उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर वृंदावन में इन दिनों सड़कों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बच रही है। शहर की गलियों और मुख्य रास्तों पर घंटों जाम लगा रहता है, जिससे बाहर से दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मथुरा नहीं, वृंदावन की सड़कें बनीं मुसीबत
गौर करने वाली बात यह है कि जाम की यह समस्या मथुरा शहर में नहीं बल्कि वृंदावन में है। यहां हर तरफ वाहनों की कतारें और भीड़ ही भीड़ नजर आती है। बाहर से आने वाले श्रद्धालु घंटों जाम में फंसे रहते हैं और आवागमन में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई है, वहीं इतनी भीड़ जमा हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। यह परेशानी सिर्फ बाहर से आने वाले भक्तों तक सीमित नहीं है, स्थानीय निवासी भी इससे उतने ही परेशान हैं।
प्रेम मंदिर में दर्शन के लिए घंटों इंतजार
वृंदावन के प्रेम मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। जाम की वजह से सैकड़ों वाहन सड़क पर ही रुक जाते हैं और उनमें बैठे लोग अपने गंतव्य तक समय पर पहुंचने को लेकर परेशान नजर आते हैं। हालात यह हैं कि जिस रास्ते को तय करने में सामान्य दिनों में महज 10 मिनट लगते हैं, उसी रास्ते को पार करने में अब कई-कई घंटे लग रहे हैं। शाम होते ही प्रेम मंदिर के आसपास भीड़ का दबाव और बढ़ जाता है, जब हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर परिसर की ओर बढ़ते हैं और अपनी बारी का इंतजार करते नजर आते हैं।
बांके बिहारी मंदिर के रास्ते पर भी वैसा ही नजारा
यह भीड़ सिर्फ प्रेम मंदिर तक सीमित नहीं है। भगवान बांके बिहारी मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता दिख रहा है। बाहर से आने वाले भक्त लगातार भगवान के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़ हर दिन बढ़ती ही जा रही है। इस भारी भीड़ के चलते वृंदावन की लगभग सभी सड़कें और गलियां चौक जैसी नजर आती हैं।
रोजाना करीब 50000 श्रद्धालु प्रेम मंदिर में करते हैं दर्शन
ठाकुर बांके बिहारी की यह नगरी धाम और मंदिरों की नगरी के नाम से भी जानी जाती है। यहां भगवान बांके बिहारी मंदिर के साथ-साथ प्रेम मंदिर में भी रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सूत्रों के मुताबिक अकेले प्रेम मंदिर में हर दिन करीब 50000 लोग दर्शन करने आते हैं, जिससे शहर की सड़कों पर लगातार दबाव बना रहता है और जाम जैसे हालात लगभग रोज ही बन जाते हैं।



















