फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट दौर का रोमांच अपने चरम पर है। 10 जुलाई को टूर्नामेंट के पहले क्वार्टर फाइनल मैच में फ्रांस और मोरक्को की टीमें बोस्टन स्टेडियम में आमने-सामने थीं। कड़े मुकाबले के शुरुआती 45 मिनट तक दोनों ही टीमें एक-दूसरे के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहीं और स्कोर बोर्ड खाली रहा। हालांकि, दूसरे हाफ में फ्रांस के स्टार खिलाड़ियों ने मैच का पासा पलट दिया। किलियन एमबापे और डेम्बेल की जोड़ी ने गोल दागकर न केवल फ्रांस को 2-0 से जीत दिलाई, बल्कि अपनी टीम को विश्व कप के सेमीफाइनल में भी जगह पक्की करा दी। यह उपलब्धि फ्रांस के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि टीम लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची है। अब फ्रांस की नजरें खिताबी जीत की ओर हैं, जहां उनका सामना स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल मैच की विजेता टीम से होगा।
पेनल्टी का मौका गंवाने के बाद वापसी
मैच की शुरुआत से ही फ्रांस का आक्रामक अंदाज देखने को मिला था। पहले ही मिनट में फ्रांस को एक पेनल्टी का सुनहरा मौका मिला, जिसे भुनाने का जिम्मा किलियन एमबापे के कंधों पर था। मोरक्को के गोलकीपर यासीन बुनू ने अपनी सतर्कता का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एमबापे के प्रयास को विफल कर दिया। पहले हाफ के अंत तक दोनों ही टीमें गोल करने में सफल नहीं हो सकीं और स्कोर 0-0 की बराबरी पर रहा, जिससे मैच काफी रोमांचक हो गया था।
दूसरे हाफ में एमबापे और डेम्बेल का जलवा
मैदान पर लौटने के बाद फ्रांस ने आक्रामकता को और बढ़ा दिया, जिसका फल उन्हें मैच के 60वें मिनट में मिला। किलियन एमबापे ने बॉक्स के बाहर से एक सटीक और जोरदार शॉट लगाया, जिसे रोक पाना मोरक्को के गोलकीपर के लिए नामुमकिन था। इस गोल से फ्रांस को 1-0 की बढ़त मिली। फ्रांस की टीम यहीं नहीं रुकी और महज 6 मिनट बाद यानी 66वें मिनट में डेम्बेल ने गोल कर स्कोर को 2-0 कर दिया। इस गोल के साथ ही फ्रांस की जीत सुनिश्चित हो गई थी। इस महत्वपूर्ण मैच में गोल करने के साथ ही किलियन एमबापे अब गोल्डन बूट की दौड़ में 8 गोल के साथ शीर्ष पर काबिज हो गए हैं। ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें, तो विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक गोल करने के मामले में एमबापे अब केवल लियोनेल मेसी से पीछे चल रहे हैं। मेसी के नाम जहां 21 गोल दर्ज हैं, वहीं एमबापे 20 गोल के साथ उनसे ठीक एक कदम पीछे हैं।











