नई दिल्ली में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टीम इंडिया को इंग्लैंड के सामने 9 विकेट से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। हालांकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने बल्लेबाजी में जिम्मेदारी उठाते हुए नाबाद 80 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन उनकी टीम निर्धारित 20 ओवरों में केवल 158 रन ही जोड़ सकी। टी20 प्रारूप में यह स्कोर चुनौतीपूर्ण नहीं माना जाता, फिर भी भारतीय गेंदबाजों के पास मुकाबला बचाने का मौका था। लेकिन, कप्तान श्रेयस अय्यर की एक रणनीतिक चूक ने पूरे मैच का रुख ही बदल दिया और यह फैसला टीम की लुटिया डूबोने वाला साबित हुआ।
मैच का टर्निंग पॉइंट: कप्तान की रणनीति में आई कमी
इस मुकाबले का सबसे अहम मोड़ तब आया जब भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने इंग्लैंड के खतरनाक बल्लेबाज जोश बटलर को केवल 13 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। बटलर का जल्दी आउट होना भारत के लिए एक बड़ी राहत थी, लेकिन यहीं से श्रेयस अय्यर ने अपने गेंदबाजी क्रम को लेकर एक ऐसी भूल की, जिसने मैच का पासा पलट दिया। बटलर के आउट होने के बाद अय्यर ने अर्शदीप सिंह से लगातार गेंदबाजी करवाने के बजाय उन्हें अटैक से हटा लिया।
इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए हैरी ब्रूक और फिल साल्ट ने भारतीय गेंदबाजी की धज्जियां उड़ा दीं। अनुभवहीन प्रिंस यादव और प्रसिद्ध कृष्णा के खिलाफ इन दोनों बल्लेबाजों ने जमकर रन बटोरे। नतीजतन, इंग्लैंड ने पावरप्ले के दौरान ही 1 विकेट के नुकसान पर 62 रन का विशाल स्कोर बना लिया। पावरप्ले में मिली इसी बढ़त के बाद भारतीय टीम मैच में कहीं भी वापसी नहीं कर सकी और पिछड़ती चली गई। गौरतलब है कि श्रेयस अय्यर ने इससे पहले कप्तानी के अपने करियर की शुरुआत में लगातार 6 टॉस जीतकर एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया था, लेकिन इस बार उनकी रणनीति उनके काम नहीं आई।
बल्लेबाजी में बिखरी भारतीय टीम
इंग्लैंड की टीम ने 159 रनों के मामूली लक्ष्य को 37 गेंद शेष रहते ही आसानी से हासिल कर लिया। भारत की पारी की शुरुआत बेहद खराब रही, जिसमें ओपनर अभिषेक शर्मा केवल 16 रन और वैभव सूर्यवंशी 15 रन बनाकर सस्ते में आउट हो गए। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए ईशान किशन भी टीम को संकट से नहीं उबार सके और जल्द ही पवेलियन लौट गए।
मध्यक्रम में शिवम दुबे ने पिच पर समय बिताने की कोशिश की, लेकिन उनकी 23 गेंदों में 22 रनों की धीमी पारी ने टीम के रनों की गति को थामे रखा। अंत में श्रेयस अय्यर का संघर्ष ही काम आया। उन्होंने 49 गेंदों में 5 छक्कों और 4 चौकों की मदद से नाबाद 80 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हैरी ब्रूक और फिल साल्ट का दबदबा
इंग्लैंड की जीत के असली नायक हैरी ब्रूक और फिल साल्ट रहे। ब्रूक ने भारतीय गेंदबाजी का कड़ा मुकाबला करते हुए मात्र 35 गेंदों में 79 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल थे। दूसरी ओर, फिल साल्ट ने भी 42 गेंदों में 59 रनों की नाबाद पारी खेलकर उनका बखूबी साथ निभाया, जिसमें 9 चौके और 1 छक्का जड़ा गया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है, जो भारतीय खेमे के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है।











