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उत्तर प्रदेश में डीजीपी राजीव कृष्ण का बड़ा एक्शन, नौ जिलों के दस थानेदार सस्पेंडउत्तर प्रदेश
27 अक्तू॰ 2026, 8:40 pm (11 मिनट पहले)· 0

उत्तर प्रदेश में डीजीपी राजीव कृष्ण का बड़ा एक्शन, नौ जिलों के दस थानेदार सस्पेंड

उत्तर प्रदेश में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई हुई है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने नौ जिलों के दस थानाध्यक्षों को निलंबित कर दिया है और तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में जनशिकायतों के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरी है। राज्य के डीजीपी राजीव कृष्ण ने सख्त कदम उठाते हुए नौ जिलों के दस थानाध्यक्षों को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस मुख्यालय की इस कार्रवाई के बाद से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है और लापरवाह अधिकारियों में भारी हड़कंप की स्थिति है।

किन जिलों और थानों के प्रभारियों पर गिरी गाज

डीजीपी द्वारा की गई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई की चपेट में आने वाले अधिकारियों में राजधानी लखनऊ के बाबू बनारसीदास थाने के प्रभारी भी शामिल हैं। इसके अलावा खीरी, उन्नाव, एटा, आगरा, प्रतापगढ़, बदायूं, बिजनौर और मथुरा जिलों के विभिन्न थानों के एसएचओ को भी निलंबित किया गया है। इन सभी पर आम जनता की शिकायतों की अनदेखी करने और मामलों के निस्तारण में कोताही बरतने के गंभीर आरोप हैं।

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तीन दिन में मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

उच्चाधिकारियों की तरफ से सभी संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मामले में पूरी जांच करें। डीजीपी कार्यालय ने इन सभी प्रकरणों पर तीन दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। पुलिस प्रशासन की यह सख्ती दर्शाती है कि आम नागरिकों की शिकायतों के समाधान में किसी भी तरह की सुस्ती या हीलाहवाली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सवाल-जवाब

कितने थानाध्यक्षों को सस्पेंड किया गया है?
उत्तर प्रदेश में नौ जिलों के कुल दस थानाध्यक्षों को सस्पेंड किया गया है।
यह कार्रवाई किसने की है?
यह सख्त कार्रवाई यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण ने की है।
यह कार्रवाई किस वजह से की गई है?
जनशिकायतों के निपटारे में लापरवाही बरतने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
किन-किन जिलों के थानेदार इसकी चपेट में आए हैं?
लखनऊ, खीरी, उन्नाव, एटा, आगरा, प्रतापगढ़, बदायूं, बिजनौर और मथुरा के थानेदार शामिल हैं।
संबद्ध जिलों से क्या मांगा गया है?
डीजीपी ने सभी संबंधित जिलों से तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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