राजस्थान के सीकर जिले के छोटे से कस्बे पलसाना से निकले निशानेबाज दीपेंद्र सिंह शेखावत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लगन और मेहनत के आगे कोई दीवार नहीं टिकती। उन्होंने 24वीं राजस्थान स्टेट रायफल शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम कर पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। यह मुकाबला राजधानी जयपुर के जगतपुरा शूटिंग रेंज में हुआ, जहां प्रदेशभर के दिग्गज निशानेबाज आमने-सामने थे।
दीपेंद्र ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन सीनियर वर्ग में हिस्सा लिया। इस स्पर्धा में उन्होंने कुल 600 में से 580 अंक हासिल किए और इसी दमदार स्कोर के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया। मुकाबले के दौरान उन्होंने एक के बाद एक सटीक निशाने लगाए और अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया।
दर्जनों निशानेबाजों के बीच जमाई धाक
दीपेंद्र के मुताबिक इस चैंपियनशिप में दर्जनों निशानेबाज मैदान में उतरे थे और हर राउंड में कांटे की टक्कर देखने को मिली। लेकिन एकाग्रता, तकनीक पर पकड़ और बरसों के अनुभव ने उन्हें बाकियों से आगे रखा। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने पूरी प्रतियोगिता में सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
वायुसेना से रिटायर पिता का सपना
दीपेंद्र के पिता राजेंद्र सिंह शेखावत वायु सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा लंबे समय से शूटिंग में सक्रिय है और लगातार अपना प्रदर्शन निखारता जा रहा है। परिवार ने हर मोड़ पर दीपेंद्र का साथ दिया है और खेलों में आगे बढ़ने के लिए हौसला बढ़ाया है। पिता का कहना है कि बचपन से ही दीपेंद्र को निशानेबाजी का शौक था, और आज वही शौक उसे देश-प्रदेश में अलग पहचान दिला रहा है। उन्होंने बताया कि बेटा अपने लक्ष्य को लेकर बेहद गंभीर है और दिन का ज्यादातर वक्त प्रैक्टिस में ही बिताता है। परिवार को भरोसा है कि आने वाले दिनों में दीपेंद्र और भी बड़े मंचों पर कामयाबी हासिल करेगा।
देश-विदेश तक फैला है सफर
22 साल के दीपेंद्र का खेल करियर बेहद दिलचस्प रहा है। वे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। दिल्ली में हुए जूनियर वर्ल्ड कप में उन्होंने भारत की ओर से खेलते हुए रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। साल 2025 में वे कजाकिस्तान में आयोजित एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में भी हिस्सा ले चुके हैं। महज 21 साल की उम्र में उन्होंने अपना पहला इंटरनेशनल मुकाबला खेला था। फिलहाल वे जयपुर के जगतपुरा शूटिंग रेंज से अपनी तैयारी में जुटे हैं।
मेडलों का अंबार
राष्ट्रीय स्तर की अलग-अलग प्रतियोगिताओं में दीपेंद्र अब तक 10 से 15 स्वर्ण पदकों समेत 30 से ज्यादा मेडल जीत चुके हैं। वहीं राज्य स्तर पर भी उनके खाते में 35 से ज्यादा पदक दर्ज हैं। उनकी लगातार बेहतरीन उपलब्धियों को देखते हुए उनका चयन खेलो इंडिया जैसी प्रतिष्ठित योजना के लिए भी हो चुका है। खास बात यह है कि शूटिंग के अलावा दीपेंद्र तैराकी में भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं और इस खेल में भी उनके नाम कई बड़ी कामयाबियां और प्रदेश स्तर के रिकॉर्ड दर्ज हैं।













