झुंझुनूं जिले के रहने वाले युवा वॉलीबॉल खिलाड़ी निखिल कुमार का चयन भारतीय अंडर-18 बालक वॉलीबॉल टीम के लिए हुआ है। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) द्वारा चुनी गई इस राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनकर निखिल ने पूरे राजस्थान का मान बढ़ाया है। लंबे समय से निरंतर अभ्यास और विभिन्न टूर्नामेंट्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है, जिससे उनके गृह जिले में खुशी का माहौल है।
चीन में अंतरराष्ट्रीय मंच पर चुनौती
निखिल कुमार अब 1 जुलाई से 10 जुलाई तक चीन के शॉनगुलाऊ शहर में आयोजित होने वाली अंडर-18 वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में भारतीय जर्सी पहनकर खेलेंगे। दुनिया भर के स्कूली स्तर के बेहतरीन खिलाड़ियों की मौजूदगी वाली इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करना एक बड़ी उपलब्धि है।
रांची में हुई कठिन परीक्षा
भारतीय टीम में चयन के लिए झारखंड की राजधानी रांची के हरिवंश भगत इंडोर स्टेडियम में विशेष ट्रायल्स रखे गए थे। देश भर से पहुंचे शीर्ष खिलाड़ियों के बीच हुई इस कड़ी चयन प्रक्रिया में तकनीकी कौशल, फिटनेस, टीम भावना और दबाव झेलने की क्षमता को परखा गया। इस प्रक्रिया में देश भर से 14 खिलाड़ियों को चुना गया, जिनमें निखिल कुमार अपनी जगह बनाने में सफल रहे।
मिडिल ब्लॉकर के रूप में धाक
ट्रायल्स के दौरान निखिल ने अपनी शानदार 'मिडिल ब्लॉकर' भूमिका से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। नेट पर विपक्षी टीम के हमलों को नाकाम करने की उनकी क्षमता और ऊंची छलांग लगाने की कला ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग खड़ा किया। चयन समिति में पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हेमा केलकर, राजन सेन, अमरजीत और मुख्य कोच डॉ. शैलेश कुमार जैसे दिग्गजों ने उनकी इसी रक्षात्मक शैली को देखते हुए टीम में शामिल किया।
राजस्थान और झुंझुनूं का बढ़ा गौरव
इस चैंपियनशिप के लिए राजस्थान से केवल दो खिलाड़ियों का चयन हुआ है। झुंझुनूं के निखिल कुमार के साथ-साथ निखिल जाट भी टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे। स्वर्ण जयंती स्टेडियम में राजस्थान क्रीड़ा परिषद की वॉलीबॉल एकेडमी में अभ्यास करने वाले निखिल कुमार खेल के प्रति बेहद समर्पित हैं। उनके पिता ने बताया कि निखिल पढ़ाई के साथ-साथ वॉलीबॉल के प्रति हमेशा से जुनूनी रहे हैं। निखिल का सपना अब भारतीय सीनियर टीम के लिए खेलना और देश को अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाना है।













