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ग्लासगो में रजत पदक जीतकर सागर लौटीं यामिनी मौर्य, ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने की तैयारी में जुटींखेल
8 अग॰ 2026, 8:49 pm (80 दिन पहले)· 0

ग्लासगो में रजत पदक जीतकर सागर लौटीं यामिनी मौर्य, ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने की तैयारी में जुटीं

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का रजत पदक जीतने के बाद सागर पहुंचीं यामिनी मौर्य का भव्य स्वागत किया गया, जहां उन्होंने 25 लाख रुपये के सरकारी इनाम के साथ अपने भविष्य के ओलंपिक रोडमैप का खुलासा किया।

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स की जूडो प्रतियोगिता में देश का परचम लहराने के बाद अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी यामिनी मौर्य अपने गृह नगर सागर वापस पहुंच गई हैं। 18 वर्षों के कड़े संघर्ष और निरंतर अभ्यास के बाद इस मुकाम तक पहुंचीं यामिनी का शहरवासियों ने गाजे-बाजे के साथ जोरदार नागरिक अभिनंदन किया। पूरे नगर में जुलूस निकालकर उनकी इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाया गया। वैश्विक प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल करने के बावजूद यामिनी का सफर यहीं समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अब उनका पूरा ध्यान ओलंपिक खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने पर केंद्रित हो गया है और वह जल्द ही अपनी नई तैयारियों में जुटने जा रही हैं।

अभावों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर

सागर के पुरानी सदर क्षेत्र की संकरी गलियों से निकलकर वैश्विक पटल पर पहचान बनाने वाली यामिनी मौर्य ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा एक स्थानीय सरकारी स्कूल से प्राप्त की है। उनके पिता हरिओम मौर्य एक छोटे किसान हैं, जिन्होंने गंभीर आर्थिक तंगी और सामाजिक ताने सहने के बाद भी अपनी बेटी के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। आज भी उनका परिवार एक छोटे कच्चे मकान में निवास करता है। यामिनी की इस अभूतपूर्व उपलब्धि के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है, जिसमें नाते-रिश्तेदार, प्रशासनिक अधिकारी और जन प्रतिनिधि शामिल हैं। इस ऐतिहासिक सफलता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने भी यामिनी मौर्य को 25 लाख रुपये की सम्मान राशि और शासकीय सेवा में नौकरी देने का आधिकारिक ऐलान किया है।

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फाइनल मुकाबले का विश्लेषण और कड़ा प्रशिक्षण चक्र

रजत पदक जीतने के बाद अपने मैच के अनुभवों को साझा करते हुए यामिनी मौर्य ने बताया कि फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी के खिलाफ जूडो की बाउट पूरे 3 मिनट तक चली। यह मुकाबला दोनों खिलाड़ियों की शारीरिक ताकत और स्टेमिना की कड़ी परीक्षा था। मैच के अंतिम पलों में इंग्लैंड की खिलाड़ी को थोड़ा समर्थन मिल गया और वह काफी आक्रामक हो गई। यामिनी के अनुसार, यदि उस निर्णायक क्षण में वह स्वयं अत्यधिक आक्रामक होने के बजाय धैर्य बनाए रखतीं, तो स्वर्ण पदक उनके नाम हो सकता था। इस प्रतियोगिता की तैयारी के लिए वह पिछले 6 महीनों से रोजाना 5 घंटे का कठिन अभ्यास कर रही थीं। उन्होंने कर्नाटक के बेल्लारी में गहन प्रशिक्षण लिया था, जबकि इससे पूर्व चीन, जापान और इंग्लैंड जैसे देशों में आयोजित विशेष अभ्यास शिविरों में भी हिस्सा लिया था।

एशियन गेम्स और ओलंपिक क्वालीफिकेशन का रोडमैप

आगामी रणनीतियों पर बात करते हुए यामिनी मौर्य ने बताया कि जापान में होने वाले एशियाई खेलों को ध्यान में रखते हुए वह इसी सितंबर महीने से एक बार फिर उसी जुनून और लगन के साथ अपना प्रशिक्षण शुरू करने जा रही हैं। एशियाई खेलों से पहले वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को ढालने के लिए कोरिया और इंग्लैंड में विशेष प्रशिक्षण हासिल करेंगी, जिसके बाद वह सीधे जापान के लिए रवाना होंगी। इसके अलावा वह इस वर्ष होने वाली वर्ल्ड कप चैंपियनशिप में भी हिस्सा लेंगी। एशियाई खेलों और वर्ल्ड कप चैंपियनशिप में लगातार भाग लेने से उनकी वैश्विक रैंकिंग में सुधार होगा, जो उन्हें सीधे ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में मदद करेगा। उनका एकमात्र सपना ओलंपिक के मंच पर तिरंगा लहराना और देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।

भावी योजनाएं और नई पीढ़ी के लिए विज़न

अपने खेल करियर के भविष्य के संबंध में बात करते हुए यामिनी मौर्य ने स्पष्ट किया कि वह अभी अगले 4 वर्षों तक पेशेवर जूडो खेलना जारी रखेंगी। इसके पश्चात वह संन्यास लेने पर विचार कर सकती हैं, लेकिन संन्यास के बाद भी वह इस खेल से पूरी तरह अलग नहीं होंगी। वह अपने शहर सागर में एक आधुनिक सुविधाओं से लैस जूडो हॉल की स्थापना करना चाहती हैं। उनका उद्देश्य स्थानीय युवाओं और नई पीढ़ी को जूडो के खेल से जोड़ना है ताकि सागर की छुपी हुई खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें तथा भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत सकें।

सवाल-जवाब

यामिनी मौर्य ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कौन सा पदक जीता है?
यामिनी मौर्य ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स की जूडो प्रतियोगिता में भारत के लिए रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीता है।
मध्य प्रदेश सरकार ने यामिनी मौर्य के लिए क्या घोषणा की है?
मध्य प्रदेश सरकार ने यामिनी मौर्य को 25 लाख रुपये की नकद सम्मान राशि और सरकारी नौकरी देने का आधिकारिक ऐलान किया है।
यामिनी मौर्य का आगामी मुख्य लक्ष्य क्या है?
यामिनी का आगामी लक्ष्य एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन कर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना और भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
संन्यास के बाद यामिनी मौर्य की क्या योजना है?
यामिनी अगले 4 साल और खेलने के बाद संन्यास लेने पर विचार करेंगी और सागर में एक आधुनिक जूडो हॉल बनाकर नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करेंगी।
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