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सावन में घर पर शिवलिंग रखने से पहले जान लें नर्मदेश्वर की खासियतधर्म
31 जुल॰ 2026, 10:08 am (62 दिन पहले)· 0

सावन में घर पर शिवलिंग रखने से पहले जान लें नर्मदेश्वर की खासियत

वाराणसी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय के मुताबिक घर में शिवलिंग स्थापित करने से पहले उसका प्रकार जानना जरूरी है, नर्मदेश्वर शिवलिंग को बिना प्राण प्रतिष्ठा के भी घर में पूजा जा सकता है.

सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा को लेकर हर घर में उत्साह रहता है, लेकिन बहुत से लोग यह तय नहीं कर पाते कि घर में शिवलिंग स्थापित करना ठीक है या नहीं. वाराणसी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय के मुताबिक इस सवाल का जवाब शिवलिंग के प्रकार और उसकी स्थापना विधि में छिपा है.

हर शिवलिंग की पूजा विधि एक जैसी नहीं

पंडित संजय उपाध्याय बताते हैं कि शिवलिंग कई तरह के होते हैं, लेकिन इनमें से पत्थर या स्फटिक से बने शिवलिंग को घर में रखने से पहले उनकी प्राण प्रतिष्ठा करानी जरूरी होती है. लिंग पुराण में इसकी पूजा आराधना से जुड़े नियम स्पष्ट रूप से बताए गए हैं. यही वजह है कि हर तरह का शिवलिंग बिना विधि विधान के घर में स्थापित नहीं किया जा सकता.

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नर्मदेश्वर शिवलिंग क्यों है सबसे आसान विकल्प

इसके उलट नर्मदा नदी में मिलने वाले नर्मदेश्वर शिवलिंग को घर में स्थापित करने के लिए प्राण प्रतिष्ठा की जरूरत नहीं पड़ती. पंडित संजय उपाध्याय के अनुसार इसे सीधे घर लाकर पूजा स्थान में रखा जा सकता है और उसी दिन से जलाभिषेक शुरू किया जा सकता है. यही कारण है कि शास्त्रों में घर के लिए नर्मदेश्वर शिवलिंग को ही उपयुक्त माना गया है. यह शिवलिंग बाजार में भी आसानी से मिल जाता है, इसलिए सावन के इस पवित्र महीने में इसे आज ही घर में स्थापित किया जा सकता है.

रोजाना अभिषेक और पूजा का सही तरीका

घर में नर्मदेश्वर शिवलिंग स्थापित करने के बाद उसकी पूजा का एक तय क्रम रखना जरूरी है. पंडित संजय उपाध्याय के मुताबिक स्नान के बाद रोज गंगा जल या किसी अन्य पवित्र नदी के जल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. खास तिथियों पर दूध, गन्ने का रस, नारियल पानी और दही से भी अभिषेक किया जा सकता है. अभिषेक के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, सुगंधित फूल और धतूरा चढ़ाना चाहिए. इसके साथ ही भस्म और चंदन भी अर्पित किया जा सकता है. पूजा के अंत में धूप, अगरबत्ती और दीपक जलाकर आरती करनी चाहिए.

नियमितता से ही मिलता है पूरा फल

पंडित संजय उपाध्याय जोर देकर कहते हैं कि यह पूजा क्रम रोज एक जैसा और नियमित होना चाहिए, तभी इसका पूरा लाभ मिलता है. उनके अनुसार जो लोग साल भर इस विधि का पालन करते हैं, उन्हें भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. सावन के महीने में शुरू की गई यह नियमित पूजा आगे पूरे साल के लिए एक आदत बन सकती है.

सवाल-जवाब

घर में किस तरह का शिवलिंग स्थापित करना चाहिए?
पंडित संजय उपाध्याय के मुताबिक नर्मदा नदी में मिलने वाला नर्मदेश्वर शिवलिंग घर के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है.
क्या घर में शिवलिंग रखने से पहले प्राण प्रतिष्ठा जरूरी है?
पत्थर या स्फटिक के शिवलिंग के लिए प्राण प्रतिष्ठा जरूरी है, लेकिन नर्मदेश्वर शिवलिंग के लिए इसकी जरूरत नहीं होती.
नर्मदेश्वर शिवलिंग कहां मिलता है?
यह नर्मदा नदी में पाया जाता है और बाजार में भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है.
घर में शिवलिंग का अभिषेक किससे करना चाहिए?
रोज गंगा जल या किसी अन्य पवित्र नदी के जल से, और खास तिथियों पर दूध, गन्ने के रस, नारियल पानी और दही से अभिषेक किया जा सकता है.
शिवलिंग पर क्या अर्पित करना चाहिए?
अभिषेक के बाद बेलपत्र, सुगंधित फूल, धतूरा, भस्म और चंदन अर्पित करना चाहिए.
यह पूजा विधि किसने बताई है?
यह जानकारी वाराणसी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय ने दी है.
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