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नीट यूजी 2026 रिजल्ट: आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल की जोड़ी टॉप पर, 700 पार करने वाले 19 छात्रों में 17 अलग-अलग राज्यों के अव्वल छात्र भी शामिलरिजल्ट
3 घंटे पहले· 1

नीट यूजी 2026 रिजल्ट: आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल की जोड़ी टॉप पर, 700 पार करने वाले 19 छात्रों में 17 अलग-अलग राज्यों के अव्वल छात्र भी शामिल

नीट यूजी 2026 में पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल ने 715 अंकों के साथ संयुक्त रूप से टॉप किया है, जबकि कुल 11.21 लाख उम्मीदवार परीक्षा क्वालिफाई कर चुके हैं। 17 राज्यों के टॉपर्स समेत 19 छात्रों ने 700 से ज्यादा अंक हासिल किए हैं और अब काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी।

नीट यूजी 2026 का रिजल्ट सामने आते ही मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों की धड़कनें तेज हो गईं। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल ने संयुक्त रूप से टॉप किया है, और दोनों ने 720 में से 715 अंक हासिल कर देशभर के छात्रों में सबसे ऊंचा स्कोर बनाया है। इस बार कुल 11.21 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा क्वालिफाई की है, जिनमें सबसे ज्यादा 1.7 लाख छात्र उत्तर प्रदेश से हैं। परीक्षा में करीब 20 लाख कैंडिडेट्स शामिल हुए थे, यानी हर पांचवां अभ्यर्थी सफल हो पाया। दरअसल यह परीक्षा पहले 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक की खबरें सामने आने के बाद इसे रद्द कर 21 जून को दोबारा कराया गया। री-एग्जाम के बावजूद एनटीए ने एक महीने से भी कम समय में रिजल्ट जारी कर दिया, ताकि छात्रों को आगे की एडमिशन प्रक्रिया में देरी न झेलनी पड़े। अब मेडिकल काउंसलिंग कमेटी यानी एमसीसी और राज्य स्तर के प्राधिकरण मिलकर काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू करेंगे, जिसके जरिए छात्रों को मेडिकल, डेंटल और अन्य कॉलेजों में सीटें आवंटित होंगी।

700 पार करने वाले 19 छात्र, 17 राज्यों से टॉपर्स

इस बार कुल 19 उम्मीदवारों ने 700 से ज्यादा अंक हासिल किए हैं। खास बात यह है कि इनमें से 17 उम्मीदवार अलग-अलग राज्यों से हैं और अपने-अपने राज्य के टॉपर भी बने हैं। ये टॉप 17 रैंकर्स पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्यों से आते हैं, और इन सभी ने 705 से ज्यादा मार्क्स स्कोर किए हैं। यानी सिर्फ दो टॉप रैंक ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कई राज्यों के छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पेपर लीक विवाद के बाद इस बार परीक्षा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि दोबारा गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। परीक्षा कुल 13 भाषाओं में आयोजित हुई थी, जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों के छात्र अपनी भाषा में परीक्षा दे सके। जो उम्मीदवार अपना रिजल्ट अब तक नहीं देख पाए हैं, वे एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर स्कोरकार्ड चेक कर सकते हैं।

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लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ा

इस बार के नीट यूजी नतीजों में लड़कियों ने बाजी मार ली है। क्वालिफाई करने वाले कुल 11.21 लाख छात्रों में 58 फीसदी से ज्यादा संख्या लड़कियों की है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो 56.8 प्रतिशत लड़कियां परीक्षा में सफल हुईं, जबकि लड़कों में यह दर 55.1 प्रतिशत रही। यानी लड़कियों ने न सिर्फ संख्या में बल्कि सफलता की दर में भी लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया। ये 11.21 लाख उम्मीदवार अब अंडरग्रेजुएट मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य एलाइड कोर्सेज में एडमिशन के लिए पात्र माने जाएंगे। इसके अलावा 138 उम्मीदवारों ने 690 से ज्यादा मार्क्स हासिल किए हैं, जो दिखाता है कि टॉप रैंक के आसपास मुकाबला कितना कड़ा रहा।

स्कोर के हिसाब से कितने छात्र कहां ठहरे

नतीजों में स्कोर के आधार पर बंटवारा भी दिलचस्प है। कुल 19 कैंडिडेट्स ने 720 में से 700 से ज्यादा अंक हासिल किए हैं। इसके अलावा 1,492 कैंडिडेट्स 650 या उससे ज्यादा अंक ला सके, जबकि 10,160 कैंडिडेट्स का स्कोर 600 या उससे ऊपर रहा। सबसे बड़ी संख्या 90,780 कैंडिडेट्स की है, जिन्होंने 500 या उससे ज्यादा अंक हासिल किए। इस पूरे आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जैसे-जैसे स्कोर की सीमा नीचे आती गई, वैसे-वैसे उस दायरे में आने वाले छात्रों की तादाद तेजी से बढ़ती गई।

13 भाषाओं में हुआ था एग्जाम

नीट यूजी 2026 की परीक्षा कुल 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी, ताकि देश के कोने-कोने से आने वाले छात्र अपनी मातृभाषा में परीक्षा दे सकें। ये भाषाएं थीं, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, उर्दू और इंग्लिश। इतनी सारी भाषाओं में परीक्षा कराना अपने आप में एक बड़ी लॉजिस्टिक चुनौती है, खासकर तब जब पेपर लीक के बाद पूरे सिस्टम को दोबारा दुरुस्त करना था।

66 शहरों से 138 टॉप रैंकर्स, राज्यवार टॉपर्स की सूची

देशभर के 138 टॉप रैंकर्स कुल 66 शहरों से ताल्लुक रखते हैं। जहां उत्तर प्रदेश से 1.7 लाख से ज्यादा उम्मीदवार क्वालिफाई हुए हैं, वहीं लक्षद्वीप जैसे छोटे केंद्र शासित प्रदेश से भी 43 उम्मीदवार क्वालिफाई करने में कामयाब रहे। राज्यवार टॉपर्स की बात करें तो लद्दाख से जिग्मेट यांगचन लामो ने 530 अंक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से ध्रुव त्रिपाठी ने 606 अंक और लक्षद्वीप से फहमीदा अनीस ने 573 अंक हासिल किए हैं। कुल 17 राज्यों के टॉपर्स ने 700 या उससे ज्यादा अंक हासिल किए, जबकि 26 राज्यों के टॉपर्स का स्कोर 690 से ऊपर रहा। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि इस बार का मुकाबला देश के हर कोने में उतना ही कड़ा रहा, चाहे वह बड़ा राज्य हो या छोटा केंद्र शासित प्रदेश।

सवाल-जवाब

नीट यूजी 2026 में टॉप किसने किया है?
पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल ने संयुक्त रूप से टॉप किया, दोनों ने 720 में से 715 अंक हासिल किए।
कुल कितने उम्मीदवार परीक्षा में क्वालिफाई हुए हैं?
कुल 11.21 लाख उम्मीदवारों ने नीट यूजी 2026 परीक्षा क्वालिफाई की है।
सबसे ज्यादा क्वालिफाइंग छात्र किस राज्य से हैं?
उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 1.7 लाख से ज्यादा छात्र क्वालिफाई हुए हैं।
परीक्षा दोबारा क्यों करानी पड़ी?
पेपर लीक की खबरों के बाद 3 मई 2026 को हुई परीक्षा को रद्द कर 21 जून को दोबारा एग्जाम कराया गया।
कितने उम्मीदवारों ने 700 से ज्यादा अंक हासिल किए हैं?
कुल 19 उम्मीदवारों ने 700 से ज्यादा अंक हासिल किए, इनमें 17 अलग-अलग राज्यों के टॉपर्स भी शामिल हैं।
अब आगे की एडमिशन प्रक्रिया क्या है?
अब मेडिकल काउंसलिंग कमेटी यानी एमसीसी और राज्य प्राधिकरण मिलकर एडमिशन के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
नीट यूजी परीक्षा कितनी भाषाओं में हुई थी?
यह परीक्षा हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, उर्दू और इंग्लिश समेत कुल 13 भाषाओं में आयोजित हुई थी।
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