वयस्क फिल्मों की जानी-मानी कलाकार बनी ब्लू को उनकी नवजात बेटी की देखभाल और कल्याण से जुड़ी गंभीर चिंताओं के चलते नेशनल सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू चिल्ड्रेन (एनएसपीसीसी) के पास शिकायत दर्ज कराई गई है। यह कदम कंजर्वेटिव पार्टी की समानता मामलों की प्रवक्ता जॉय मॉरिसन द्वारा उठाया गया है, जिन्होंने बच्चे की सुरक्षा को लेकर गहरी आपत्ति जताई है।
यह मामला तब तूल पकड़ा जब टिया बिलिंगर के नाम से पहचानी जाने वाली इस महिला ने अगस्त में अपनी बच्ची को जन्म दिया था। जन्म के बाद उन्होंने मातृत्व के अनुभव को बेहद खास बताया था, लेकिन इसके तुरंत बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपलोड किए गए वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया। इन वीडियो क्लिप्स में वह एक शिशु या उसके जैसी दिखने वाली डॉल को गोद में पकड़े नजर आ रही हैं, जबकि उनके आसपास नकाब पहने हुए कई पुरुष खड़े दिखाई देते हैं।
अपने एक वीडियो में उन्होंने सी-सेक्शन डिलीवरी का हवाला देते हुए छह सप्ताह के नियमों से छूट मिलने की बात कही थी और कहा था कि उनका शरीर अभी भी पूरी तरह ठीक है। उनके इस तरह के बयानों और हरकतों को लेकर जनता और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी नाराजगी देखने को मिली है।
चैरिटी को लिखे पत्र में क्या कहा गया
बच्चों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली संस्था एनएसपीसीसी को भेजे गए पत्र में जॉय मॉरिसन ने कड़े शब्दों में आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा है कि बच्चे वयस्क नहीं होते हैं और उन्हें किसी भी कीमत पर पोर्नोग्राफी का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। इसके अलावा बच्चों का इस्तेमाल एडल्ट एंटरटेनमेंट के प्रचार के लिए या माता-पिता के व्यावसायिक और यौन रूप से जुड़े ब्रांड्स के प्रचार में करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
पत्र में आगे कहा गया है कि इस तरह की परिस्थितियों में किसी भी बच्चे के होने की संभावना मात्र ही बेहद परेशान करने वाली है। हालांकि, जॉय मॉरिसन अकेली ऐसी शख्सियत नहीं हैं जिन्होंने इस पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी तमाम लोगों ने उनकी गर्भावस्था और उसके बाद के कारनामों को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है और अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया और विरोध
एक्स प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखते हुए डॉ. पाम स्पर ने कहा कि उन्होंने डर्बीशायर चाइल्ड प्रोटेक्शन विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान के कुछ विवादास्पद आयोजनों और हरकतों का जिक्र करते हुए इसे बेहद निंदनीय बताया और कहा कि इससे उनके होने वाले बच्चे की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी।
फेसबुक पर भी कई लोगों ने सोशल सर्विसेज को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की बात कही। इसके अलावा चेंज डॉट ओआरजी पर एक ऑनलाइन याचिका भी शुरू की गई है, जिसमें मांग की जा रही है कि संबंधित विभाग द्वारा बाल दुर्व्यवहार के एंगल से इस पूरे मामले की पूरी जांच की जानी चाहिए।
बनी ब्लू का आलोचकों को करारा जवाब
टोरी प्रवक्ता द्वारा संस्था को पत्र लिखे जाने की खबर सामने आने के बाद बनी ब्लू ने सन अखबार को दिए गए इंटरव्यू में पलटवार किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनका नाम लेकर चर्चा में बने रहना ही शायद उन लोगों का तरीका है। उन्होंने दावा किया कि उनकी बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है, उसे बहुत प्यार मिलता है और उसकी बेहतरीन देखभाल की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि मां बनने से उनकी पेशेवर पहचान नहीं बदल जाती है, लेकिन वह अच्छी तरह जानती हैं कि उनकी निजी जिंदगी और मातृत्व के बीच की सीमा कहां तय होती है। उन्होंने सलाह दी कि चिंताओं को उठाने के लिए सही माध्यमों का उपयोग किया जाना चाहिए और इस तरह की हरकतों से उन बच्चों के लिए बने संसाधनों का दुरुपयोग होता है जिन्हें वास्तव में मदद की जरूरत होती है।
इससे पहले भी जब उनसे पूछा गया था कि क्या गर्भावस्था के दौरान बाल कल्याण अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया था, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से पुष्टि करने से इनकार कर दिया था लेकिन आश्वस्त किया था कि अधिकारियों की तरफ से उन्हें लेकर कोई दिक्कत नहीं है और सब कुछ ठीक है।
कानूनी जानकारों और वकीलों की चिंताएं
विवाद बढ़ने के बाद प्रसिद्ध पारिवारिक मामलों की वकील डॉ. शार्लोट प्राउडमैन ने भी इंस्टाग्राम के जरिए इस मुद्दे पर अपनी गंभीर चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि इस कहानी में अब एक और मासूम इंसान यानी बच्चा भी शामिल है, जो इस प्रचार के लिए अपनी सहमति नहीं दे सकता है।
वकील ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी बच्चा यह नहीं चुन सकता कि उसके जन्म और गर्भावस्था की बातें लाखों लोगों के सामने प्रसारित की जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चे अपने अधिकारों और गरिमा के साथ इंसान होते हैं, जबकि एक वयस्क व्यक्ति तो अपने फैसलों के लिए सहमति दे सकता है, लेकिन नवजात शिशु ऐसा करने में असमर्थ है। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान जानबूझकर ऐसे दृश्यों को एडल्ट कंटेंट का हिस्सा बनाया गया जो पुरुष दर्शकों के लिए था, जिससे नवजात और पोर्नोग्राफी के बीच की रेखाएं धुंधली होती हैं जो कि बेहद चिंताजनक है।



















