कहते हैं इरादे मजबूत हों तो छोटी सी पूंजी भी बड़ा कारोबार खड़ा कर देती है। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के आजाद नगर इलाके में रहने वाले न्यामत बैग इसकी जीती जागती मिसाल हैं। सिर्फ 30 हजार रुपये की रकम और लकड़ी के खिलौने बनाने के एक आइडिया के दम पर इस नौजवान ने ऐसा काम खड़ा किया, जो अब हर साल तीन से चार लाख रुपये की कमाई करा रहा है।
न्यामत ने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। इसके बाद उन्हें अपने मामू कासम खान से लकड़ी के खिलौने बनाने के कारोबार का विचार मिला। यही आइडिया उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गया। पिछले दो साल से वो अपनी दुकान चला रहे हैं और इसी काम के जरिए तीन से चार लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
एक छोटे कमरे से हुई शुरुआत
न्यामत बताते हैं कि उन्होंने यह सफर एक छोटे से कमरे से शुरू किया था। 30 हजार रुपये लगाकर जब काम की नींव रखी, तो शुरुआती दौर में कई मुश्किलें सामने आईं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगे रहे। उनके बनाए लकड़ी के खिलौने लोगों को खूब भाते हैं। बुरहानपुर जिले के साथ साथ आसपास के राज्यों के लोग भी ये खिलौने खरीदकर ले जाते हैं।
उनकी दुकान पर एक दर्जन से ज्यादा तरह के लकड़ी के सामान बनाए जाते हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। यहां लट्टू, बेलन, पटला, तलवार, लेझीम जैसी कई चीजें तैयार होती हैं, जो ग्राहकों को खूब पसंद आती हैं।
परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
इस कारोबार को आगे बढ़ाने में न्यामत के परिवार का बड़ा हाथ है। उनके परिवार के नोमान, जेद, अनवर, नबिल और नाजिम खिलौने बनाने में उनका साथ देते हैं। अपने इलाके के चार से पांच लोगों को भी उन्होंने रोजगार दिया हुआ है। न्यामत का मकसद साफ है, वो ज्यादा से ज्यादा लोगों को काम देना चाहते हैं। दसवीं तक पढ़ाई करने के बाद बीते दो साल से वो पूरी लगन के साथ इस कारोबार में जुटे हुए हैं।













