ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में मणिपुर की प्रतिभावान भारोत्तोलक बिंदियारानी ने 58 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक अपने नाम कर इतिहास दोहराया है। इस प्रतियोगिता में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर उन्होंने लगातार दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों के मंच पर तिरंगा लहराया। इससे पहले वर्ष 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में बिंदियारानी ने 55 किलोग्राम भारवर्ग में 202 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया था। लगातार दो राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने की इस शानदार उपलब्धि के साथ ही उनकी संघर्ष भरी और प्रेरणादायक यात्रा एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
आर्थिक तंगी और 'मीराबाई चानू 2.0' का तमगा
मणिपुर से आने वाली बिंदियारानी उसी खेल अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं जहाँ से ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने अपनी यात्रा शुरू की थी। खेल गलियारों में उन्हें सम्मान से 'मीराबाई चानू 2.0' कहकर पुकारा जाता है। बिंदियारानी हमेशा से मीराबाई को अपना आदर्श मानती आई हैं और मीराबाई ने भी एक सीनियर खिलाड़ी व मेंटर के रूप में उनका मार्गदर्शन किया। अपने शुरुआती दिनों में बिंदियारानी बेहद कठिन आर्थिक तंगी का सामना कर रही थीं। स्थिति यह थी कि उनके पास भारोत्तोलन में इस्तेमाल होने वाले विशेष जूते खरीदने तक के पैसे मौजूद नहीं थे। जब इस बात का पता मीराबाई चानू को चला, तो उन्होंने आगे बढ़कर बिंदियारानी को महंगे वेटलिफ्टिंग जूते खरीदकर भेंट किए थे।
तकनीक, न्यूट्रिशन और अनुशासन का मिला मार्गदर्शन
मीराबाई चानू की मदद केवल आर्थिक सहयोग तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने बिंदियारानी के खेल प्रदर्शन को निखारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मीराबाई ने बिंदियारानी को लिफ्टिंग स्टाइल, बारबेल मूवमेंट और सही तकनीक को सुधारने के बारीक गुर सिखाए। करियर के शुरुआती दौर में बिंदियारानी अपनी डाइट को लेकर उतनी सतर्क नहीं रहती थीं। ऐसे में मीराबाई ने खुद पहल करते हुए उन्हें एथलीट डिसिप्लिन, न्यूट्रिशन प्लान और सही डाइट बनाए रखने का महत्व समझाया, जिससे उनके प्रदर्शन में निरंतरता आ सकी।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर हासिल की हैं कई बड़ी उपलब्धियां
बिंदियारानी का अंतरराष्ट्रीय करियर सफलताओं से भरा रहा है। राष्ट्रमंडल खेलों में दो पदक जीतने के अलावा उन्होंने विश्व स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी है। वर्ष 2021 में आयोजित वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के 55 किलोग्राम भारवर्ग में उन्होंने क्लीन एंड जर्क स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल कर सभी को चौंका दिया था। इसके बाद एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2023 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। वहीं इससे पूर्व वर्ष 2019 के साउथ एशियन गेम्स में भी बिंदियारानी ने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय तिरंगा फहराया था।



















