पुरुष पेशेवर टेनिस में डबल्स फॉर्मेट के भविष्य को लेकर शासी निकाय और खिलाड़ियों के बीच तीखा टकराव सामने आ गया है। एटीपी टूर ने 2028 से डबल्स स्पर्धाओं के ड्रा आकार को आधा करने और उनकी प्राइज मनी में भारी कटौती करने की योजना तैयार की है। इस फैसले के विरोध में दुनिया भर के शीर्ष खिलाड़ियों, पूर्व दिग्गजों और राष्ट्रीय संघों ने मोर्चा खोल दिया है। 150 से अधिक पुरुष डबल्स खिलाड़ियों ने एक खुला पत्र जारी कर शासी निकाय से इन बदलावों पर दोबारा विचार करने की पुरजोर मांग की है।
प्रस्तावित बदलाव: ड्रा में कटौती और इनामी राशि में 50 फीसदी की गिरावट
एटीपी टूर का प्रस्तावित ढांचा टूर के बड़े और छोटे दोनों स्तर के टूर्नामेंटों को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगा। एटीपी के प्रमुख मास्टर्स 1000 आयोजनों में डबल्स ड्रा को आधा करके केवल 16 जोड़ियों तक सीमित करने की योजना बनाई गई है। वहीं दूसरी ओर, कैलेंडर के छोटे टूर्नामेंटों में स्थिति और भी संकुचित हो जाएगी, जहां केवल 8 जोड़ियों को ही मुख्य ड्रा में खेलने की अनुमति देने का प्रस्ताव है।
ड्रा के आकार के साथ ही खिलाड़ियों की कमाई पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। वर्तमान व्यवस्था के तहत टूर्नामेंटों की कुल इनामी राशि का 20 प्रतिशत हिस्सा डबल्स वर्ग के लिए निर्धारित रहता है। नए प्रस्ताव के तहत इस आवंटन को घटाकर केवल 10 प्रतिशत करने की तैयारी है। इस कटौती से बचने वाली राशि को सिंगल्स खिलाड़ियों के बीच पुनर्वितरित करने की योजना पेश की गई है। इस वित्तीय बदलाव से डबल्स विशेषज्ञों की आजीविका पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
खिलाड़ियों और दिग्गजों का कड़ा विरोध: 137 मौजूदा खिलाड़ी और 28 लीजेंड्स साथ
प्रस्तावों की गंभीरता को देखते हुए खिलाड़ियों ने सामूहिक ताकत दिखाई है। सोमवार को सामने आए इस खुले पत्र पर 137 वर्तमान सक्रिय खिलाड़ियों, 28 पूर्व लीजेंड्स और 20 राष्ट्रीय टेनिस संघों ने हस्ताक्षर किए हैं। हस्ताक्षर करने वालों में फिनलैंड के हैरी हेलियोवारा और ब्रिटेन के हेनरी पैटन शामिल हैं, जो वर्तमान में विश्व की नंबर एक जोड़ी हैं और विंबलडन चैंपियन भी हैं।
पत्र तैयार करने वाले प्रमुख सूत्रधारों में शामिल नीदरलैंड्स के खिलाड़ी सेम वेरबीक ने इस कदम को खेल के अस्तित्व पर हमला करार दिया। सेम वेरबीक ने कहा कि हम टेनिस के एक ऐसे ऐतिहासिक फॉर्मेट को खोने के जोखिम में हैं जिसका भविष्य बेहद बड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कदम पेशेवर खिलाड़ियों के करियर, उनकी आजीविका और उनके सपनों को पूरी तरह नष्ट कर देंगे।
2025 में विंबलडन खिताब जीतकर विश्व नंबर एक बनने वाली ब्रिटिश जोड़ी लॉयड ग्लासपूल और जूलियन कैश ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इस जोड़ी ने शासी निकाय पर खेल के एक अभिन्न हिस्से को खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: ब्रायन ब्रदर्स का ऐतिहासिक रुख
टेनिस इतिहास की सबसे सफलतम जोड़ियों में शुमार जुड़वां भाई बॉब ब्रायन और माइक ब्रायन ने भी खिलाड़ियों के इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया है। ब्रायन ब्रदर्स ने संकेत दिया है कि यदि आवश्यक हुआ तो वे डबल्स फॉर्मेट के संरक्षण के लिए कानूनी कदम उठाने वाले समूह का साथ देंगे।
बॉब ब्रायन ने इस विषय पर टिप्पणी करते हुए कहा कि टूर इस समय अपने इतिहास के सबसे मजबूत वित्तीय दौर में है और ऐसे में प्रबंधन को कटौती करने के बजाय नए अवसर पैदा करने चाहिए। वहीं माइक ब्रायन ने इन बदलावों को प्रतिस्पर्धा-विरोधी बताया। माइक ब्रायन ने याद दिलाया कि वर्ष 2005 में भी उन्हें इसी प्रकार का कड़ा रुख अपनाना पड़ा था और वे आज भी डबल्स फॉर्मेट और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे खिलाड़ियों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
एटीपी का तर्क: डेटा, राजस्व और टूर की मजबूती
दूसरी तरफ, एटीपी प्रबंधन का कहना है कि यह पुनरीक्षण 2028 से टूर को अधिक मजबूत और व्यावसायिक रूप से टिकाऊ बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। निकाय का तर्क है कि डबल्स के लिए दीर्घकालिक और स्थायी मॉडल तैयार करना जरूरी है, जिसमें डबल्स की महत्वपूर्ण भूमिका भी बनी रहे।
एटीपी के अनुसार, यह योजना लागत, राजस्व और दर्शकों की संख्या से जुड़े आंकड़ों के गहन विश्लेषण पर आधारित है। टूर का मानना है कि अब बहुत कम सिंगल्स खिलाड़ी डबल्स में भाग लेते हैं, जिसके चलते अकेले डबल्स आयोजनों का वर्तमान आकार टूर्नामेंट आयोजकों पर अत्यधिक वित्तीय और लॉजिस्टिक दबाव डालता है। टेनिस गलियारों में कुछ पक्षों का यह भी मानना है कि प्रशंसकों की रुचि को देखते हुए डबल्स को 20 प्रतिशत इनामी राशि देना व्यावसायिक रूप से असंतुलित है।
खिलाड़ियों की दलील और संवाद की उम्मीद
डबल्स खिलाड़ियों ने अपने संयुक्त पत्र में स्वीकार किया कि वे खेल के व्यावसायिक विस्तार और टूर्नामेंटों को मजबूत करने की आवश्यकता को समझते हैं, लेकिन मौजूदा सुधार सीमा से परे हैं। खिलाड़ियों का तर्क है कि एटीपी को डबल्स को किनारे करने के बजाय इसके प्रचार-प्रसार में निवेश करना चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि क्लब स्तर पर आम लोग और शौकिया खिलाड़ी सबसे ज्यादा डबल्स ही खेलते हैं, जिससे यह फॉर्मेट प्रशंसकों के अधिक करीब है।
विंबलडन चैंपियन हेनरी पैटन ने कहा कि खिलाड़ी एक कठिन चुनौती का सामना कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि टूर उनके जवाबी प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करेगा। विंबलडन के बाद से दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, जिसमें शंघाई मास्टर्स के दौरान हुई बैठक भी शामिल है।
हालांकि कई खिलाड़ी अभी भी यह महसूस कर रहे हैं कि एटीपी की ओर से लचीलापन नहीं दिखाया जा रहा है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि एक साझा समझौते तक पहुंचने की संभावनाएं मौजूद हैं। अंतिम फैसला अगले महीने ट्यूरिन में होने वाले एटीपी फाइनल्स के दौरान लिया जाएगा, जहां चेयरमैन एंड्रिया गौडेंजी, टूर्नामेंट के चार प्रतिनिधि और खिलाड़ियों के चार प्रतिनिधियों वाला एटीपी बोर्ड इन प्रस्तावों पर मतदान करेगा।



















