अमेरिकी रक्षा बलों ने मेक्सिको सीमा के नजदीक एक संवेदनशील अभियान के दौरान हाई-एर्जी लेज़र तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ड्रोन को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई टेक्सास राज्य के रियो ग्रांडे वैली क्षेत्र के पास अंजाम दी गई, जो 25 अगस्त की रात से 26 अगस्त की सुबह के बीच संचालित की गई थी। इस पूरे ऑपरेशन की कमान जॉइंट टास्क फोर्स सदर्न बॉर्डर (JTF-SB) के हाथों में थी, जो यूएस नॉर्दर्न कमांड के निर्देशन में कार्य करती है। इस अभियान में सेना के हाई-एर्जी मल्टीपर्पज लेज़र (AMP-HEL) कार्यक्रम से जुड़ी रक्षा प्रणालियों का उपयोग किया गया।
लोकुस्ट लेज़र वेपन सिस्टम की भूमिका
इस उन्नत रक्षा पहल की शुरुआत सितंबर 2025 में हुई थी, जब रक्षा तकनीक के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी एयरोवाइरोमेंट ने अमेरिकी सशस्त्र बलों को इन लेज़र हथियारों के पहले दो फंक्शनल प्रोटोटाइप सौंपे थे। इसके बाद दिसंबर 2025 में इस कार्यक्रम का विस्तार करते हुए दो और उन्नत सिस्टम सेना को दिए गए। निर्माता कंपनी के अनुसार इस खास प्लेटफॉर्म को लोकुस्ट लेज़र वेपन सिस्टम नाम दिया गया है, जिसे सैन्य वाहनों पर आसानी से तैनात किया जा सकता है। अमेरिकी सेना ने अपने पास पहुंचे संस्करणों को ऐसे ही वाहनों पर स्थापित किया है।
लेज़र तकनीक कैसे करती है काम
यह लोकुस्ट सिस्टम 20 किलोवॉट की क्षमता पर काम करता है और बेहद केंद्रित प्रकाश पुंज यानी बीम का उपयोग करता है। यह तकनीक अलग-अलग चरणों में किसी भी लक्ष्य का पता लगाने, उसे ट्रैक करने, रोशन करने और दूरी से ही नष्ट करने में सक्षम होती है। इस तरह के हाई-एर्जी लेज़र (HEL) सिस्टम किसी वस्तु को खोजने के लिए रडार, कैमरों और सेंसर्स का सहारा लेते हैं। एक बार पहचान होने के बाद यह सिस्टम गतिशील लक्ष्य पर भी अत्यधिक सटीकता के साथ प्रकाश बीम को केंद्रित कर देता है। इसके बाद अतिरिक्त विद्युत ऊर्जा का उपयोग करके बीम की शक्ति को बढ़ाया जाता है, जिससे वह तीव्र गर्मी में बदल जाती है और ड्रोन को नुकसान पहुंचाती है। ड्रोन को कितना नुकसान पहुंचेगा, यह दूरी, एक्सपोजर के समय और लक्ष्य की विशेषताओं पर निर्भर करता है।
रेडार और कमांड सिस्टम से लैस तकनीक
इस प्रणाली के नवीनतम संस्करणों में रडार और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम को भी शामिल किया गया है। दिसंबर में सेना को सौंपे गए संस्करणों में यह खूबी मुख्य रूप से मौजूद थी। इसके जुड़ने से इस हथियार को किसी एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय एक जटिल मोबाइल डिफेंस प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ना बहुत आसान हो जाता है, जिससे मैदानी इलाकों में सुरक्षा घेरा मजबूत होता है।
अज्ञात ठिकाने और तस्करों की गतिविधियां
इस कार्रवाई का सटीक स्थान अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसके अलावा नष्ट किए गए इन ड्रोन के मूल स्रोत या उन्हें संचालित करने वाले संगठनों के बारे में भी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, जॉइंट टास्क फोर्स सदर्न बॉर्डर (JTF-SB) के कमांडर कर्टिस टेलर ने यह संकेत दिया है कि ये विमान मेक्सिको के भीतर सक्रिय आपराधिक गिरोहों और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े हो सकते हैं।
मेजर जनरल कर्टिस टेलर ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कार्टेल नेटवर्क अवैध मानव तस्करी को बढ़ावा देने और सुरक्षाकर्मियों पर जासूसी करने के लिए मानवरहित विमान प्रणालियों का तेजी से उपयोग कर रहे हैं। इस लेज़र सिस्टम जैसे उन्नत निर्देशित-ऊर्जा उपकरणों के साथ लेयर्ड काउंटरमेज़र्स को एकीकृत करके हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम शत्रुतापूर्ण निगरानी को सहन नहीं करेंगे।
उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र में इस खतरे से मुकाबले के लिए मेक्सिको की सेना के सहयोग की सराहना भी की है।
डोनाल्ड ट्रंप का सीमा सुरक्षा अभियान
आधिकारिक बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस अभियान में एएमपी-हेल कार्यक्रम के किस विशिष्ट मॉडल का उपयोग किया गया था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस कार्रवाई को उस बड़े अभियान से जोड़ा है जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से अवैध अप्रवासन और ड्रग कार्टेल के खिलाफ छेड़ रखा है।
अपने चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने विशेष रूप से अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर कड़े उपाय करके इन दोनों समस्याओं से निपटने का वादा किया था। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उनके प्रशासन ने विभिन्न प्रकार की तकनीकों को तैनात किया है, जिसमें हाई-एर्जी लेज़र सिस्टम भी शामिल हैं।



















