बैंगन का भर्ता हो या मसालेदार सब्जी, यह हर घर की पसंदीदा डिश है, लेकिन अब बैंगन की खेती किसानों के लिए भी फायदे का सौदा बनती जा रही है. बस्तर के किसान तुलसी कश्यप बैंगन की एक ऐसी किस्म उगा रहे हैं जो आम बैंगन की तरह तीन-चार महीने नहीं, बल्कि पूरे एक साल तक फसल देती है, और इससे उन्हें सालाना 6 से 7 लाख रुपये तक की कमाई हो रही है.
साल भर देगी उपज, बीमारी का खतरा भी कम
आमतौर पर बैंगन की फसल तीन से चार महीने में खत्म हो जाती है, लेकिन बैंगन की नई वैरायटी इससे अलग है. यह किस्म लगातार एक साल तक फल देती रहती है, जिससे किसानों को बार-बार नई बुवाई नहीं करनी पड़ती. इस वैरायटी में बीमारियों का प्रकोप भी अपेक्षाकृत कम देखने को मिलता है, यही वजह है कि इसकी खेती को फायदे का सौदा माना जा रहा है. इसी किस्म की बदौलत किसान एक साल में कम से कम 6 से 7 लाख रुपये तक कमा पा रहे हैं.
बीते कई सालों से बैंगन उगा रहे तुलसी कश्यप
बस्तर के किसान तुलसी कश्यप बीते कई सालों से बैंगन की खेती कर रहे हैं. वे एक एकड़ जमीन पर बैंगन लगाते हैं, जिसमें करीब एक लाख रुपये की लागत आती है, जबकि आमदनी 6 से 7 लाख रुपये तक होती है. सिर्फ बैंगन ही नहीं, तुलसी कश्यप अपने खेत में खीरा और भिंडी की खेती भी करते हैं, जिससे उनकी आमदनी के जरिए और भी बढ़ जाते हैं.
VNR 212 किस्म, बेड बनाकर होती है हाईटेक खेती
तुलसी कश्यप ने बताया,
यह बैंगन की VNR 212 किस्म है.उन्होंने अपने खेत में सबसे पहले एक जुताई करवाई और रोटावेटर चलवाया. इसके बाद खेत में बेड बनाए गए ताकि हाईटेक तरीके से खेती की जा सके. एक बेड से दूसरे बेड की दूरी 4.5 फीट रखी गई है, जबकि एक पौधे से दूसरे पौधे के बीच चार फीट का फासला रखा गया है. तुलसी कश्यप का कहना है कि हाईटेक खेती में ज्यादा फायदा होता है क्योंकि इससे उत्पादन भी बेहतर मिलता है.
डीएपी, गोबर खाद और पोटाश से मिलती है ताकत
खेत में पौधों को पोषण देने के लिए डीएपी, गोबर की खाद, माइक्रो राजा और पोटाश डाला जाता है. तुलसी कश्यप के मुताबिक, इस बैंगन में फंगस और कीड़े का असर दिखता जरूर है, लेकिन दूसरी किस्मों के मुकाबले यह काफी कम होता है. कई बार पौधों में डाउनी मिल्ड्यू और पाउडरी मिल्ड्यू जैसी बीमारियां भी नजर आती हैं, लेकिन समय रहते इलाज कर देने से फसल पूरी तरह सुरक्षित रहती है.
एक लाख की लागत, छह से सात लाख तक मुनाफा
एक एकड़ जमीन पर हाईटेक तरीके से बैंगन उगाने में करीब एक लाख रुपये तक का खर्च आता है. इस पूरी लागत को निकालने के बाद भी किसानों को कम से कम 6 से 7 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा हो जाता है. अच्छी देखभाल की जाए तो यह फसल एक साल से भी ज्यादा समय तक चल सकती है. फिलहाल बाजार में बैंगन का भाव 15 से 30 रुपये प्रति किलो के बीच चल रहा है.




















