लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा, शशि थरूर ने रखी अपनी बातदिवंगत अभिनेता देवानंद की संतान सुनील आनंद नहीं रहे, 70 वर्ष की आयु में कार्डिएक अरेस्ट से लंदन में हुआ निधनवियो ने पेश किया नया इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल रोवर, साझा गतिशीलता बाजार में बड़ी छलांग की तैयारीबेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस नेता राजू नस्कर पुलिस कस्टडी में, रंगदारी और धमकी के आरोपों पर बड़ा एक्शनसिर्फ तीन चीजों से किचन में बनाएं बाजार जैसा कस्टर्ड पाउडर, 6 महीने तक रहेगा तरोताजाआषाढ़ पूर्णिमा पर लक्ष्मी नारायण की विशेष आराधना से दूर होगी आर्थिक तंगी, जानें आचार्य इंदु प्रकाश के आठ सिद्ध उपायडोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, अमेरिकी फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक रहा विश्व कप का आयोजनमहाभारत में अर्जुन का किरदार निभाने के बाद भी शहीर शेख को क्यों झेलनी पड़ी थी बेरोजगारीतेल बाजार में भारी गिरावट, क्या निवेशक कर रहे हैं जल्दबाजी या मध्य पूर्व की उम्मीदें हैं अतिरेकघर में रखा सोना अब भारत में उधार लेने का पसंदीदा जरिया बनता जा रहा है
साल 2026 में चंद्र ग्रहण के साये में रक्षाबंधन, जानिए सूतक काल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारीधर्म
27 जुल॰ 2026, 9:01 pm (1 दिन पहले)· 1

साल 2026 में चंद्र ग्रहण के साये में रक्षाबंधन, जानिए सूतक काल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

साल 2026 में 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन आंशिक चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। जानिए भारत में इसका क्या असर होगा और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट रिश्ते का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन वर्ष 2026 में एक बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना के साथ आ रहा है। इस बार श्रावण पूर्णिमा के पावन अवसर पर आंशिक चंद्र ग्रहण लगने की वजह से लोगों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या इस खगोलीय हलचल से पारंपरिक राखी के त्योहार पर कोई असर पड़ेगा या नहीं। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस तरह का मेल काफी खास माना जाता है, क्योंकि इससे व्रत, अनुष्ठान, मंदिरों के कपाट और पूजा के समय को लेकर कई तरह की बातें सामने आती हैं।

रक्षाबंधन और चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग

जब भी कोई बड़ा धार्मिक त्योहार किसी ग्रहण या खगोलीय घटना के साथ पड़ता है, तो आमजन के बीच यह असमंजस पैदा हो जाता है कि पूजा-पाठ तय समय पर होगी या नहीं और क्या सूतक काल का पालन करना जरूरी है। वर्ष 2026 में 28 अगस्त को शुक्रवार के दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे होगी और इसका समापन 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे होगा। खास बात यह है कि भद्रा काल सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगा, इसलिए लोगों को राखी बांधने के लिए भद्रा के खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

ये भी पढ़ें

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और समय

पवित्र रक्षा सूत्र बांधने के लिए सबसे उत्तम और शुभ मुहूर्त 28 अगस्त 2026 को सुबह 5:19 बजे से सुबह 9:48 बजे तक रहेगा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि शहर के हिसाब से इन समय में थोड़ा बहुत अंतर आ सकता है। धार्मिक विद्वानों की सलाह है कि लोग अपने स्थानीय पंचांग की मदद से शहर के अनुसार सटीक मुहूर्त की जानकारी ले लें और इसी तयशुदा समय के भीतर ही राखी बांधने की रस्म पूरी करें।

आंशिक चंद्र ग्रहण की टाइमिंग की बात करें तो यह खगोलीय घटना 28 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह लगभग 6:52 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक घटित होगी। हालांकि राहत की बात यह है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि इस दौरान चंद्रमा क्षितिज से नीचे रहेगा।

भारत में सूतक काल और धार्मिक नियम

चूंकि चंद्र ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए अधिकांश पंचांग पद्धतियों के अनुसार देश में सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इसका सीधा मतलब यह है कि भारतीय श्रद्धालु बिना किसी ग्रहण से जुड़ी पाबंदियों या बाधा के अपने पारंपरिक तरीके से रक्षाबंधन का त्योहार मना सकेंगे। यह आंशिक चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका तथा आसपास के महासागरीय क्षेत्रों में ही दृश्यमान होगा।

भले ही इस खगोलीय घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा हो, लेकिन जानकारों का मानना है कि इस दौरान भद्रा काल की स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण हो या न हो, भद्रा के दौरान राखी बांधना वर्जित माना जाता है। इसलिए रक्षाबंधन का असली शुभ मुहूर्त मुख्य रूप से भद्रा की अवधि, पूर्णिमा तिथि और क्षेत्रीय पंचांग की गणना पर ही निर्भर करेगा, न कि आंशिक चंद्र ग्रहण पर।

सवाल-जवाब

साल 2026 में रक्षाबंधन किस तारीख को है?
वर्ष 2026 में रक्षाबंधन शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जाएगा।
क्या 2026 के रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का असर भारत में रहेगा?
नहीं, चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और न ही यहां सूतक काल मान्य होगा, इसलिए त्योहार पर कोई ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
राखी बांधने के लिए सबसे शुभ मुहूर्त कौन सा रहेगा?
राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त 28 अगस्त 2026 को सुबह 5:19 बजे से सुबह 9:48 बजे तक रहेगा।
क्या इस बार भद्रा काल का रक्षाबंधन पर प्रभाव होगा?
भद्रा काल सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगा, इसलिए इसके खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR