रजनीकांत की 'धर्मन' में हुई नयनतारा की एंट्री, पांच साल बाद दोनों कलाकार आएंगे साथ नजरपाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव, फॉर्म से जूझ रहे सैम अयूब बाहर और साहिबजादा फरहान की एंट्रीबॉलीवुड दिवाली पार्टी शेड्यूल: अक्षय से मनीष मल्होत्रा तक के घर सजेगी महफिल, सुरक्षा और पैपराजी पर सख्त नियमभारत ए और न्यूजीलैंड ए के मुकाबले में पलटा पासा, मेहमान टीम पर मजबूत बढ़त हासिलसना मकबूल ने जय भानुशाली और माही विज के तलाक पर तोड़ी चुप्पी, ट्रोलर्स को दिया करारा जवाबरणबीर कपूर की 'रामायण' रिव्यू (2026): कास्ट, बजट, रनटाइम और रिलीज से जुड़ी पूरी जानकारीशिल्पा राव का असली नाम क्या था? जानिए इस मशहूर गायिका के शुरुआती संघर्ष से लेकर ग्रैमी और नेशनल अवॉर्ड तक का सफरकौन होणार करोड़पति में सचिन पिलगांवकर ने सुनाया किस्सा, साड़ी में देखकर सास भी खा गई थीं गच्चाअसिन और राहुल शर्मा की बेटी अरिन सात साल की उम्र में बोलती हैं 12 भाषाएं, घर में टीवी और मोबाइल का उपयोग वर्जितसाई पल्लवी का जलवा, धनुष के साथ 'ओम' में खाकी वर्दी में दिखेंगी एक्ट्रेस
बारिश के दिनों में गेंदे की खेती से संवर रही बस्तर के किसानों की किस्मत, 3 हजार के खर्च में 25 हजार तक कमाईसक्सेस स्टोरी
14 अग॰ 2026, 9:48 pm (76 दिन पहले)· 2

बारिश के दिनों में गेंदे की खेती से संवर रही बस्तर के किसानों की किस्मत, 3 हजार के खर्च में 25 हजार तक कमाई

छत्तीसगढ़ के बस्तर में किसान बारिश के मौसम में पारंपरिक फसलों के साथ गेंदे के फूलों की खेती अपनाकर बंपर मुनाफा कमा रहे हैं। महज 3 हजार रुपये की लागत में 25 हजार रुपये तक का शुद्ध लाभ मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में कृषि के पारंपरिक तौर-तरीकों में एक नया और आर्थिक रूप से लाभकारी बदलाव देखने को मिल रहा है। मानसून के मौसम में जहां ज्यादातर किसान धान और पारंपरिक फसलों तक सीमित रहते थे, वहीं अब बस्तर के कई किसान सब्जियों के साथ-साथ गेंदे के फूलों की व्यावसायिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। बारिश के दिनों में धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और तीज-त्योहारों के कारण बाजार में फूलों की मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहद अच्छा दाम मिल रहा है।

फूलों की खेती की तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन

गेंदे की खेती अन्य पारंपरिक फसलों की तुलना में काफी आसान और कम देखभाल वाली मानी जाती है। बस्तर के स्थानीय किसान मिलेश पटेल ने अपनी 20 से 25 डिसमिल जमीन पर इस खेती का सफल प्रयोग किया है। उन्होंने खेत की अच्छी तरह जुताई कराकर मिट्टी को भुरभुरा बनाया और फिर व्यवस्थित तरीके से बेड तैयार किए। पौधों के बेहतर विकास के लिए दो बेड के बीच 3 मीटर की दूरी और पौधे से पौधे के बीच 15 सेंटीमीटर का फासला रखा गया है। मिलेश ने इस खेती के लिए कोलकाता से खास कलकत्ता गेंदे की किस्म के बीज मंगाकर पौधे तैयार किए हैं, जो बाजार में काफी लोकप्रिय और मांग में रहने वाला फूल है।

ये भी पढ़ें

लागत, फसल चक्र और कीट नियंत्रण

गेंदे की यह फसल कुल तीन से चार महीने के चक्र की होती है। रोपाई के लगभग दो महीने बाद ही पौधों में फूल आने शुरू हो जाते हैं। मिट्टी की उर्वरता और पौधों के बेहतर पोषण के लिए खेत में गोबर की खाद के साथ पोटाश और डीएपी का उपयोग किया जाता है। यद्यपि गेंदे में बीमारियों का प्रकोप अन्य फसलों के मुकाबले बहुत कम रहता है, फिर भी पत्ती छेदक और तना छेदक जैसे कीटों की आशंका बनी रहती है जो तने को नुकसान पहुंचा सकते हैं। समय रहते सही देखरेख करने से फसल सुरक्षित रहती है और किसान को बेहतर उत्पादन हासिल होता है।

3 हजार की लागत से 25 हजार रुपये तक का मुनाफा

गेंदे की खेती का सबसे आकर्षक पहलू इसका कम लागत में अधिक रिटर्न देना है। मिलेश पटेल के अनुसार, 20 से 25 डिसमिल जमीन में गेंदे की खेती की तैयारी से लेकर पौधे लगाने तक में लगभग 3 हजार रुपये का कुल खर्च आया है। वर्तमान में यदि बाजार में गेंदे के फूल का भाव 150 रुपये प्रति किलो तक रहता है, तो इस छोटे से भूखंड से किसान 15 हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक का शुद्ध मुनाफा आसानी से कमा सकते हैं। कम समय और कम लागत में मिलने वाला यह आर्थिक लाभ बस्तर के अन्य किसानों को भी फूलों की खेती की ओर प्रेरित कर रहा है।

सवाल-जवाब

बस्तर में किसान किस मौसम में गेंदे की खेती कर रहे हैं?
बस्तर में किसान बारिश के मौसम (मानसून) में गेंदे की खेती कर रहे हैं, जब पूजा-पाठ और सजावट के लिए बाजार में फूलों की मांग काफी बढ़ जाती है।
गेंदे की फसल कितने समय में तैयार हो जाती है?
गेंदे की फसल 3 से 4 महीने की होती है और रोपाई के लगभग 2 महीने बाद ही पौधों में फूल आने शुरू हो जाते हैं।
किसान मिलेश पटेल ने गेंदे की खेती में कितना खर्च किया और कितना मुनाफा मिलने की उम्मीद है?
किसान मिलेश पटेल ने 20 से 25 डिसमिल जमीन पर लगभग 3 हजार रुपये खर्च किए हैं और 150 रुपये प्रति किलो के भाव पर 15 हजार से 25 हजार रुपये तक का मुनाफा होने की उम्मीद है।
गेंदे की खेती में कौन से उर्वरक और किस्म का इस्तेमाल किया गया?
इसमें कोलकाता से लाए गए कलकत्ता गेंदे के बीजों का उपयोग हुआ है और खाद के तौर पर गोबर की खाद, पोटाश और डीएपी डाला गया है।
गेंदे के पौधे लगाते समय बैड और पौधों के बीच कितनी दूरी रखनी चाहिए?
खेत में बैड से बैड की दूरी 3 मीटर और पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर रखी गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp