कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारतीय खेमे के लिए एक और यादगार पल आया, जब लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। बॉक्सिंग रिंग में भारतीय मुक्केबाजों की पदकों की बरसात के बीच ट्रैक पर भी तिरंगा लहराया। इसी के साथ गुलवीर सिंह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स के दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।
5000 मीटर में तीसरे नंबर पर रहे गुलवीर
मौजूदा एशियाई चैम्पियन गुलवीर सिंह ने 13 मिनट 24.95 सेकंड का समय निकालकर 5000 मीटर की रेस तीसरे स्थान पर खत्म की। इससे पहले 28 जुलाई को वह 10000 मीटर की रेस में रजत पदक जीत चुके थे। यानी एक ही टूर्नामेंट में दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतकर उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स में नई कहानी लिख दी।
किसने जीता स्वर्ण और रजत
5000 मीटर स्पर्धा में केन्या के मैथ्यू किपचुंबा किपसांग ने 13 मिनट 23.61 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया के की रॉबिनसन दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें रजत पदक मिला। गुलवीर मामूली अंतर से पीछे रहकर कांस्य पदक तक पहुंचे।
28 साल के गुलवीर के नाम कई रिकॉर्ड
28 साल के गुलवीर सिंह के नाम पहले से ही 5000 मीटर और 10000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज है। इससे पहले उन्होंने हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में 10000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। यह प्रदर्शन उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर होते जाने का सबूत रहा है।
एशियन गेम्स के बाद कॉमनवेल्थ में भी कमाल
कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2022 में भी शानदार खेल दिखाया था, जहां उन्होंने 10000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। उसी 10000 मीटर स्पर्धा में प्रदर्शन को अगले स्तर पर ले जाते हुए उन्होंने इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता। इसके ठीक बाद 5000 मीटर रेस में भी पदक तक पहुंचना उनके करियर के सबसे शानदार दौर में गिना जा रहा है।
1986 के बाद पहली बार पोडियम पर नहीं दिखा अफ्रीकी दबदबा
पुरुषों की 10000 मीटर रेस में साल 1986 के बाद यह पहला मौका था, जब पोडियम पर युगांडा और केन्या जैसे देशों के एथलीट नजर नहीं आए। लंबी दूरी की दौड़ में इन अफ्रीकी देशों का दशकों से दबदबा रहा है, लेकिन इस बार गुलवीर सिंह ने भारत को पोडियम तक पहुंचाकर यह परंपरा तोड़ते हुए नया इतिहास बना दिया।



















