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पूर्णिया के एनएच-31 पर सिद्धेश्वरनाथ मंदिर बना कांवरियों का पड़ाव, सावन से पहले मिलेगा 42 दिन तक मुफ्त आसराधर्म
22 जुल॰ 2026, 6:02 am (71 दिन पहले)· 2

पूर्णिया के एनएच-31 पर सिद्धेश्वरनाथ मंदिर बना कांवरियों का पड़ाव, सावन से पहले मिलेगा 42 दिन तक मुफ्त आसरा

पूर्णिया के एनएच-31 किनारे बने सिद्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सावन से पहले कांवरियों का पड़ाव बढ़ गया है, जहां 42 दिनों तक मुफ्त भोजन, प्रसाद और ठहरने की व्यवस्था शुरू की गई है।

सावन शुरू होने में अब बस चंद दिन बचे हैं और उत्तर बिहार से लेकर पूर्वोत्तर तक शिव भक्तों के बीच कांवर यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। हिंदू मान्यताओं में सावन को शिव भक्ति का सबसे उत्तम समय माना जाता है और कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई आराधना से इच्छाएं पूरी होती हैं, हालांकि भोलेनाथ के भक्तों की श्रद्धा किसी एक महीने के दायरे में कभी सिमटी नहीं रहती। असम, पश्चिम बंगाल, नेपाल और आसपास के राज्यों से बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर निकले श्रद्धालु अब पूर्णिया की सड़कों से गुजरना शुरू कर चुके हैं, और इसी रास्ते में एक शिव मंदिर हर साल की तरह इस बार भी उनके लिए सबसे भरोसेमंद पड़ाव बन गया है।

एनएच-31 किनारे कारी कोसी नदी तट पर बना है मंदिर

श्री श्री 108 सिद्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर पूर्णिया शहर के हरदा बाजार पुल के नजदीक, कारी कोसी नदी के तट पर, मैनीमठ मरंगा मिल्की वार्ड नंबर-9 में स्थित है। एनएच-31 पर होने के चलते हर तरफ से गुजरने वाले कांवरियों की नजर सबसे पहले इसी मंदिर पर पड़ती है, और सावन के दिनों में यहां भीड़ लगातार बढ़ती चली जाती है।

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व्यापारी चंदू सौदागर से जुड़ी है मंदिर की कहानी

गांव के बुजुर्गों की मानें तो इस पुराने मंदिर की नींव व्यापारी चंदू सौदागर ने रखी थी। नदी किनारे बसा होने से मंदिर परिसर की हरियाली और शांत माहौल इसे बाकी मंदिरों से अलग पहचान देता है, यही वजह है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु यहां रुककर सुकून महसूस करते हैं। गर्भगृह में भोलेनाथ के साथ माता पार्वती, गणेश जी, भगवान कार्तिकेय, राधा-कृष्ण, हनुमान जी और मां दुर्गा की मूर्तियां भी स्थापित हैं, जिससे यह मंदिर एक तरह से पूरे देवालय जैसा नजर आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राकृतिक सुंदरता और एक ही परिसर में कई देवी-देवताओं की मौजूदगी ही हर साल यहां भीड़ बढ़ाने की असली वजह है।

असम से ओडिशा तक, कई राज्यों के कांवरिया यहीं रुकते हैं

पूर्णिया एनएच-31 पर पड़ता है, इसलिए असम, बंगाल, नेपाल, ओडिशा, काठमांडू, सिलीगुड़ी और फरक्का की तरफ से देवघर जा रहे कांवरिया रास्ते में यहां जरूर दम लेते हैं। ज्यादातर श्रद्धालु पहले भोलेनाथ के सामने माथा टेकते हैं, अपनी मनोकामना कहते हैं और फिर महाभंडारे का प्रसाद ग्रहण करने के बाद दोबारा बाबा धाम की राह पकड़ते हैं। लंबे सफर के बीच यह ठहराव कांवरियों को शारीरिक राहत के साथ-साथ मानसिक सुकून भी देता है।

42 दिन तक चलेगी मुफ्त भोजन और ठहरने की व्यवस्था

इस साल मंदिर प्रबंधन ने कांवरियों की सुविधा के लिए 42 दिनों तक चलने वाला निःशुल्क सेवा शिविर और महाभंडारा भी शुरू कर दिया है। इस दौरान यहां आने वाले हर श्रद्धालु के लिए भोजन, प्रसाद, विश्राम और रात में ठहरने तक की मुफ्त व्यवस्था रहेगी। शिविर के शुभारंभ कार्यक्रम में डिप्टी मेयर पल्लवी गुप्ता और भोला साह के अलावा स्थानीय समिति से जुड़े सुमन कुमार दास, तपस कुमार दास, भोला मेहता, सपन घोष और टुनटुन कुमार समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

युवाओं की टीम बोली, सेवा ही सबसे बड़ा धर्म

समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि हर बरस की तरह इस बार भी स्थानीय युवाओं की एक टीम ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ यह जिम्मेदारी उठाई है। उनके मुताबिक अगले 42 दिनों तक यहां पहुंचने वाले हर कांवरिया के लिए भोजन, पीने का पानी, विश्राम और ठहरने की पूरी व्यवस्था बनी रहेगी, ताकि लंबी यात्रा के दौरान किसी भी भक्त को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

सवाल-जवाब

सिद्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर कहां स्थित है?
यह पूर्णिया के एनएच-31 किनारे हरदा बाजार पुल के पास, कारी कोसी नदी तट पर, मैनीमठ मरंगा मिल्की वार्ड नंबर-9 में स्थित है।
इस मंदिर का निर्माण किसने कराया था?
स्थानीय मान्यता के अनुसार इसका निर्माण व्यापारी चंदू सौदागर ने कराया था।
कांवरिया इस मंदिर में क्यों रुकते हैं?
एनएच-31 पर स्थित होने के कारण असम, बंगाल, नेपाल, ओडिशा, काठमांडू, सिलीगुड़ी और फरक्का से देवघर जाने वाले कांवरिया रास्ते में यहां रुककर पूजा करते हैं और प्रसाद ग्रहण करते हैं।
मंदिर में सेवा शिविर कितने दिनों तक चलेगा?
कांवरियों के लिए 42 दिनों तक निःशुल्क सेवा शिविर और महाभंडारा चलेगा।
शिविर में श्रद्धालुओं को क्या सुविधाएं मिलेंगी?
श्रद्धालुओं के लिए भोजन, प्रसाद, पेयजल, विश्राम और ठहरने की मुफ्त व्यवस्था की गई है।
शिविर के उद्घाटन में कौन-कौन मौजूद रहे?
डिप्टी मेयर पल्लवी गुप्ता, भोला साह और स्थानीय समिति के सदस्य सुमन कुमार दास, तपस कुमार दास, भोला मेहता, सपन घोष और टुनटुन कुमार मौजूद रहे।
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