अमेरिकी डॉलर और बॉंड यील्ड में हाल ही में गिरावट दर्ज की गई है, जिसके पीछे फेडरल रिजर्व के क्रिस्टफर वालर की ओर से दिए गए नरम बयान मुख्य वजह रहे। इस बीच शेयर बाजारों में तेजी का रुख देखने को मिला है, क्योंकि निवेशकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक की ओर से किसी भी तरह की सख्ती बहुत सीमित होगी और यह मजबूत आर्थिक माहौल को पटरी से नहीं उतार पाएगी।
फेडरल रिजर्व के रुख में बदलाव और ब्याज दरें
फेडरल रिजर्व के क्रिस्टफर वालर के विचार उम्मीद से कहीं अधिक नरम रहे। केविन वॉर्श के पिछले हफ्ते के आक्रामक भाषण को आगे बढ़ाने के बजाय क्रिस्टफर वालर की टिप्पणियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी को सही ठहराने के लिए अगस्त के महंगाई आंकड़ों का बेहद गर्म होना जरूरी है, अन्यथा वह दरों को स्थिर रखने के पक्ष में मतदान करेंगे। इस बहस के बीच कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा भी या नहीं, बाजार मान रहा है कि मौद्रिक सख्ती का दौर काफी हल्का रहने वाला है।
विदेशी मुद्रा बाजार और अन्य मुद्राओं का हाल
एशियाई सत्र के दौरान जापानी येन में मजबूती बनी हुई है, जो बैंक ऑफ जापान की तरफ से दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों और संभावित सरकारी हस्तक्षेप का परिणाम है। इसके चलते USD/JPY जोड़ी में कमजोरी जारी है। दूसरी ओर AUD/USD जोड़ी 0.7200 के ऊपर स्थिर बनी हुई है, जो मई के मध्य के बाद से इसका उच्चतम स्तर है। अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक रुख के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को लगातार समर्थन मिल रहा है।
सोने की चाल और श्रम बाजार के आंकड़े
सोने की कीमतें एशियाई सत्र के दौरान 4,500 डॉलर के स्तर से नीचे रक्षात्मक रुख अपनाए हुए हैं और डॉलर में मामूली सुधार के कारण इसका दो दिन का विजय क्रम थम गया है। हालांकि यह धातु अभी भी अपने साप्ताहिक उच्च स्तर के करीब बनी हुई है। अमेरिकी श्रम ब्यूरो की तरफ से अगस्त महीने के नॉनफार्म पेरोल्स (NFP) आंकड़े जारी किए जाने हैं। जानकारों का अनुमान है कि जुलाई के अप्रत्याशित -23K के आंकड़े के बाद अगस्त में NFP में 56K की वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
डीजल बाजार और ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति
तेल बाजार भले ही शांत नजर आ रहा हो, लेकिन डीजल के मोर्चे पर हालात अलग हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा और WTI के बीच का प्रीमियम, पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है और इसने 102.00 डॉलर से थोड़ा ऊपर अपना अब तक का रिकॉर्ड intraday स्तर छू लिया है।


















