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स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के रंगों में सजे मिर्ज़ापुर के विंध्यवासिनी और अष्टभुजा मंदिर, लगा भक्तों का तांताधर्म
16 अग॰ 2026, 7:35 am (46 दिन पहले)· 1

स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के रंगों में सजे मिर्ज़ापुर के विंध्यवासिनी और अष्टभुजा मंदिर, लगा भक्तों का तांता

उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर माँ विंध्यवासिनी, अष्टभुजा और कालीखोह मंदिर में तिरंगे के रूप में विशेष श्रृंगार और महापूजा आयोजित की गई।

उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में स्वतंत्रता दिवस का पर्व आस्था और देशभक्ति के अनूठे संगम के रूप में मनाया गया। विंध्य पर्वत श्रृंखला पर स्थित प्रमुख सिद्धपीठों में विराजमान माँ भगवती का स्वतंत्रता दिवस पर विशेष तिरंगा श्रृंगार किया गया। इस पावन अवसर पर प्रतिवर्ष होने वाले अलौकिक पूजन दर्शन के लिए तड़के से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुँचे। केसरिया, सफेद और हरे रंगों के प्राकृतिक व कृत्रिम फूलों से सजे माँ के भव्य स्वरूप ने सभी दर्शनार्थियों का मन मोह लिया।

मंगला आरती में विंध्यवासिनी देवी का अद्भुत रूप

विंध्याचल स्थित विश्वप्रसिद्ध माँ विंध्यवासिनी मंदिर में तड़के आयोजित मंगला आरती के दौरान देवी का तिरंगा श्रृंगार संपन्न हुआ। पूजा विधान में प्राकृतिक पुष्पों के साथ आकर्षक कृत्रिम फूलों का इस्तेमाल किया गया। मंदिर के गर्भगृह को तीन रंगों की फूलों की मालाओं से सजाया गया था। माँ विंध्यवासिनी की चार पहर की आरती के दौरान इस विशेष श्रृंगार के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूजन और दर्शन की विशेष व्यवस्थाएँ की गई थीं।

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त्रिकोण परिक्रमा पथ के अष्टभुजा और कालीखोह मंदिर में विशेष पूजन

विंध्य क्षेत्र की प्रसिद्ध त्रिकोण परिक्रमा पथ पर स्थित माँ अष्टभुजा मंदिर में भी स्वतंत्रता दिवस पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। यहाँ देवी का नवरूप और देशभक्ति के रंग में ढला श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। इसके साथ ही विंध्य पर्वत की कंदरा में विराजमान माँ कालीखोह मंदिर में भी भव्य श्रृंगार और पूजन संपन्न हुआ। दूर दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु माँ के इस दिव्य और अलौकिक रूप को देखकर भावविभोर हो गए।

मिर्ज़ापुर के धार्मिक स्थलों पर हर वर्ष की परंपरा

मिर्ज़ापुर जिले के इन चार प्रमुख मंदिरों में प्रतिवर्ष 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर माँ का तिरंगा श्रृंगार करने की परंपरा रही है। माँ विंध्यवासिनी, अष्टभुजा और कालीखोह के अलावा क्षेत्र के अन्य देवी मंदिरों में भी राष्ट्रीय पर्व पर विशेष महापूजन और सजावट के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और आस्था के अनुरूप हर साल इस श्रृंगार को नया और भव्य स्वरूप दिया जाता है, जिसे देखने के लिए दिनभर मंदिरों में तांता लगा रहा।

सवाल-जवाब

स्वतंत्रता दिवस पर मिर्ज़ापुर के किन मुख्य मंदिरों में तिरंगा श्रृंगार किया जाता है?
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर माँ विंध्यवासिनी, माँ अष्टभुजा और माँ कालीखोह मंदिर सहित मिर्ज़ापुर के चार प्रमुख मंदिरों में विशेष तिरंगा श्रृंगार किया जाता है।
माँ विंध्यवासिनी मंदिर में तिरंगा श्रृंगार किस आरती के दौरान किया गया?
माँ विंध्यवासिनी मंदिर में तड़के आयोजित मंगला आरती के दौरान तिरंगे फूलों से विशेष श्रृंगार और पूजन किया गया।
श्रृंगार में किन सामग्रियों का उपयोग किया जाता है?
माँ के विशेष श्रृंगार के लिए केसरिया, सफेद और हरे रंगों के प्राकृतिक फूलों तथा आकर्षक कृत्रिम पुष्पों का इस्तेमाल किया जाता है।
माँ कालीखोह और अष्टभुजा मंदिर किस स्थान पर स्थित हैं?
माँ अष्टभुजा मंदिर विंध्य की त्रिकोण परिक्रमा पथ पर स्थित है, जबकि माँ कालीखोह मंदिर विंध्य पर्वत पर विराजमान है।
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