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सांभर झील में 19 सितंबर से शुरू होगा मां शाकंभरी लक्खी मेला, प्रशासन ने पूरे किए सुरक्षा और पेयजल के इंतजामधर्म
17 सित॰ 2026, 12:58 pm (13 दिन पहले)· 3

सांभर झील में 19 सितंबर से शुरू होगा मां शाकंभरी लक्खी मेला, प्रशासन ने पूरे किए सुरक्षा और पेयजल के इंतजाम

सांभर झील स्थित मां शाकंभरी शक्ति पीठ का वार्षिक लक्खी मेला 19 सितंबर से आयोजित होगा, जिसकी तैयारियों के तहत एसडीएम ऋषि राज कपिल ने पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था के सख्त निर्देश दिए हैं।

सांभर झील के समीप स्थित प्रसिद्ध मां शाकंभरी शक्ति पीठ पर 19 सितंबर से आयोजित होने वाले वार्षिक लक्खी मेले को लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस धार्मिक आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से जुटने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य दर्शन की सुगम व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

प्रशासनिक समीक्षा और ग्राउंड लेवल पर निरीक्षण

मेले के सुचारू संचालन के उद्देश्य से सांभरलेक के उपखंड अधिकारी (एसडीएम) ऋषि राज कपिल ने विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक के दौरान एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं की रूपरेखा समय रहते तैयार कर ली जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोजन शुरू होने से पहले ही सभी आवश्यक विभागीय काम पूरे हो जाने चाहिए।

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बैठक संपन्न होने के बाद एसडीएम ने खुद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया। इस निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन, दर्शन की पंक्तियों, प्रवेश और निकास मार्गों तथा वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई ताकि मुख्य आयोजन के दौरान भीड़ प्रबंधन में कोई बाधा न उत्पन्न हो।

पेयजल, स्वच्छता और छाया के विशेष इंतजाम

मेले के दौरान विशाल जनसमूह की उपस्थिति को देखते हुए परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष बल दिया जा रहा है। प्रशासन ने पूरे मेला स्थल पर नियमित सफाई और कचरा निस्तारण के सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर व्यवस्था की जा रही है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक स्थलों पर चलित शौचालयों की तैनाती की जाएगी। धूप और गर्मी से बचाव के लिए श्रद्धालुओं के कतारबद्ध खड़े होने वाले स्थानों तथा मुख्य रास्तों पर छाया के पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों को दैनिक स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा लेने और किसी भी प्रकार की कमी सामने आने पर उसे तुरंत सुधारने के आदेश दिए गए हैं।

विभिन्न राज्यों से पहुंचेगी भीड़, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

मां शाकंभरी का यह प्रसिद्ध लक्खी मेला प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल अष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित होता है। इस मेले में राजस्थान के प्रमुख जिलों जैसे अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर और डीडवाना-कुचामन के अलावा दिल्ली, मेरठ और उत्तर प्रदेश के कई अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं।

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पूरे आयोजन के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे और यातायात का संचालन सुचारू रूप से हो सके।

सवाल-जवाब

सांभर झील में मां शाकंभरी लक्खी मेला कब आयोजित होगा?
यह मेला 19 सितंबर से भाद्रपद शुक्ल अष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित किया जाएगा।
मेले में किन राज्यों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है?
मेले में राजस्थान के अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, डीडवाना-कुचामन के अलावा दिल्ली, मेरठ और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्या विशेष इंतजाम किए गए हैं?
प्रशासन ने नियमित स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, चलित शौचालय और कतारों में धूप से बचाव के लिए छाया की व्यवस्था की है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा किसने लिया?
उपखंड अधिकारी (एसडीएम) ऋषि राज कपिल ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की और मंदिर परिसर का भौतिक निरीक्षण किया।
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