महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे दौर की शुरुआत भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए निराशाजनक रही। प्रतियोगिता के दूसरे चरण के अपने पहले ही मुकाबले में भारतीय टीम को नीदरलैंड्स के हाथों 0-2 से पराजय झेलनी पड़ी। पूरे मैच के दौरान नीदरलैंड्स के खिलाड़ियों ने जबरदस्त आक्रामकता दिखाते हुए मैदान पर दबदबा बनाए रखा। भारतीय कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई में टीम ने वापसी के काफी प्रयास किए, लेकिन वे विपक्षी टीम के मजबूत रक्षापंक्ति को भेदने में नाकाम रहीं। इस हार के बाद अब टूर्नामेंट में भारतीय टीम का सेमीफाइनल सफर काफी कठिन नजर आ रहा है।
नीदरलैंड्स ने शुरुआती हाफ में बनाई 1-0 की बढ़त
मैच की शुरुआत से ही नीदरलैंड्स की टीम ने आक्रामक रुख अपनाया और भारतीय रक्षापंक्ति पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। खेल के दूसरे ही मिनट में नीदरलैंड्स को पेनल्टी कॉर्नर हासिल हुआ, जिसे यिब्बी जानसेन ने आसानी से गोल में बदलकर अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। इस तरह पहले क्वार्टर की समाप्ति पर भारतीय टीम 0-1 से पिछड़ गई। दूसरे क्वार्टर में भारत ने गोल बराबर करने के कुछ मौके जरूर बनाए, लेकिन नीदरलैंड्स के डिफेंस ने कोई भी चूक नहीं होने दी। दूसरे क्वार्टर में दोनों ही टीमों की ओर से कोई गोल नहीं किया जा सका और हाफ टाइम तक नीदरलैंड्स ने 1-0 की बढ़त बनाए रखी।
तीसरे क्वार्टर में मालटा का गोल और नीदरलैंड्स का शिकंजा
हाफ टाइम के बाद तीसरे क्वार्टर में नीदरलैंड्स ने अपनी बढ़त को दोगुना करने के प्रयास तेज कर दिए। मैच के 38वें मिनट में नीदरलैंड्स को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे मालटा ने शानदार तरीके से गोल में तब्दील कर दिया। इस गोल के साथ ही स्कोर 2-0 हो गया और नीदरलैंड्स की स्थिति बेहद मजबूत हो गई। तीसरे क्वार्टर के अंत तक भारतीय टीम कोई भी गोल करने में असफल रही और स्कोरबोर्ड पर नीदरलैंड्स 2-0 से आगे रहा। चौथा और अंतिम क्वार्टर शुरू होने पर भारतीय खिलाड़ियों ने गोल करने के लिए पूरी ताकत झोंकी, लेकिन नीदरलैंड्स के मजबूत रक्षात्मक चक्रव्यूह के सामने कोई भी प्रयास सफल नहीं हो पाया और भारत को 0-2 से मुकाबला गंवाना पड़ा।
लगातार मुकाबलों की थकावट और सेमीफाइनल का गणित
मैच समाप्त होने के बाद भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने टीम की शारीरिक स्थिति और संघर्ष के बारे में बात की। सलीमा टेटे के मुताबिक, लगातार मुकाबले खेलने के कारण खिलाड़ी शारीरिक रूप से काफी थक चुके थे, जिससे मैदान पर परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण हो गई थीं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों ने अंतिम सीटी बजने तक हार नहीं मानी और पूरी क्षमता के साथ संघर्ष किया।
इससे पहले भारतीय टीम ने समूह चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए अजेय रहकर शीर्ष-8 टीमों में अपनी जगह पक्की की थी। लेकिन दूसरे दौर के पहले मुकाबले में हार मिलने के बाद अब सेमीफाइनल में जगह बनाना बेहद जटिल हो गया है। भारत को दूसरे दौर में अभी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना अगला मैच खेलना है। भारतीय टीम आगे के दौर में पहुंच पाएगी या नहीं, यह अब बाकी टीमों के मैचों के परिणामों और अंक तालिका के समीकरणों पर निर्भर करेगा।



















