कनाडा के ओंटारियो शहर में आयोजित विश्व जूनियर स्क्वाश टीम चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम की मुहिम सेमीफाइनल मुकाबले में थम गई। पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय दल को सेमीफाइनल में अमेरिका की मजबूत टीम के हाथों 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम के बाद भारत ने प्रतियोगिता में कांस्य पदक अपने नाम किया।
गुरवीर सिंह की पांच गेम तक चली कड़ी लड़ाई
सेमीफाइनल चरण के पहले मुकाबले में भारत के गुरवीर सिंह ने कोर्ट पर बेहतरीन जुझारूपन दिखाया। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी के खिलाफ जबरदस्त संघर्ष किया। शुरुआती गेम 11-7 से गंवाने के बाद गुरवीर ने शानदार वापसी करते हुए अगले दो गेम 9-11 और 6-11 से जीतकर बढ़त बनाई। हालांकि, अमेरिकी खिलाड़ी ने चौथे गेम में 11-7 से जीत दर्ज कर मैच बराबरी पर ला खड़ा किया और निर्णायक पांचवें गेम को 11-3 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
शीर्ष खिलाड़ी की हार के साथ खत्म हुआ सफर
दूसरे मुकाबले में भारत के शीर्ष वरीय खिलाड़ी आर्यवीर दीवान कोर्ट में उतरे। उनके सामने अमेरिका के नंबर एक खिलाड़ी यासीन शलाबी की कठिन चुनौती थी। यासीन शलाबी ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और आर्यवीर दीवान को सीधे गेमों में 0-3 (5-11, 7-11, 5-11) से पराजित कर अपनी टीम को फाइनल का टिकट दिला दिया।
लगातार दूसरा कांस्य पदक और महिला टीम का प्रदर्शन
इस हार के बावजूद भारतीय पुरुष टीम के लिए यह उपलब्धि खास रही, क्योंकि उसने इस टूर्नामेंट में लगातार दूसरी बार कांस्य पदक हासिल करने में सफलता पाई है। इससे एक दिन पहले प्रतियोगिता के महिला वर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भी भारतीय महिला स्क्वाश टीम को अमेरिकी टीम के खिलाफ ही हार का सामना करना पड़ा था।



















