झारखंड के बोकारो जिले में एक स्थानीय फुटबॉल मैच के दौरान एक भीषण हादसे में एक खिलाड़ी की जान चली गई है। बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नई बस्ती मैदान में खेल के दौरान यह दर्दनाक घटना घटी। मैदान पर उतरकर अपने खेल का प्रदर्शन कर रहे 37 वर्षीय फुटबॉलर कजरा मुर्मू की एक प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी से जोरदार भिड़ंत हो गई। इस टक्कर के बाद वह मैदान पर ही अचेत होकर गिर पड़े, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। इस अचानक हुए हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है और खेल प्रेमियों में गहरा शोक व्याप्त है।
मैदान पर कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा
बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के नई बस्ती मैदान में बजरंग क्लब की तरफ से तीन दिवसीय डे-नाइट फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा था। इस टूर्नामेंट को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक और स्थानीय खेल प्रेमी मैदान पर मौजूद थे, जिससे वहां का माहौल बेहद उत्साहजनक बना हुआ था। शनिवार को खेले जा रहे एक अत्यंत रोमांचक मुकाबले के दौरान गोमिया प्रखंड के खंभरा बस्ती निवासी 37 वर्षीय कजरा मुर्मू अपनी टीम की ओर से मैदान पर पसीना बहा रहे थे। खेल की तीव्र गति और गेंद पर कब्जा जमाने की जद्दोजहद के दौरान उनकी भिड़ंत विपक्षी टीम के एक अन्य खिलाड़ी के साथ हो गई। यह टक्कर इतनी भयंकर थी कि कजरा मुर्मू संभल नहीं पाए और तुरंत मैदान पर ही बेहोश होकर नीचे आ गिरे।
अस्पताल में डॉक्टरों के तमाम प्रयास रहे असफल
खिलाड़ी के अचानक मैदान पर गिरते ही खेल को तत्काल रोक दिया गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उनके साथी खिलाड़ियों और आयोजन समिति के सदस्यों ने तुरंत दौड़कर स्थिति को संभाला और उन्हें होश में लाने का प्रयास किया। जब वह होश में नहीं आए तो बिना किसी देरी के उन्हें नजदीकी डीवीसी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल की आपातकालीन इकाई में डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव चिकित्सीय प्रयास किए, लेकिन सिर और शरीर पर लगी चोटें बेहद गंभीर थीं। तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और अंततः देर रात उन्होंने इलाज के दौरान अपनी आखिरी सांस ली।
परिजनों का गुस्सा और अस्पताल परिसर में हंगामा
अचानक हुई इस मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव और आसपास के इलाकों में फैली, परिजनों और खेल प्रेमियों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिवार के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और खेल प्रेमी डीवीसी अस्पताल परिसर में जमा होने लगे। इस असमय हुई मौत से आक्रोशित भीड़ ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और अपनी नाराजगी जाहिर की। परिजनों का मुख्य आरोप था कि इतनी बड़ी प्रतियोगिता के आयोजकों द्वारा मैदान पर किसी भी प्रकार की आपातकालीन चिकित्सा सुविधा या एम्बुलेंस का पुख्ता इंतजाम नहीं रखा गया था। उग्र भीड़ ने मृतक खिलाड़ी के आश्रितों को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग उठाई तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की ताकि हादसे के असल कारणों का पता चल सके।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांच का आश्वासन
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय बोकारो थर्मल थाने की पुलिस तुरंत मौके पर और अस्पताल पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया और उन्हें मामले में पूरी निष्पक्षता से जांच करने का आश्वासन दिया। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी और कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के हर पहलू की गहराई से छानबीन की जा रही है। मैदान पर सुरक्षा के मानकों, मैच के आयोजन से जुड़े पहलुओं और हादसे के सटीक कारणों का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है और जांच के बाद मिलने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
टूर्नामेंट रद्द, खेल जगत में शोक की लहर
इस अप्रत्याशित और दुखद घटना के सामने आने के बाद बजरंग क्लब की आयोजन समिति ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया। समिति ने तत्काल प्रभाव से इस तीन दिवसीय डे-नाइट फुटबॉल टूर्नामेंट को पूरी तरह से रद्द करने की घोषणा कर दी। आयोजकों का कहना था कि इस मुश्किल और दुखद घड़ी में वे पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। टूर्नामेंट के अचानक रद्द होने की घोषणा से वहां हिस्सा लेने आईं अन्य टीमों के खिलाड़ियों और दूर-दूर से आए खेल प्रेमियों में भी भारी निराशा छा गई। कई खेल संगठनों, स्थानीय नेताओं और खिलाड़ियों ने कजरा मुर्मू के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।



















