चित्रकूट की धार्मिक नगरी में भदई अमावस्या के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की पूरी तैयारी कर ली गई है। मंदाकिनी नदी के प्रसिद्ध रामघाट पर भक्त आस्था की पवित्र डुबकी लगाएंगे और उसके बाद कामतानाथ के दर्शन के लिए आगे बढ़ेंगे। खास बात यह है कि इस आयोजन से कुछ ही दिन पहले इसी मंदाकिनी नदी ने अपने उग्र रूप से तबाही मचाई थी, जिसके कारण रामघाट और उसके आसपास के इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए थे और कई जगहों पर भारी क्षति हुई थी। अब स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ के उन तमाम निशानों और समस्याओं के बीच इस बड़े धार्मिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए अपनी पुख्ता तैयारियां पूरी कर ली हैं।
15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
भाद्रपद मास की अमावस्या पर लगने वाले इस मेले में चित्रकूट के अलावा बांदा, महोबा, राठ, झांसी और अन्य नजदीकी इलाकों से बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। आधिकारिक अनुमान के मुताबिक इस बार इस धार्मिक मेले में 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शिरकत कर सकते हैं। इस भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मेला परिसर में सुरक्षा, सुचारू यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। अमावस्या के इस बड़े आयोजन को देखते हुए बाढ़ से प्रभावित हुए रामघाट और उसके आसपास के तमाम क्षेत्रों में विशेष साफ-सफाई का अभियान चलाया गया है। घाटों और मुख्य रास्तों से बाढ़ का मलबा पूरी तरह हटा दिया गया है ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई परेशानी न हो। इसके अलावा दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों और भक्तों के ठहरने के लिए 20 से अधिक रैन बसेरों का इंतजाम किया गया है। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर भव्य द्वारों का निर्माण किया गया है और पूरे मेला क्षेत्र को सुंदर बनाने के लिए प्रमुख जगहों पर आकर्षक रोशनी और सजावट की गई है।
सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र 7 जोन और 22 सेक्टरों में विभाजित
इस पूरे घटनाक्रम और तैयारियों पर बात करते हुए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि भाद्रपद मास की अमावस्या पर भारी संख्या में लोग चित्रकूट पहुंचकर मंदाकिनी में स्नान और मंदिरों में पूजन-दर्शन करते हैं। आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था को बेहतर रखना और उन्हें सुगम दर्शन कराना पुलिस प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तय समय पर अपने ड्यूटी पॉइंट्स पर पहुंचकर पूरी तरह सतर्क और संवेदनशील रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 7 जोन और कुल 22 सेक्टरों में बांटा गया है। भदई अमावस्या के इस मेले के लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमाओं से जुड़े चित्रकूट क्षेत्र में 2 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी पूरे मेले की लगातार निगरानी की जाएगी।



















