पंजाब में नशे के खिलाफ जारी अभियान के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद ड्रग तस्करों पर नकेल कसने की जिम्मेदारी संभाल रहे एक वरिष्ठ अधिकारी को अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। फिरोजपुर जिले में काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट के इंचार्ज के रूप में तैनात इंस्पेक्टर बलदेव सिंह को पुलिस बल ने भारी मात्रा में हेरोइन और हथियारों की खेप के साथ पकड़ा है। इस सनसनीखेज गिरफ्तारी के बाद महकमे के भीतर हड़कंप मच गया है और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
फिरोजशाह टोल प्लाजा पर खुफिया सूचना के बाद बिछाया गया जाल
इस पूरी कार्रवाई का ब्योरा देते हुए फिरोजपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भूपिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि यह गिरफ्तारी शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को अंजाम दी गई। पुलिस को 26 सितंबर को ही घल्ल खुर्द थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) के जरिए एक बेहद सटीक खुफिया इनपुट मिला था। गुप्त सूचना में बताया गया था कि फरीदकोट यूनिट के काउंटर इंटेलिजेंस विभाग में कार्यरत इंस्पेक्टर बलदेव सिंह खुद अपनी निजी ऑडी कार में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और अवैध हथियार लेकर जा रहा है।
सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फिरोजपुर-मोगा मार्ग पर फिरोजशाह टोल प्लाजा के पास मजबूत नाकाबंदी कर दी। जब संदिग्ध ऑडी कार (पंजीकरण संख्या PB-05-AC-6517) वहां पहुंची, तो पुलिस बलों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। कार चला रहे इंस्पेक्टर बलदेव सिंह उस समय सादे कपड़ों में यात्रा कर रहे थे। तलाशी लेने पर वाहन के भीतर से बरामद सामान ने पूरी पुलिस टीम को हैरान कर दिया।
बरामद सामान की सूची और दर्ज मुकदमे की धाराएं
पुलिस जांच अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार इंस्पेक्टर की लग्जरी कार की तलाशी के दौरान कुल 3 किलो 350 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इसके अतिरिक्त कार से 6 अवैध पिस्तौल, 4 मैगजीन, 17 जिंदा कारतूस और 6 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। अपराध में इस्तेमाल की गई ऑडी कार को भी पुलिस ने तुरंत अपने कब्जे में ले लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना घल्ल खुर्द में आरोपी अधिकारी के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) कानून के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स और सैन्य ग्रेड जैसे हथियारों की बरामदगी यह साफ इशारा करती है कि आरोपी अफसर किसी बड़े और संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
संगठित ड्रग नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही पुलिस
ड्रग निरोधी दस्ते में तैनात एक जिम्मेदार अधिकारी का खुद इस काले कारोबार में लिप्त पाया जाना राज्य में कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस जांच टीम इस बात का पता लगाने में जुटी है कि यह 3.35 किलो हेरोइन कहां से लाई गई थी और इसे आगे किस शहर या गिरोह को डिलीवर किया जाना था। जांच अधिकारी आरोपी के पास से मिले 6 मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं ताकि उनके संभावित संपर्कों और मददगारों को बेनकाब किया जा सके।
गौरतलब है कि पंजाब पुलिस राज्य में सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। इससे पहले भी पुलिस ने फरीदकोट में एक अंतर-राज्यीय और सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार तस्करों को पकड़ा था। उस समय पुलिस ने उनके कब्जे से 47.3 किलोग्राम हेरोइन और 3 पिस्तौल जब्त की थी। अब काउंटर इंटेलिजेंस अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन पिछले मामलों और इस अफसर के बीच कोई अंदरूनी संबंध तो नहीं था।



















