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राम भक्तों को अब चढ़ावे की रसीद तुरंत मिलेगी, ट्रस्ट ने वेबसाइट में किया बदलावधर्म
30 जुल॰ 2026, 8:18 am (63 दिन पहले)· 4

राम भक्तों को अब चढ़ावे की रसीद तुरंत मिलेगी, ट्रस्ट ने वेबसाइट में किया बदलाव

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने वेबसाइट पर ऑनलाइन दान करने वाले हर श्रद्धालु को भुगतान होते ही डिजिटल रसीद देने की व्यवस्था शुरू की है। यह फैसला चढ़ावा चोरी विवाद के बाद रसीद न मिलने की शिकायतों के चलते लिया गया है।

अयोध्या स्थित राम मंदिर में हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी के मामले ने पूरे मंदिर प्रबंधन को दान की व्यवस्था सुधारने पर मजबूर कर दिया है। इसी सिलसिले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है, अब उसकी आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन दान करने वाले हर श्रद्धालु को भुगतान पूरा होते ही डिजिटल रसीद तुरंत मिल जाएगी। ट्रस्ट का मानना है कि इससे दान की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा भरोसेमंद, सुरक्षित और सहज बनेगी और श्रद्धालु के पास अपने योगदान का पक्का सबूत हमेशा मौजूद रहेगा।

वेबसाइट पर बदली दान की पूरी प्रक्रिया

ट्रस्ट ने अपनी वेबसाइट के दान वाले हिस्से में जरूरी बदलाव करते हुए यह नई सुविधा जोड़ी है। अब ऑनलाइन दान करते समय श्रद्धालु को अपना नाम, दान की वजह, पैन नंबर, दान की तारीख, दान राशि, पूरा पता, राज्य, जिला, देश, पिनकोड, ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भरनी होगी। यह सारी जानकारी दर्ज होते ही और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होते ही सिस्टम खुद ब खुद डिजिटल रसीद तैयार कर देगा। श्रद्धालु इस रसीद को उसी वक्त डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रख सकेंगे, जिसकी जरूरत आगे चलकर टैक्स रिकॉर्ड या किसी और सत्यापन में पड़ सकती है।

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मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर और ई-मेल भी उपलब्ध

दान से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी या जानकारी के लिए ट्रस्ट ने अपनी वेबसाइट पर आधिकारिक मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी सार्वजनिक कर दी है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी श्रद्धालु को रसीद न मिलने, भुगतान अटकने या किसी और तकनीकी दिक्कत का सामना करना पड़े, तो वह सीधे ट्रस्ट से संपर्क कर सकता है। इससे पहले ऐसी शिकायतों के लिए कोई स्पष्ट माध्यम मौजूद नहीं था।

श्रद्धालुओं की शिकायतों के बाद बदली नीति

दरअसल राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद कई राम भक्तों ने यह शिकायत की थी कि उन्हें अपने दान की रसीद समय पर नहीं मिल पाती। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ट्रस्ट ने यह नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने का फैसला किया। सिर्फ ऑनलाइन दान ही नहीं, अब मंदिर परिसर में मौजूद रहकर सीधे दान करने वाले हर श्रद्धालु को भी रसीद देना अनिवार्य कर दिया गया है। ट्रस्ट को उम्मीद है कि इस कदम से दान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और भविष्य में किसी भी दान का रिकॉर्ड जरूरत पड़ने पर आसानी से जांचा जा सकेगा।

रोज हो रहा है 10 लाख रुपये से ज्यादा का दान

नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं का भरोसा फिर से मजबूत होता दिख रहा है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से मिलाकर हर दिन 10 लाख रुपये से ज्यादा का दान आ रहा है। मंदिर परिसर में लगे दान पात्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु नकद अर्पित कर रहे हैं, वहीं वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन दान का आंकड़ा भी लगातार ऊपर जा रहा है। हालांकि ट्रस्ट ने अब तक रोजाना मिलने वाले दान की सटीक और आधिकारिक राशि सार्वजनिक नहीं की है।

भरोसा और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश

ट्रस्ट के मुताबिक डिजिटल रसीद प्रणाली से सिर्फ श्रद्धालुओं को सहूलियत नहीं मिलेगी, बल्कि पूरी दान व्यवस्था पहले से ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। हर दान का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर उसकी पुष्टि भी आसानी से की जा सकेगी। मंदिर प्रबंधन इस पहल को श्रद्धालुओं के भरोसे को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मान रहा है, खासकर उस विवाद के बाद जिसने दान व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।

सवाल-जवाब

राम मंदिर ट्रस्ट ने यह नई व्यवस्था क्यों शुरू की?
चढ़ावा चोरी विवाद के बाद कई श्रद्धालुओं ने समय पर दान की रसीद न मिलने की शिकायत की थी, इसी के बाद ट्रस्ट ने यह बदलाव किया।
ऑनलाइन दान करते समय कौन सी जानकारी देनी होगी?
नाम, दान का उद्देश्य, पैन नंबर, दान की तिथि, दान राशि, पता, राज्य, जिला, देश, पिनकोड, ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर देना होगा।
रसीद कब मिलेगी?
भुगतान पूरा होते ही सिस्टम अपने आप डिजिटल रसीद जारी कर देगा, जिसे श्रद्धालु तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं।
क्या मंदिर परिसर में नकद दान देने वालों को भी रसीद मिलेगी?
हां, अब ऑफलाइन माध्यम से दान करने वाले हर श्रद्धालु को भी अनिवार्य रूप से रसीद दी जाएगी।
मंदिर को रोजाना कितना दान मिल रहा है?
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से रोजाना 10 लाख रुपये से ज्यादा का दान मिल रहा है, हालांकि ट्रस्ट ने आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।
दान से जुड़ी समस्या होने पर श्रद्धालु किससे संपर्क करें?
ट्रस्ट ने वेबसाइट पर आधिकारिक मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी उपलब्ध कराई है जहां सीधे संपर्क किया जा सकता है।
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