पंचांग की गणना के मुताबिक गणेशोत्सव के पावन पर्व पर श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार भगवान गणेश की स्थापना के बाद डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन या फिर 11वें दिन उनकी प्रतिमा का विसर्जन कर सकते हैं। धार्मिक शास्त्रों में विषम दिनों यानी 1.5, 3, 5, 7 और 11 की संख्या को विसर्जन के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। आमतौर पर बड़े मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में स्थापित की जाने वाली गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के मुख्य दिन पर किया जाता है। वहीं दूसरी ओर, जो लोग अपने घरों में श्रद्धा के साथ गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं, वे अक्सर अनंत चतुर्दशी आने से पहले ही अपनी सुविधा के अनुसार विसर्जन संपन्न कर लेते हैं। साल 2026 में आप किस-किस दिन बप्पा को विदाई दे सकते हैं, इसकी पूरी तिथियां और मुहूर्त नीचे विस्तार से दिए गए हैं।
गणेश विसर्जन की प्रमुख तिथियां वर्ष 2026
गणेशोत्सव के दौरान भक्त अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार अलग-अलग दिनों में बप्पा का विसर्जन करते हैं। वर्ष 2026 में विसर्जन के लिए कुल छह मुख्य तारीखें निर्धारित की गई हैं, जिन पर आप प्रतिमा विसर्जित कर सकते हैं
- 14 सितंबर 2026
- 15 सितंबर 2026
- 16 सितंबर 2026
- 18 सितंबर 2026
- 20 सितंबर 2026
- 25 सितंबर 2026
गणेश विसर्जन 2026 के शुभ मुहूर्त
आप अपनी सुविधा और समय के अनुकूल ऊपर दी गई किसी भी तारीख का चयन करके गणपति विसर्जन कर सकते हैं। नीचे हर एक तारीख के हिसाब से विसर्जन के सभी शुभ मुहूर्तों की पूरी सूची दी गई है ताकि आपको पूजा-पाठ में किसी प्रकार की असुविधा न हो
14 सितंबर 2026 के विसर्जन मुहूर्त
चौदह सितंबर को विसर्जन करने वाले भक्तों के लिए दिन और रात के समय कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे
- अपराह्न मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - दोपहर 01:49 बजे से शाम 06:28 बजे तक
- सायाह्न मुहूर्त (चर) - शाम 06:28 बजे से रात 07:55 बजे तक
- रात्रि मुहूर्त (लाभ) - रात 10:49 बजे से 15 सितंबर की सुबह 12:17 बजे तक
- उषाकाल मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - 15 सितंबर की सुबह 01:44 बजे से सुबह 06:06 बजे तक
15 सितंबर 2026 के विसर्जन मुहूर्त
पंद्रह सितंबर को भी दोपहर से लेकर देर रात तक विभिन्न लग्नों और योगों में विसर्जन करना बेहद शुभ रहेगा
- प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - दोपहर 12:16 बजे से दोपहर 01:49 बजे तक
- अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - दोपहर 03:21 बजे से शाम 04:54 बजे तक
- सायाह्न मुहूर्त (लाभ) - शाम 07:54 बजे से रात 09:21 बजे तक
- रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - रात 10:49 बजे से 16 सितंबर की सुबह 03:11 बजे तक
16 सितंबर 2026 के विसर्जन मुहूर्त
सोलह सितंबर के दिन सुबह से लेकर अगले दिन भोर तक कई अलग-अलग चरणों में मुहूर्त का संयोग बन रहा है
- प्रातः मुहूर्त (शुभ) - सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक
- अपराह्न मुहूर्त (चर, लाभ) - दोपहर 03:20 बजे से शाम 06:25 बजे तक
- सायाह्न मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - शाम 07:53 बजे से 17 सितंबर की रात 12:16 बजे तक
- उषाकाल मुहूर्त (लाभ) - 17 सितंबर की सुबह 03:11 बजे से सुबह 04:39 बजे तक
- प्रातः मुहूर्त (लाभ, अमृत) - सुबह 06:06 बजे से सुबह 09:11 बजे तक
18 सितंबर 2026 के विसर्जन मुहूर्त
अठारह सितंबर को भी दिनभर में कई ऐसे समय आएंगे जब गणेश विसर्जन करना फलदायी साबित होगा
- प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - सुबह 06:07 बजे से सुबह 10:43 बजे तक
- अपराह्न मुहूर्त (चर) - शाम 04:51 बजे से शाम 06:23 बजे तक
- अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - दोपहर 12:15 बजे से दोपहर 01:47 बजे तक
- रात्रि मुहूर्त (लाभ) - रात 09:19 बजे से रात 10:47 बजे तक
- रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - रात 12:15 बजे से 19 सितंबर की सुबह 04:40 बजे तक
20 सितंबर 2026 के विसर्जन मुहूर्त
बीस सितंबर को सुबह से लेकर अगले दिन तड़के तक विसर्जन के लिए कई अनुकूल मुहूर्त मिल रहे हैं
- प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - सुबह 07:40 बजे से दोपहर 12:14 बजे तक
- अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - दोपहर 01:46 बजे से दोपहर 03:17 बजे तक
- सायाह्न मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - शाम 06:20 बजे से रात 10:46 बजे तक
- रात्रि मुहूर्त (लाभ) - 21 सितंबर की रात 01:43 बजे से सुबह 03:12 बजे तक
- उषाकाल मुहूर्त (शुभ) - 21 सितंबर की सुबह 04:40 बजे से सुबह 06:09 बजे तक
25 सितंबर 2026 के विसर्जन मुहूर्त
पच्चीस सितंबर को यानी अनंत चतुर्दशी के आसपास के दिनों में भी कुछ चुनिंदा समय पर विसर्जन किया जा सकता है
- अपराह्न मुहूर्त (चर) - शाम 04:44 बजे से शाम 06:14 बजे तक
- अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 01:43 बजे तक
- रात्रि मुहूर्त (लाभ) - रात 09:14 बजे से रात 10:43 बजे तक


















