ओडिशा के खेल समुदाय पर एक बड़ा वज्रपात हुआ है, जहां राज्य के दो प्रतिभाशाली खिलाड़ी सड़क हादसे की चपेट में आकर हमेशा के लिए दुनिया से चले गए। इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों में उभरते हुए धावक मृत्युंजय जयराम डोंडापति और 400 मीटर स्पर्धा के खिलाड़ी मलय बारिक शामिल हैं। दोनों खिलाड़ी आने वाले समय में देश और राज्य के लिए बड़ी खेल उपलब्धियां हासिल करने के लिए मैदान पर पसीना बहा रहे थे। उनकी इस तरह अचानक हुई असमय मृत्यु ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है और खेल प्रेमियों में भारी शोक की लहर दौड़ गई है।
कटक-भुवनेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ भीषण हादसा
यह दर्दनाक सड़क दुर्घटना 21 अक्टूबर की रात को करीब 10:30 बजे हुई। घटना का स्थल कटक-भुवनेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नखरा के नजदीक का इलाका रहा। उस समय मृत्युंजय और मलय किसी कार्य से सफर कर रहे थे और दोनों एक ही वाहन में सवार थे। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों और स्थानीय प्रशासनिक मदद से दोनों घायलों को फौरन कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक समाचार ने उनके परिवारों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों और साथी खिलाड़ियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
कलिंगा स्टेडियम में ले रहे थे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण
मृत्युंजय जयराम डोंडापति की गिनती देश के सबसे प्रतिभाशाली अंडर-23 स्प्रिंटर्स में की जाती थी, जो कम दूरी की दौड़ में अपनी एक अलग पहचान बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। वहीं मलय बारिक 400 मीटर रेस के बेहतरीन खिलाड़ी के रूप में अपनी खेल यात्रा आगे बढ़ा रहे थे। ये दोनों युवा एथलीट राजधानी भुवनेश्वर के प्रसिद्ध कलिंगा स्टेडियम परिसर में बने हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में रहकर कड़ा अभ्यास कर रहे थे। अपनी प्रतिभा को मांझने और अपने खेल कौशल को और बेहतर करने के लिए वे रोज पसीना बहाते थे, लेकिन एक भयानक हादसे ने उनके तमाम सपनों को अधूरा छोड़ दिया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया पर व्यक्त की संवेदना
राज्य के इन दो प्रतिभावान खिलाड़ियों के आकस्मिक निधन पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक संदेश साझा करते हुए मृत्युंजय जयराम डोंडापति और मलय बारिक को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि सड़क दुर्घटना में दोनों एथलीटों का जाना खेल जगत के लिए भारी क्षति है। उन्होंने अपने संदेश में ईश्वर से प्रार्थना की कि इस विकट परिस्थिति में शोक संतप्त परिवारों को यह आघात सहन करने की शक्ति मिले और दिवंगत आत्माओं को शांति प्राप्त हो।
इस अप्रत्याशित हादसे ने एक बार फिर खेल के मैदान से जुड़े युवाओं की सुरक्षा और सड़क हादसों की विभीषणता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओडिशा के पूरे एथलेटिक्स महकमे में इस समय शोक का माहौल है और सभी लोग उन दोनों खिलाड़ियों के साथ बिताए पलों को याद कर रहे हैं।



















