TrendKia
सभीलाइवदेश
दुनिया
सभी दुनिया
पाकिस्तानचीनअमेरिकायूरोपएशिया
राजनीति
व्यापार
सभी व्यापार
बाज़ारमनीऑटोबेनिफिट्ससक्सेस स्टोरीक्रिप्टोएआई
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेशबिहारमध्य प्रदेशराजस्थानदिल्लीमहाराष्ट्रगुजरातपंजाबहरियाणापश्चिम बंगालतमिलनाडुकेरलकर्नाटकतेलंगानाआंध्र प्रदेशझारखंडछत्तीसगढ़ओडिशाअसमउत्तराखंडहिमाचल प्रदेशजम्मू-कश्मीरगोवाचंडीगढ़पुडुचेरी
यात्रा
यात्रा
खेल
क्रिकेटटेनिसफुटबॉल
मनोरंजनफ़िल्में, टीवी और सेलेब्स
बॉलीवुडOTTभोजपुरीमूवी रिव्यूटीवीहॉलीवुड
टेकगैजेट्स, ऐप्स और इनोवेशन
एक्सेसरीज़लॉन्च रिव्यूDIY
सेहतसेहत, फ़िटनेस और वेलनेस
जीवनफैशन, रिश्ते और जीवनशैली
फैशनकल्चररिश्तेट्रेंड्सपेरेंटिंग
खानपानरेसिपी, फूड और रेस्तरां
धर्मधर्म, आस्था और आध्यात्म
त्योहारवास्तुअध्यात्म
यात्राघूमने की जगहें और गाइड
ट्रैवल टिप्स
शिक्षानौकरी, परीक्षा और रिजल्ट
वैकेंसीएडमिशनपरीक्षारिजल्टकरियर
लाइव
देश
दुनिया
पाकिस्तान चीन अमेरिका यूरोप एशिया
राजनीति
व्यापार
बाज़ार मनी ऑटो बेनिफिट्स सक्सेस स्टोरी क्रिप्टो एआई
खेल
क्रिकेट टेनिस फुटबॉल
मनोरंजन
बॉलीवुड OTT भोजपुरी मूवी रिव्यू टीवी हॉलीवुड
टेक
एक्सेसरीज़ लॉन्च रिव्यू DIY
सेहत
जीवन
फैशन कल्चर रिश्ते ट्रेंड्स पेरेंटिंग
खानपान
धर्म
त्योहार वास्तु अध्यात्म
यात्रा
ट्रैवल टिप्स
शिक्षा
वैकेंसी एडमिशन परीक्षा रिजल्ट करियर
उत्तर प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश राजस्थान दिल्ली महाराष्ट्र गुजरात पंजाब हरियाणा पश्चिम बंगाल तमिलनाडु केरल कर्नाटक तेलंगाना आंध्र प्रदेश झारखंड छत्तीसगढ़ ओडिशा असम उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश जम्मू-कश्मीर गोवा चंडीगढ़ पुडुचेरी
हमारे बारे में संपर्क गोपनीयता कुकी नीति शर्तें विज्ञापन दें
TrendKia logo हिंदी • English न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म

TrendKia

तेज़ • ताज़ा • हमेशा ट्रेंड पर

भारत और दुनिया की ताज़ा ट्रेंडिंग ख़बरें, हिंदी और अंग्रेज़ी में। कमेंट करने, टॉपिक फ़ॉलो करने और रिवॉर्ड पॉइंट कमाने के लिए Google से साइन इन करें।

हमारे बारे में
TrendKia news app preview
TrendKia
हमारे बारे मेंसंपर्कगोपनीयताकुकी नीतिशर्तेंविज्ञापन दें
गली में लड़कों संग बल्ला थामने वाली झुंझुनूं की बबीता मीणा, आज कैसे बनीं जिला महिला टीम की कप्तानसक्सेस स्टोरी
3 घंटे पहले· 3

गली में लड़कों संग बल्ला थामने वाली झुंझुनूं की बबीता मीणा, आज कैसे बनीं जिला महिला टीम की कप्तान

गुढ़ागौड़जी की बबीता मीणा ने सीमित संसाधनों और सामाजिक बंदिशों को पीछे छोड़कर झुंझुनूं जिला महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी तक का सफर तय किया, अब उनका सपना भारत के लिए खेलना है।

Sandeep YadavSandeep YadavSports Correspondent 3 मिनट पढ़ें AI के लिए
शेयर

राजस्थान के झुंझुनूं की गलियों में बचपन में लड़कों के साथ बल्ला और गेंद थामने वाली एक लड़की आज जिले की महिला क्रिकेट टीम की कमान संभाल रही है। यह कहानी है गुढ़ागौड़जी की रहने वाली बबीता मीणा की, जिन्होंने अपने जुनून और लगातार की गई मेहनत के दम पर महिला क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली है। वे फिलहाल झुंझुनूं जिला महिला क्रिकेट टीम की कप्तान के तौर पर जिम्मेदारी निभा रही हैं।

झुंझुनूं जिले ने खेल की दुनिया में अपनी खास जगह बनाई है। क्रिकेट, एथलेटिक्स और दूसरे खेलों में यहां के खिलाड़ी लगातार प्रदेश और देश का नाम ऊंचा कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि अब यहां की बेटियां भी किसी मामले में पीछे नहीं हैं। कम संसाधनों और कई सामाजिक चुनौतियों के बीच भी वे अपने सपनों को सच करने के लिए मैदान पर पसीना बहा रही हैं। बबीता मीणा इसी जज्बे की एक बेमिसाल मिसाल हैं।

पिता ने सबसे पहले पहचानी बेटी की प्रतिभा

क्रिकेट से बबीता का रिश्ता बचपन से ही गहरा रहा है। जिस उम्र में आसपास की ज्यादातर लड़कियां पारंपरिक खेलों में रुचि लेती थीं, उस समय बबीता मोहल्ले और गली में लड़कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर क्रिकेट खेलना पसंद करती थीं। उनके इस अलग लगाव को सबसे पहले पहचाना उनके पिता नेमीचंद मीणा ने। उन्होंने अपनी बेटी में एक होनहार खिलाड़ी देखी और उसे भविष्य का बेहतरीन क्रिकेटर बनाने का सपना संजो लिया। पिता के इसी भरोसे ने बबीता के क्रिकेट सफर की सबसे मजबूत बुनियाद रखी।

2008 में रखा प्रतियोगी क्रिकेट में कदम

शुरुआत में बबीता का अभ्यास घर और आसपास की गलियों तक ही सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने पेशेवर ट्रेनिंग की ओर रुख किया। स्थानीय क्रिकेट अकादमी में नियमित अभ्यास और दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद साल 2008 में उन्होंने पहली बार पेशेवर प्रतियोगी क्रिकेट में हिस्सा लिया। इसके बाद अपने दमखम पर उन्होंने पहले अंडर-17 और फिर अंडर-19 जिला टीम में जगह पक्की कर ली। मैदान पर उनकी रणनीतिक सोच, ठंडे दिमाग से फैसले लेने की क्षमता और बेहतरीन निजी प्रदर्शन को देखते हुए जल्द ही उन्हें टीम की कप्तानी सौंप दी गई। आज तक बबीता अंडर-19 और सीनियर, दोनों स्तर पर कप्तानी की भूमिका बखूबी निभा चुकी हैं। उनकी अगुवाई में जिला टीम ने कई अहम राज्य स्तरीय मुकाबलों में शानदार खेल दिखाया है।

कोच के मार्गदर्शन ने बदली राह

बबीता राजस्थान महिला क्रिकेट टीम का भी प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उनके करियर को नई और सही दिशा तब मिली, जब उन्होंने पेशेवर क्रिकेट अकादमी जॉइन की। वहां कोच सिकंदर अली के तकनीकी मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी कमियों को दूर किया और नए सिरे से तैयारी शुरू की। इसी कड़ी ट्रेनिंग के बाद उनका चयन राजस्थान महिला टी-20 टीम में हुआ। बबीता अपनी इस बड़ी कामयाबी का पूरा श्रेय कोच के सही दिशा-निर्देश, पिता के सहयोग और अपनी लगातार की गई मेहनत को देती हैं।

विराट कोहली और शेफ़ाली वर्मा हैं प्रेरणा

बबीता बताती हैं कि पुरुष क्रिकेटरों में उन्हें दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली की आक्रामक खेल शैली और फिटनेस बेहद पसंद है, जबकि महिला क्रिकेटरों में वे युवा सनसनी शेफ़ाली वर्मा की बल्लेबाजी की कायल हैं। उनका सबसे बड़ा सपना भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नीली जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेलना है। इसके लिए वे रोज मैदान पर पसीना बहा रही हैं और हर दिन अपने इस लक्ष्य के एक कदम और करीब पहुंच रही हैं। झुंझुनूं की इस होनहार बेटी की संघर्ष भरी कहानी हर उस युवा लड़की के लिए बड़ी प्रेरणा है, जो रूढ़ियों को तोड़कर खेल की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहती है।

इसका आप पर असर

  • भारत में: सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और सही मार्गदर्शन से लड़कियां भी क्रिकेट में बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं, यह कहानी हर महत्वाकांक्षी युवा खिलाड़ी का हौसला बढ़ाती है।
  • झुंझुनूं में: स्थानीय क्रिकेट अकादमी और जिला टीम जैसी सुविधाओं से जुड़कर यहां की बेटियां राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता बना सकती हैं।

प्रेरणा और सीख

  • जुनून को पहचानें: बबीता का गली क्रिकेट का शौक तभी करियर बना, जब उनके पिता ने उसे गंभीरता से लिया, अपनी और बच्चों की असली रुचि को नजरअंदाज न करें।
  • घर से शुरुआत करें, पर वहीं न रुकें: गली के अभ्यास से शुरू कर उन्होंने पेशेवर अकादमी तक कदम बढ़ाया, छोटी शुरुआत भी बड़ी मंजिल तक ले जाती है।
  • सही कोचिंग की कीमत समझें: कोच सिकंदर अली के तकनीकी मार्गदर्शन ने उनकी कमियां दूर कीं, सही मेंटर मिलने पर प्रदर्शन में बड़ा फर्क आता है।
  • रूढ़ियों से न डरें: लड़कों के साथ खेलकर और सामाजिक बंदिशों को पीछे छोड़कर उन्होंने अपनी राह खुद बनाई।
  • लक्ष्य पर रोज मेहनत: भारत के लिए खेलने के सपने को सामने रखकर वे हर दिन अभ्यास करती हैं, बड़े लक्ष्य निरंतर मेहनत से ही पास आते हैं।

सवाल-जवाब

बबीता मीणा कौन हैं?
बबीता मीणा झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी की रहने वाली क्रिकेटर हैं, जो फिलहाल झुंझुनूं जिला महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हैं।
बबीता ने पहली बार प्रतियोगी क्रिकेट कब खेला?
उन्होंने साल 2008 में पहली बार पेशेवर प्रतियोगी क्रिकेट में हिस्सा लिया।
बबीता के क्रिकेट सफर में सबसे पहले किसने साथ दिया?
उनके पिता नेमीचंद मीणा ने सबसे पहले उनकी प्रतिभा पहचानी और उन्हें क्रिकेटर बनाने का सपना देखा।
बबीता के कोच कौन हैं?
पेशेवर क्रिकेट अकादमी में कोच सिकंदर अली के तकनीकी मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी कमियां दूर कीं।
बबीता किस राज्य की टीम के लिए खेल चुकी हैं?
वे राजस्थान महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और राजस्थान महिला टी-20 टीम में चुनी गईं।
बबीता के रोल मॉडल कौन हैं?
पुरुष क्रिकेटरों में विराट कोहली और महिला क्रिकेटरों में शेफ़ाली वर्मा उनके पसंदीदा खिलाड़ी हैं।
बबीता का सबसे बड़ा सपना क्या है?
उनका सबसे बड़ा सपना भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नीली जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेलना है।
#सक्सेस स्टोरी#बबीतामीणा#झुंझुनूंमहिलाक्रिकेट#महिलाक्रिकेटसफलता#राजस्थानमहिलाटीम#गुढ़ागौड़जी#क्रिकेटकप्तान#नेमीचंदमीणा

टिप्पणियाँ 0

टिप्पणी करने के लिए साइन इन करें।

साइन इन

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

ओमान की खाड़ी में हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत: अमेरिका के 'संवेदनहीन' बयान पर भड़के शशि थरूर, जयशंकर से भी पूछे सवालराजनीति1
ओमान की खाड़ी में हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत: अमेरिका के 'संवेदनहीन' बयान पर भड़के शशि थरूर, जयशंकर से भी पूछे सवाल
AMZN पर वॉल स्ट्रीट की बड़ी दांव: 2026 से 2028 तक Amazon के शेयर कहाँ तक पहुँच सकते हैं?बाज़ार2
AMZN पर वॉल स्ट्रीट की बड़ी दांव: 2026 से 2028 तक Amazon के शेयर कहाँ तक पहुँच सकते हैं?
अमेरिका में 'बर्नर फोन' पर संकट: FCC का नया KYC प्रस्ताव गुमनाम सिम को खत्म कर सकता है, और हफ्ते की बड़ी साइबर सुरक्षा हलचलसाइबर सुरक्षा3
अमेरिका में 'बर्नर फोन' पर संकट: FCC का नया KYC प्रस्ताव गुमनाम सिम को खत्म कर सकता है, और हफ्ते की बड़ी साइबर सुरक्षा हलचल

ताज़ा ख़बरें सीधे आपके इनबॉक्स में

रोज़ की बड़ी ख़बरें, एक ईमेल में।

TrendKia बाज़ारविज्ञापनमानसून सेल — हर चीज़ पर 50% तक छूटTrendKia बाज़ारअभी खरीदें →
नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
नागरिक पत्रकारनागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार

संबंधित ख़बरें

सिर्फ 11 हजार रुपये में झारखंड के स्कूली बच्चों ने बना डाला ऑटोमैटिक सोलर ड्रायर, किसानों की बदल सकती है तकदीरसक्सेस स्टोरी
सिर्फ 11 हजार रुपये में झारखंड के स्कूली बच्चों ने बना डाला ऑटोमैटिक सोलर ड्रायर, किसानों की बदल सकती है तकदीर
17 घंटे पहले
सुल्तानपुर के रूपेश साहू ने यूट्यूब से सीखी पेंटिंग, अब हुनर बना कमाई का जरिया और दूसरों को भी सिखा रहे कलासक्सेस स्टोरी
सुल्तानपुर के रूपेश साहू ने यूट्यूब से सीखी पेंटिंग, अब हुनर बना कमाई का जरिया और दूसरों को भी सिखा रहे कला
17 घंटे पहले
बाड़मेर के तपते रेगिस्तान में 86 साल के थानाराम की निःस्वार्थ मुहिम, रोज 6 किलोमीटर पैदल चलकर बुझाते हैं अनजान राहगीरों की प्याससक्सेस स्टोरी
बाड़मेर के तपते रेगिस्तान में 86 साल के थानाराम की निःस्वार्थ मुहिम, रोज 6 किलोमीटर पैदल चलकर बुझाते हैं अनजान राहगीरों की प्यास
17 घंटे पहले
बहराइच की 45 डिग्री धूप में महक उठा सेब का बाग, बाप-बेटे की चार साल की मेहनत ने पलट दी किस्मतसक्सेस स्टोरी
बहराइच की 45 डिग्री धूप में महक उठा सेब का बाग, बाप-बेटे की चार साल की मेहनत ने पलट दी किस्मत
18 घंटे पहले
रामपुर के रघुवीर ने मेंथा की गोल्डन वैरायटी से बदली तकदीर, 6 एकड़ में दोगुना तेल और मोटी कमाईसक्सेस स्टोरी
रामपुर के रघुवीर ने मेंथा की गोल्डन वैरायटी से बदली तकदीर, 6 एकड़ में दोगुना तेल और मोटी कमाई
20 घंटे पहले
दसवीं पास नौजवान ने 30 हजार से खड़ा किया लकड़ी के खिलौनों का कारोबार, अब सालाना लाखों की कमाईसक्सेस स्टोरी
दसवीं पास नौजवान ने 30 हजार से खड़ा किया लकड़ी के खिलौनों का कारोबार, अब सालाना लाखों की कमाई
20 घंटे पहले
वायुसेना के जवान का बेटा बना शूटिंग का सितारा, दीपेंद्र सिंह शेखावत ने सीकर का नाम किया रोशनसक्सेस स्टोरी
वायुसेना के जवान का बेटा बना शूटिंग का सितारा, दीपेंद्र सिंह शेखावत ने सीकर का नाम किया रोशन
21 घंटे पहले
20 साल की उम्र में रोल्स-रॉयस में 72.3 लाख का पैकेज, सरकारी MBBS सीट चूकने वाली ऋतुपर्णा ने यूं पलट दी किस्मतसक्सेस स्टोरी
20 साल की उम्र में रोल्स-रॉयस में 72.3 लाख का पैकेज, सरकारी MBBS सीट चूकने वाली ऋतुपर्णा ने यूं पलट दी किस्मत
23 घंटे पहले