शेनजेन के बैडमिंटन कोर्ट पर शुक्रवार का दिन भारतीय प्रशंसकों के लिए निराशाजनक रहा। भारत के अनुभवी शटलर किदांबी श्रीकांत का चीन मास्टर्स सुपर 750 टूर्नामेंट में सफर क्वार्टर फाइनल मुकाबले के साथ ही समाप्त हो गया। टूर्नामेंट के इस चरण में उनका मुकाबला हांगकांग के खिलाड़ी ली चेक यियू से था, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय चुनौती को सीधे गेम में समाप्त कर दिया। केवल उनतालीस मिनट तक चले इस कड़े संघर्ष में बाजी आखिरकार हांगकांग के खिलाड़ी के हाथ लगी।
मैच की शुरुआत और कड़ा संघर्ष
तीस3 वर्ष के किदांबी श्रीकांत इस मुकाबले में अपने बेहतरीन अनुभव के साथ उतरे थे। मैच की शुरुआत में भारतीय खिलाड़ी ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए शुरुआती पलों में बढ़त हासिल की और स्कोर को तीन शून्य पर पहुंचा दिया। हालांकि, उनके प्रतिद्वंद्वी ने भी जल्द ही अपनी गलतियों से सीखते हुए वापसी की और लगातार अंक हासिल करके स्कोर को बराबरी पर ला खड़ा किया। इसके बाद हांगकांग के खिलाड़ी ने अपनी गति और रणनीति में बदलाव किया और लगातार छह अंक बटोरते हुए स्कोर चौदह छह कर दिया।
शुरुआती दौर में पिछड़ने के बाद भारतीय शटलर ने फासले को पाटने की पूरी कोशिश की, लेकिन शुरुआती दौर में बने अंकों के बड़े अंतर को पाट पाना आसान नहीं था। ली चेक यियू ने अपने खेल में धैर्य का परिचय दिया और पहला गेम अपने नाम करने में सफल रहे। इस मुकाबले से पहले इस साल के शुरुआती महीनों में अमेरिकी ओपन सुपर 300 प्रतियोगिता में उपविजेता का स्थान हासिल करके श्रीकांत ने अपने फॉर्म में सुधार के संकेत दिए थे।
दूसरे गेम का रोमांच और निर्णायक पल
दूसरा गेम पहले की तुलना में कहीं अधिक रोमांचक और कड़ा रहा। एक बार फिर से मैच की शुरुआत करते हुए किदांबी श्रीकांत ने तेजी दिखाई और चार शून्य की बढ़त बना ली। लेकिन इस बार भी उनके प्रतिद्वंद्वी ने हार नहीं मानी और लगातार अंक जुटाकर स्कोर को चार-चार से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी और थका देने वाली रैलियों का दौर चला, जहां एक-एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला।
इस रोमांचक दौर में बढ़त कई बार एक खिलाड़ी से दूसरे के पाले में गई और दोनों शटलर पंद्रह-पंद्रह की बराबरी पर पहुंच गए। जब ऐसा लग रहा था कि मैच किसी भी करवट बैठ सकता है और भारतीय खिलाड़ी निर्णायक बढ़त बना लेंगे, तभी हांगकांग के ली चेक यियू ने गियर बदला। उन्होंने अपनी तेजी का पूरा इस्तेमाल करते हुए लगातार तीन अंक लेकर बढ़त अठारह पंद्रह कर ली। इसके बाद तीन और अंक अपने नाम करते हुए उन्होंने सीधे गेम में मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया।
अगला दौर और पिछला प्रदर्शन
इस जीत के साथ ही ली चेक यियू ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, जहां उनका मुकाबला फ्रांस के दूसरे नंबर के खिलाड़ी क्रिस्टो पोपोव से होगा। तीस वर्ष के ली चेक इस साल के मध्य में भी अपनी फॉर्म का जलवा बिखेर चुके हैं। उन्होंने मई के महीने में आयोजित सिंगापुर ओपन के दौरान बेहद मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलते हुए ऑल इंग्लैंड चैंपियन लिन चुन-यी को शिकस्त दी थी।
चीन मास्टर्स के इस संस्करण में किदांबी श्रीकांत का सफर भले ही क्वार्टर फाइनल में आकर रुक गया हो, लेकिन इससे पहले के दौर में उनका प्रदर्शन बेहद काबिले तारीफ रहा था। राउंड सोलह के मुकाबले में उन्होंने कनाडा के दुनिया के नौवें नंबर के मजबूत खिलाड़ी विक्टर लाई को इक्कीस अट्ठारह और इक्कीस उन्नीस के अंतर से हराकर बाहर का रास्ता दिखाया था। हालांकि इस बार वे उस लय को क्वार्टर फाइनल के निर्णायक पलों तक बरकरार नहीं रख सके।



















