एशियाई खेल 2026 के सफर में एक अक्टूबर की तारीख भारतीय खेल प्रेमियों के लिए दोहरी रोमांचक जंग लेकर आई है। पूरे महाद्वीप की नजरें दो पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों भारत और पाकिस्तान की सीधी भिड़ंत पर टिकी हैं। दिन के कार्यक्रम में दोनों देशों की टीमें दो अलग-अलग मैदानों पर एक-दूसरे को चुनौती दे रही हैं। सुबह 6:30 बजे पुरुषों की वॉलीबॉल स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल मैच से इस गहमागहमी का आगाज हुआ, जबकि दोपहर 1:00 बजे पुरुष हॉकी सेमीफाइनल में हाई-वोल्टेज मुकाबला निर्धारित किया गया है। इन दोनों बड़े मुकाबलों के अलावा भारतीय निशानेबाज, तीरंदाज और गोल्फर भी अपनी-अपनी स्पर्धाओं में देश की पदक तालिका को समृद्ध करने के उद्देश्य से मैदान पर उतरे हैं। वर्तमान समय में भारत 10 स्वर्ण, 21 रजत और 29 कांस्य पदकों की बदौलत कुल 60 पदकों के साथ पदक तालिका में 8वें पायदान पर मजबूती से काबिज है।
वॉलीबॉल कोर्ट पर भिड़ंत और सेमीफाइनल की दौड़
पुरुष वर्ग के वॉलीबॉल क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय दल पूरे जोश और रणनीति के साथ कोर्ट में उतरा। ग्रुप चरण के पिछले मुकाबले में कतर के विरुद्ध टीम ने जिस तरह से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम किया था, उसने खिलाड़ियों के मनोबल को काफी ऊंचा कर दिया है। दूसरी तरफ पाकिस्तान की टीम ने भी अपने पूल में बेहद अनुशासित प्रदर्शन दिखाया था। यद्यपि वे मजबूत जापानी टीम के पीछे दूसरे स्थान पर रहे थे, परंतु जापान के विरुद्ध शुरुआती सेट में उन्होंने कड़ा संघर्ष पेश किया था। ऐसे में अंतिम चार में स्थान सुनिश्चित करने के लिए यह भिड़ंत दोनों ही खेमों के लिए बेहद कठिन और कांटे की साबित हो रही है।
गोल्फ के मैदान पर प्रणवी उर्स का दमदार प्रदर्शन
महिला व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले के दूसरे दिन भारतीय गोल्फर प्रणवी उर्स ने शानदार फॉर्म का मुजाहिरा पेश किया। उन्होंने अपने शुरुआती नौ होल्स में जबर्दस्त नियंत्रण दिखाते हुए फोर-अंडर पार का कार्ड खेला। इस उत्कृष्ट शुरुआत के दम पर उनका कुल योग एट-अंडर पार पर पहुंच गया, जिसने उन्हें तालिका में सीधे दूसरे पायदान पर ला खड़ा किया। हालांकि शीर्ष पर चल रहीं सिंगापुर की शैनन टैन ने अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया है। पहले दिन एट-अंडर पार के साथ शुरुआत करने वाली शैनन ने दूसरे दिन के अंतिम नौ होल्स में सिक्स-अंडर पार का कमाल दिखाते हुए अपना कुल स्कोर चौदह-अंडर पार कर लिया। इस समय वे प्रणवी से छह स्ट्रोक आगे चल रही हैं।
इसी स्पर्धा में भाग ले रहीं अन्य प्रमुख भारतीय खिलाड़ियों के लिए दिन मिलाजुला रहा। दीक्षा डागर ने प्लस 3 के कुल स्कोर के साथ संयुक्त 22वां स्थान हासिल किया हुआ है, जबकि अनुभवी अदिति अशोक प्लस 4 के समग्र स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 24वें स्थान पर संघर्ष कर रही हैं। चूंकि टूर्नामेंट में अभी भी ढाई राउंड का खेल बाकी है, इसलिए पदक की इस रेस में किसी भी खिलाड़ी की वापसी की संभावना पूरी तरह खुली हुई है।
शूटिंग रेंज में अनीश भनवाला की चुनौती
निशानेबाजी रेंज से भी देश के लिए बड़ी उम्मीदें बंधी हुई हैं। पुरुषों की 25 मीटर रैपिड पिस्टल स्पर्धा में अनीश भनवाला अकेले भारतीय दावेदार के रूप में क्वालिफिकेशन के दूसरे चरण में अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं। अनीश ने पहले चरण की शूटिंग के दौरान 290 का ठोस स्कोर दर्ज किया था, जिसके सहारे वे क्वालिफिकेशन तालिका में पांचवें स्थान पर रहे थे। अब उनका पूरा ध्यान दूसरे चरण में सटीक निशाने साधते हुए शीर्ष आठ निशानेबाजों में जगह बनाकर फाइनल राउंड का टिकट हासिल करने पर टिका है।
सेपकटकरा में पुरुषों का अजेय अभियान जारी
पुरुषों की क्वाड्रेंट ग्रुप स्पर्धा में भारत ने अपना दबदबा बरकरार रखा है। वियतनाम के खिलाफ खेले गए अहम ग्रुप मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार समन्वय और तकनीकी श्रेष्ठता का प्रदर्शन करते हुए सीधे सेटों में 2-0 (15-12, 15-9) से जीत दर्ज की। टूर्नामेंट में लगातार दूसरा मैच जीतकर भारतीय टीम अजेय बनी हुई है। दल का अगला मुकाबला म्यांमार की टीम के खिलाफ होना है। यदि भारतीय खिलाड़ी अगले दौर में प्रवेश कर सेमीफाइनल में जगह बना लेते हैं, तो इस स्पर्धा में भारत का एक और पदक पक्का हो जाएगा।
आर्चरी में कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग से निराशा
तीरंदाजी रेंज से भारतीय खेमे के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई। कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय तीरंदाज चिकिता तनिपर्थी कड़े मुकाबले में हारकर बाहर हो गईं। एक दिन पहले ही दो स्वर्ण पदक अपने नाम करने वाली चिकिता तीसरे स्वर्ण की तलाश में इस व्यक्तिगत स्पर्धा में उतरी थीं। इस वर्ग में भारत के पिछले खिताब को बचाने की भी बड़ी जिम्मेदारी थी, जिसे पिछली बार ज्योति सुरेखा ने देश के नाम किया था। क्वार्टर फाइनल में चिकिता का सामना इंडोनेशिया की नुरिसा डियान अशरीफा से हुआ। पूरे मैच के दौरान दोनों के बीच एक-एक अंक की रोमांचक लड़ाई चली, परंतु अंत में नुरिसा ने मात्र एक अंक के अंतर से 144-143 से बाजी मार ली। इस बेहद करीबी पराजय के साथ ही चिकिता का इस स्पर्धा में सफर थम गया और भारतीय महिला कंपाउंड व्यक्तिगत अभियान का भी अंत हो गया।



















