जापान में आयोजित हो रहे एशियाई खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक आठ स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिए हैं। इस प्रतियोगिता की पदक तालिका में चीन सबसे अधिक स्वर्ण पदक जीतकर शीर्ष स्थान पर मजबूती से बना हुआ है। किसी भी बड़े खेल आयोजन में भाग लेने वाले हर एथलीट की सबसे बड़ी ख्वाहिश पोडियम के शीर्ष पर खड़े होकर स्वर्ण पदक हासिल करने की होती है। यह पदक खिलाड़ी के वर्षों के कड़े अभ्यास, पसीने और खेल कौशल का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता है। हालांकि, बहुत कम लोग यह हकीकत जानते हैं कि चाहे ओलंपिक हो या एशियाई खेल, विजेताओं को दिया जाने वाला स्वर्ण पदक वास्तव में शत-प्रतिशत ठोस सोने का नहीं बना होता।
स्वर्ण पदक का वास्तविक वजन और संरचना
जापान के आइची-नागोया में जारी इन खेलों के सभी खेल प्रतिस्पर्धाओं के लिए पदक एक ही स्वरूप और तय आकार में तैयार किए गए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस प्रतियोगिता के एक स्वर्ण पदक का कुल वजन करीब 265 ग्राम बैठता है। इस पदक की सबसे दिलचस्प बात इसकी धातु संरचना है, क्योंकि इसमें लगभग 264 ग्राम विशुद्ध चांदी का उपयोग किया गया है। इसके बाहरी हिस्से पर चमक और रूप देने के लिए केवल कम से कम एक ग्राम सोने की परत चढ़ाई गई है। इस तरह जिसे दुनिया भर में स्वर्ण पदक कहा जाता है, उसका अधिकांश हिस्सा तकनीकी रूप से शुद्ध चांदी ही होता है।
पदक की बनावट और पर्यावरण अनुकूल निर्माण
अगर इसके भौतिक स्वरूप की बात करें, तो इस पदक का व्यास 80 मिलीमीटर रखा गया है और इसकी मोटाई 5 मिलीमीटर है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आयोजन समिति ने इन पदकों के निर्माण में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। आयोजकों ने रिसाइक्लिंग पद्धति को अपनाते हुए इन पदकों को विशेष रूप से डिजाइन किया है। पदक बनाने के लिए इस्तेमाल की गई सभी जरूरी धातुएं बेकार हो चुके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज से निष्कर्षण तकनीक के जरिए जुटाई गई हैं, जो कचरा प्रबंधन और पुनर्चक्रण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
रजत और कांस्य पदक का रासायनिक अनुपात
प्रतियोगिता का रजत पदक पूरी तरह 264 ग्राम शुद्ध चांदी से तैयार किया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस चांदी के पदक में किसी भी अन्य धातु का मिश्रण नहीं किया गया है। वहीं दूसरी तरफ, तीसरे स्थान पर आने वाले विजेताओं को दिया जाने वाला कांस्य पदक कुल 222 ग्राम का है। यह पदक रेड ब्रॉस मिश्रधातु से निर्मित किया गया है, जिसके अंदर 95% तांबा और 5% जस्ता शामिल है। अगर धातु के वजन के हिसाब से देखें, तो इसमें लगभग 210.9 ग्राम तांबा तथा करीब 11.1 ग्राम जस्ता प्रयुक्त हुआ है।


















