हर साल सावन पूर्णिमा तिथि के मौके पर रक्षाबंधन का पावन पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस खास दिन पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधती हैं। यह धागा मात्र एक सामान्य सूत नहीं होता, बल्कि भाई के प्रति बहन का अगाध स्नेह और अटूट विश्वास प्रदर्शित करता है। बहनों को पूरा भरोसा होता है कि उनका भाई जीवन भर हर परिस्थिति में उनकी रक्षा करेगा। इस अवसर पर बहनें भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं, जबकि भाई भी उनकी सुरक्षा का संकल्प लेते हैं। सनातन परंपरा में केवल राखी बांधने के विधान ही नहीं, बल्कि इसे कलाई से उतारने और उसके विसर्जन के भी स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। राखी को कभी भी कहीं भी लापरवाही से उतारकर नहीं रखना चाहिए, इसलिए इसके सही नियमों की जानकारी होना आवश्यक है।
कलाई से राखी कब हटानी चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राखी को बांधने के 24 घंटे पूरे होने के बाद उतारा जा सकता है। हालांकि कई लोग अपनी आस्था के अनुसार इसे 3 से 7 दिनों तक कलाई पर बांधे रखते हैं। इसके अलावा तमाम जगहों पर जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राखी को कलाई से हटाने की परंपरा है। कुछ विशेष क्षेत्रों में अनंत चतुर्दशी तक रक्षासूत्र को बांधे रखने का विधान माना गया है।
उतारी गई राखी का क्या करें?
- कलाई से रक्षासूत्र निकालने के बाद उसे कभी भी इधर-उधर, सड़क पर या कूड़ेदान में नहीं फेंकना चाहिए। धार्मिक नियमों के मुताबिक पुरानी राखी का पूरे सम्मान के साथ विसर्जन करना उचित माना जाता है।
- आप चाहें तो उतारी गई राखी को किसी पवित्र पेड़ की शाखा पर भी बांध सकते हैं। पेड़ पर राखी बांधते समय उसके साथ एक रुपये का सिक्का रखना शुभ माना गया है।
- रक्षासूत्र को हमेशा आदरपूर्वक किसी स्वच्छ स्थान पर ही संभालकर रखना चाहिए। इसे गंदगी या अनुचित जगह पर बिल्कुल न फेंके।
- राखी हटाने के बाद इसे किसी साफ तालाब, नदी या शुद्ध जल के स्रोत में प्रवाहित किया जा सकता है।
- इसके अलावा आप राखी को अपने घर के बगीचे में किसी साफ जगह पर जमीन के अंदर भी दबा सकते हैं।
- भगवान को अर्पित की जाने वाली पूजा सामग्री के साथ भी राखी को सुरक्षित रखा जा सकता है।
राखी उतारते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- कलाई से रक्षासूत्र अलग करने से ठीक पहले मन में ईश्वर का स्मरण अवश्य करना चाहिए।
- राखी को हमेशा सुबह के समय या किसी अन्य शुभ मुहूर्त में ही अपनी कलाई से उतारना चाहिए।
- यदि राखी में धातु या प्लास्टिक का इस्तेमाल किया गया है, तो उसे जल में प्रवाहित करने से बचना चाहिए।
- विशेष तौर पर मंगलवार और शनिवार के दिन कलाई से रक्षासूत्र निकालने से परहेज करना चाहिए।
- राखी उतारते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि उस दौरान राहुकाल न चल रहा हो।
- कभी भी राखी को खींचकर या जबरन काटकर तोड़ने की गलती न करें। इसे हमेशा आदरपूर्वक खोलना चाहिए।
- यदि रक्षासूत्र अत्यधिक प्रिय है या खंडित नहीं हुआ है, तो उसे एक लाल रंग के साफ कपड़े में लपेटकर अपनी अलमारी में सुरक्षित रख सकते हैं।
- राखी को पीपल, तुलसी या बरगद के पेड़ की पवित्र जड़ के पास साफ मिट्टी के नीचे भी दबाया जा सकता है।



















