वर्ष 2026 के एशियाई खेलों में भारतीय दल का अभियान बुधवार को बेहद यादगार साबित हुआ, जहाँ खिलाड़ियों ने असाधारण कौशल दिखाते हुए देश की झोली में कुल 4 स्वर्ण पदक डाले। इस शानदार दिन का मुख्य आकर्षण भारतीय तीरंदाज रहे, जिन्होंने सटीक निशानों के दम पर 3 स्वर्ण पदक अपनी झोली में किए। इसके अलावा निशानेबाजी रेंज से भी देश को एक और स्वर्ण पदक हासिल हुआ, जिसने पदकों की इस सुनहरी संख्या को चार तक पहुँचा दिया।
पदक तालिका में भारत की वर्तमान स्थिति
इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत पदक तालिका में 8वें स्थान पर मजबूती से बना हुआ है। भारतीय टीम के खाते में अब 10 स्वर्ण, 21 रजत और 29 कांस्य समेत कुल 60 पदक दर्ज हो चुके हैं। बुधवार 1 अक्टूबर के दिन भी भारतीय दल के पास अपनी रैंकिंग को और बेहतर करने के ढेरों बेहतरीन मौके मौजूद हैं। भारतीय एथलीट कई अलग अलग स्पर्धाओं में दावेदारी पेश कर रहे हैं, जिनमें तीरंदाजी, निशानेबाजी, कुश्ती, हॉकी, क्रिकेट, स्क्वॉश, टेनिस, साइक्लिंग, सेपक टकरा और एथलेटिक्स जैसी प्रमुख खेल विधाएं शामिल हैं।
कंपाउंड स्पर्धा के रोमांचक मुकाबले में थमा चिकिता का सफर
तीरंदाजी के मैदान से हालांकि एक करीबी हार भी सामने आई, जब महिला व्यक्तिगत कंपाउंड वर्ग के क्वार्टर फाइनल में चिकिता तनिपार्थी उम्मीद के मुताबिक निरंतरता बरकरार नहीं रख सकीं। मुकाबले के अंतिम दौर में उनके निशानों में 9s की एक सीरीज और एक बार 8 का स्कोर लगा, जिसके चलते उनका कुल स्कोर 143 पर ही सिमट गया। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए इंडोनेशिया की नुरिसा दिया अशरीफा ने केवल 1 अंक के बेहद करीबी अंतर से बाजी मार ली और भारतीय खिलाड़ी को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया। इस मुकाबले में मिली हार के बाद भी 2026 के इन खेलों में चिकिता का सफर बेहद प्रभावशाली माना जा रहा है, क्योंकि वह इससे पहले ही देश के नाम दो ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दर्ज करवा चुकी हैं।



















