपने में उन्हें भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु, भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य दर्शन हुए थे। इस स्वप्न से प्रेरणा लेकर उन्होंने जगकल्याण, विश्व शांति और मानवता की सुख-समृद्धि के लिए तपस्या करने का संकल्प लिया। उसी मोड़ के बाद से उन्होंने अपना नाम तपस्वी राहुल रख लिया। हालांकि उनका अपना परिवार भी है, लेकिन हर साल श्रावण मास की शुरुआत होते ही वे अपने घर-परिवार को छोड़कर शिव आराधना के लिए उज्जैन पहुंच जाते हैं और इसी भक्ति मार्ग को अपने जीवन का उद्देश्य मानते हैं।

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शुरुआती उपहास से आश्रम के आश्रय तक का सफर

अपनी साधना के शुरुआती दिनों को याद करते हुए राहुल बताते हैं कि जब उन्होंने पहली बार इस प्रकार एक पैर पर खड़े होकर कठिन तप शुरू किया था, तब कई लोगों ने उनका मजाक उड़ाया था और उनके इस कदम पर तरह-तरह की बातें कही थीं। लेकिन समय के साथ उनकी निष्ठा और अटूट भक्ति देखकर वही लोग आज उनके प्रति सम्मान और प्रशंसा व्यक्त करते हैं। राहुल की साधना से प्रभावित होकर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मौनी तीर्थ आश्रम के महामंडलेश्वर संत सुमनानंद गिरी ने उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। संत सुमनानंद गिरी के निर्देश पर मौनी तीर्थ आश्रम में ही राहुल के रहने और भोजन की पूरी व्यवस्था कर दी गई है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी साधना जारी रख सकें।

स्थानीय लोगों का अनुभव और महाकाल मंदिर परिसर में तपस्या की इच्छा

महाकाल लोक में दुकान चलाने वाले स्थानीय व्यापारियों और नियमित दर्शनार्थियों के लिए राहुल की यह साधना रोजाना का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि राहुल प्रतिदिन तय समय पर सुबह 10 बजे आते हैं और लगातार 3 घंटे तक बिना हिले-डुले पेड़ पर एक पैर के सहारे खड़े रहकर प्रभु का ध्यान करते हैं। राहुल की अंतिम इच्छा है कि उन्हें उज्जैन के मुख्य महाकाल मंदिर परिसर के भीतर बैठकर तपस्या करने की अनुमति दी जाए, ताकि मंदिर आने वाले दूर-दराज के श्रद्धालु भी इस साधना को देखकर भक्ति और धर्म की प्रेरणा प्राप्त कर सकें।

सवाल-जवाब

तपस्वी राहुल कौन हैं और वे कहां के रहने वाले हैं?
तपस्वी राहुल मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के निवासी हैं, जो पिछले 6 वर्षों से उज्जैन में कठिन शिव साधना कर रहे हैं।
राहुल प्रतिदिन किस प्रकार की तपस्या करते हैं?
वे हर श्रावण मास में रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक पेड़ पर एक पैर के सहारे खड़े होकर 3 घंटे तक 'ॐ नमः शिवाय' का अखंड जाप करते हैं।
उन्होंने यह कठिन साधना क्यों शुरू की?
6 साल पहले एक सपने में भगवान ब्रह्मा, विष्णु, शिव और माता पार्वती के दर्शन मिलने के बाद उन्होंने विश्व शांति और जगकल्याण के उद्देश्य से यह साधना शुरू की।
उज्जैन में उनके रहने और भोजन की व्यवस्था किसने की है?
गुरु पूर्णिमा पर आशीर्वाद मिलने के बाद मौनी तीर्थ आश्रम के महामंडलेश्वर संत सुमनानंद गिरी ने उनके रहने और भोजन की व्यवस्था आश्रम में करवाई है।
तपस्वी राहुल की अगली इच्छा क्या है?
उनकी इच्छा है कि उन्हें मुख्य महाकाल मंदिर परिसर में बैठकर तपस्या करने की अनुमति मिले ताकि श्रद्धालु उनसे प्रेरणा ले सकें।
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