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मेजर ध्यानचंद की कर्मभूमि सीपरी बाजार का हीरोज ग्राउंड उपेक्षा का शिकार, खिलाड़ियों ने की जीर्णोद्धार की मांगखेल
16 सित॰ 2026, 6:00 pm (41 दिन पहले)· 1

मेजर ध्यानचंद की कर्मभूमि सीपरी बाजार का हीरोज ग्राउंड उपेक्षा का शिकार, खिलाड़ियों ने की जीर्णोद्धार की मांग

झांसी के सीपरी बाजार में स्थित ऐतिहासिक हीरोज ग्राउंड रखरखाव की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण खस्ताहाल स्थिति में पहुंच चुका है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों में निराशा है।

उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित सीपरी बाजार का ऐतिहासिक हीरोज ग्राउंड आज रखरखाव के अभाव में बदहाली के आंसू बहा रहा है। यह वही ऐतिहासिक खेल मैदान है जहां हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने शुरुआती दिनों में खेल की तकनीकों को निखारा था। बुजुर्गों की यादों में बसा यह मैदान कभी शहर में हॉकी की गतिविधियों का मुख्य केंद्र हुआ करता था, लेकिन वर्तमान समय में प्रशासनिक अनदेखी के कारण इसकी चमक फीकी पड़ चुकी है।

मेजर ध्यानचंद की यादों से जुड़ा ऐतिहासिक स्थल

हीरोज ग्राउंड का इतिहास भारतीय खेल जगत के सबसे सुनहरे पन्नों से जुड़ा हुआ है। स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि मेजर ध्यानचंद रोजाना घंटों इस मैदान पर पसीना बहाते थे और लगातार कड़ा अभ्यास करके अपनी हॉकी कला को निखारते थे। इतना ही नहीं, उन्होंने क्षेत्र के कई प्रतिभावान युवाओं को इसी मैदान पर हॉकी की बारीकियां सिखाईं और उन्हें एक बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित किया। इस मैदान परिसर में स्थापित मेजर ध्यानचंद की समाधि आज भी उनके महान योगदान और इस स्थान के गौरवशाली अतीत की याद दिलाती है। एक दौर था जब सुबह और शाम के समय यहाँ खिलाड़ियों का तांता लगा रहता था और दूर-दूर से दर्शक हॉकी मुकाबलों का आनंद लेने पहुँचते थे।

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बुनियादी सुविधाओं का अभाव और मैदान की दुर्दशा

कभी शहर के सबसे जीवंत खेल परिसरों में शुमार यह मैदान अब बुनियादी सुविधाओं के तरस रहा है। वर्तमान में मैदान की सतह कई जगहों से उखड़ चुकी है और खेलने योग्य हरी घास का नामोनिशान तक गायब हो रहा है। इसके अलावा, परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। दर्शकों के बैठने के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे मैच देखने आने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। सबसे गंभीर समस्या यह है कि यहाँ अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के लिए पीने का स्वच्छ पानी और शौचालय जैसी प्राथमिक सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हैं।

स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की जीर्णोद्धार की मांग

मैदान की वर्तमान स्थिति के कारण स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व खिलाड़ियों का कहना है कि अतीत में यहाँ नियमित रूप से मैच और बड़े टूर्नामेंट आयोजित किए जाते थे, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण अब यह रौनक पूरी तरह खत्म हो चुकी है। स्थानीय निवासियों और युवा खिलाड़ियों ने शासन व प्रशासन से मांग की है कि इस ऐतिहासिक मैदान का तुरंत जीर्णोद्धार किया जाए। लोगों का मानना है कि यदि मैदान को बेहतर रखरखाव और आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएं, तो झांसी एक बार फिर हॉकी की अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सकती है और नई पीढ़ी को एक बेहतरीन खेल मंच मिल सकता है।

सवाल-जवाब

झांसी का हीरोज ग्राउंड किस महान खिलाड़ी से जुड़ा है?
हीरोज ग्राउंड भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की शुरुआती अभ्यास भूमि और कर्मभूमि रहा है।
हीरोज ग्राउंड झांसी में कहां स्थित है?
यह ऐतिहासिक खेल मैदान झांसी के सीपरी बाजार इलाके में स्थित है।
वर्तमान में हीरोज ग्राउंड किस तरह की समस्याओं से जूझ रहा है?
मैदान की जमीन उखड़ी हुई है, घास गायब है, और पेयजल, शौचालय व दर्शक दीर्घा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
स्थानीय खिलाड़ियों और लोगों की क्या प्रमुख मांग है?
लोग और खिलाड़ी मांग कर रहे हैं कि मैदान का तुरंत जीर्णोद्धार किया जाए और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
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