रजनीकांत की 'धर्मन' में हुई नयनतारा की एंट्री, पांच साल बाद दोनों कलाकार आएंगे साथ नजरपाकिस्तान क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव, फॉर्म से जूझ रहे सैम अयूब बाहर और साहिबजादा फरहान की एंट्रीबॉलीवुड दिवाली पार्टी शेड्यूल: अक्षय से मनीष मल्होत्रा तक के घर सजेगी महफिल, सुरक्षा और पैपराजी पर सख्त नियमरणबीर कपूर की 'रामायण' रिव्यू (2026): कास्ट, बजट, रनटाइम और रिलीज से जुड़ी पूरी जानकारीकौन होणार करोड़पति में सचिन पिलगांवकर ने सुनाया किस्सा, साड़ी में देखकर सास भी खा गई थीं गच्चाअसिन और राहुल शर्मा की बेटी अरिन सात साल की उम्र में बोलती हैं 12 भाषाएं, घर में टीवी और मोबाइल का उपयोग वर्जितशिल्पा राव का असली नाम क्या था? जानिए इस मशहूर गायिका के शुरुआती संघर्ष से लेकर ग्रैमी और नेशनल अवॉर्ड तक का सफरसाई पल्लवी का जलवा, धनुष के साथ 'ओम' में खाकी वर्दी में दिखेंगी एक्ट्रेसजेलर 2 रिव्यू (2026): रजनीकांत की फिल्म ने हिलाया बॉक्स ऑफिस, हनुमान अंश और दृश्यम 3 को तगड़ा झटकाआईपीएल 2027 की मिनी नीलामी की तारीख आई सामने, जानिए कब और कहां सजेगा खिलाड़ियों का बाजार
बिहार में शराबबंदी के बाद बदली रीना देवी की किस्मत, जीविका से जुड़कर खड़ा किया होटल और जनरल स्टोर का कारोबारसक्सेस स्टोरी
16 अक्तू॰ 2026, 4:18 pm (13 दिन पहले)· 1

बिहार में शराबबंदी के बाद बदली रीना देवी की किस्मत, जीविका से जुड़कर खड़ा किया होटल और जनरल स्टोर का कारोबार

छपरा की रीना देवी ने शराबबंदी के बाद उत्पन्न तंगी से उबरकर जीविका योजना के सहारे नया कारोबार शुरू किया। आज वह होटल और जनरल स्टोर चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं और समाज में सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।

बिहार के छपरा में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद कई परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो गया था। जिस अवैध शराब के कारोबार से कई घरों का चूल्हा जलता था, उसके अचानक बंद हो जाने से उन परिवारों में भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। ऐसी परिस्थितियों में पुरुषों और महिलाओं को बाहर जाकर मजदूरी करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, राज्य में बड़े पैमाने पर फैक्ट्रियों और कारखानों का अभाव होने के कारण दैनिक मजदूरी का काम भी आसानी से नहीं मिल पा रहा था। इस वजह से कई बार परिवारों को राशन जुटाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और कई दिनों तक भूखे सोना पड़ता था।

शराबबंदी के बाद रीना देवी के जीवन में आया बड़ा मोड़

गरखा प्रखंड के गरखा इलाके की रहने वाली रीना देवी का परिवार भी पहले शराब बेचने के अवैध काम से जुड़ा हुआ था। जब यह कारोबार पूरी तरह बंद हुआ, तो उनके घर में भी भुखमरी के हालात बन गए। परिवार चलाने के लिए रीना देवी को खेतों और लोगों के घरों में जाकर मजदूरी करनी पड़ी, लेकिन नियमित काम न मिलने के कारण हालात में सुधार नहीं हो रहा था। उस कठिन समय में वह जीविका से जुड़ी हुई थीं, जिसने उनके जीवन को एक नई दिशा दी।

ये भी पढ़ें

दस हजार रुपये के लोन से शुरू किया ठेले पर होटल

रीना देवी ने स्थानीय स्तर पर अपनी संघर्षपूर्ण यात्रा साझा करते हुए बताया कि उनका पुराना कारोबार दारू और ताड़ी का था, जो शराबबंदी के बाद ठप पड़ गया। इसके बाद मजदूरी करने पर भी हर दिन काम नहीं मिलता था और मजदूरी की कमाई से ही घर का राशन आता था। काम न मिलने की स्थिति में बच्चों के साथ कई रातें बिना खाए-पिए गुजारनी पड़ती थीं। परिवार की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जीविका दीदी के अधिकारियों ने उनकी मदद के लिए कदम बढ़ाया और उन्हें सबसे पहले 10 हजार रुपये का लोन मुहैया कराया।

उस शुरुआती लोन की राशि से रीना देवी ने एक ठेले पर होटल शुरू किया, जहां उन्होंने छोला, समोसा और पकौड़ी जैसे खाद्य पदार्थ बनाकर बेचना शुरू किया। इस तरह उनके पास घर का राशन जुटाने का एक निश्चित जरिया बन गया। इस व्यवसाय से उन्होंने धीरे-धीरे कुछ पैसे बचाए और बाद में जीविका के माध्यम से उन्हें एक बार फिर से लोन मिला।

होटल के बाद जनरल स्टोर तक फैलाया कारोबार

जीविका के माध्यम से मिले दूसरे ऋण और होटल के व्यवसाय से बचाई गई राशि के सहारे रीना देवी ने एक जनरल स्टोर की नई दुकान भी खोल ली। अब उनका पूरा परिवार आर्थिक रूप से संभल चुका है और उनका जीवन अच्छे से चल रहा है। हालांकि, उनका मानना है कि अगर सरकार की तरफ से उन्हें कुछ और वित्तीय सहायता मिल जाए, तो वह अपने इस कारोबार को और ज्यादा आगे बढ़ा सकती हैं। इससे वह अधिक कमाई करके अपने परिवार को एक बेहतर भविष्य दे सकेंगी।

पुराने अवैध धंधे से कहीं बेहतर है वर्तमान इज्जत का कारोबार

पुराने दिनों को याद करते हुए रीना देवी बताती हैं कि शराब के अवैध कारोबार में आए दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पुलिस अक्सर कभी महिलाओं तो कभी पुरुषों को पकड़कर ले जाती थी और थाना तथा कोर्ट-कचहरी के चक्कर हमेशा लगे रहते थे। स्थिति यह थी कि समाज के लोग ऐसे परिवारों के बच्चों के साथ रिश्ते जोड़ने से भी कतराते थे। उनके अनुसार, शराब के उस असुरक्षित धंधे की तुलना में उनका वर्तमान होटल और जनरल स्टोर का कारोबार कई गुना बेहतर है। आज वह पुलिस के झंझटों से दूर अपने मान-सम्मान के साथ अपने परिवार की गाड़ी सुचारू रूप से चला रही हैं।

सवाल-जवाब

रीना देवी कहां की रहने वाली हैं?
रीना देवी बिहार के छपरा जिले के गरखा प्रखंड के गरखा की रहने वाली हैं।
रीना देवी का पुराना कारोबार क्या था?
शराबबंदी से पहले रीना देवी का परिवार दारू और ताड़ी बेचने का अवैध कारोबार करता था।
जीविका की ओर से रीना देवी को कितना लोन मिला था?
जीविका के अधिकारियों ने रीना देवी को सबसे पहले 10 हजार रुपये का लोन दिया था।
रीना देवी ने लोन के पैसों से क्या शुरू किया था?
उन्होंने सबसे पहले ठेले पर होटल खोलकर छोला, समोसा और पकौड़ी बेचना शुरू किया था।
होटल के बाद उन्होंने कौन सा दूसरा कारोबार शुरू किया?
व्यवसाय से बचाए गए पैसों और जीविका के माध्यम से मिले दूसरे लोन से उन्होंने जनरल स्टोर की दुकान खोली।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp