बिहार की राजधानी में क्रिकेट गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम बैठक आयोजित की गई। पटना जिला क्रिकेट संघ की प्रबंध समिति ने आने वाले सत्र के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। संघ के दफ्तर में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष रहबर आबदीन ने संभाली, जिसमें खेल कैलेंडर से लेकर प्रशासनिक चुनाव तक कई अहम बिंदुओं पर मंथन हुआ।
सत्र तैयारियों और प्रदर्शन की समीक्षा
बैठक की शुरुआत में पिछले मुकाबलों में स्थानीय टीम के प्रदर्शन का बारीकी से विश्लेषण किया गया। अधिकारियों ने आने वाले सत्र में खेल के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए कई जरूरी रणनीतियों पर विचार किया। इसके साथ ही आगामी आयोजनों के सुचारू संचालन के लिए एक नई लीग कमेटी के गठन पर भी मुहर लगाई गई, जिसे टूर्नामेंट से जुड़ी तमाम प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
फॉर्म वितरण और जमा करने की तिथियां
आगामी घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के इच्छुक क्लबों और खिलाड़ियों के लिए कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। आगामी सत्र की घरेलू क्रिकेट लीग के लिए आवेदन पत्र दस और ग्यारह अक्टूबर 2026 को बांटे जाएंगे। इसके बाद भरे हुए फॉर्म चौबीस और पच्चीस अक्टूबर को जमा कराए जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया स्थानीय कार्यालय से ही संचालित की जाएगी, जिसके लिए बजट को भी मंजूरी मिल चुकी है।
तीन फॉर्मेट में होंगे मुकाबले
आने वाला घरेलू सत्र कई मायनों में खास रहने वाला है क्योंकि मुकाबले तीन अलग-अलग प्रारूपों में खेले जाएंगे। इन मुकाबलों का आयोजन महापर्व छठ के तुरंत बाद शुरू कराने का फैसला लिया गया है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं शुरू होने से पहले स्थानीय स्तर के सभी मैच सफलतापूर्वक संपन्न करा लिए जाएं।
खिलाड़ियों और अधिकारियों का सम्मान
बीते सत्र के दौरान शानदार खेल दिखाने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की भी योजना है। पिछले सत्र की वरिष्ठ और कनिष्ठ वर्ग की लीग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और टीमों को सम्मानित करने के लिए एक भव्य आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा हाल ही में आयोजित अंपायर और स्कोरर परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने वाले सफल परीक्षार्थियों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
चुनावी प्रक्रिया और नई कमेटी का लक्ष्य
प्रशासनिक मोर्चे पर भी संघ ने बड़ा कदम उठाते हुए चुनाव की तारीख तय कर दी है। सभी चुनावी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करके सोलह नवंबर 2026 तक नई प्रबंध समिति के गठन का स्पष्ट लक्ष्य रखा गया है। संघ का नेतृत्व साफ कर चुका है कि खिलाड़ियों, अंपायरों, स्कोररों और क्लब से जुड़े सभी पदाधिकारियों के अधिकारों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है, और कामकाज में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।



















