कम पूंजी और बड़े इरादे से क्या कुछ हो सकता है, इसकी मिसाल आज मध्य प्रदेश के खंडवा में एक युवक पेश कर रहा है। नाम है आदर्श सावनेर। इन्होंने न कोई बड़ी दुकान खोली, न मोटी रकम लगाई, बल्कि एक आम से ऑटो को ही अपना पिज्जा सेंटर बना डाला। आज यही छोटा सा ठिकाना शहर में जायके और मेहनत की पहचान बन चुका है।
आदर्श पहले फाइनेंस सेक्टर में नौकरी करते थे। उनके पिता पहले से ही कारोबार से जुड़े थे और पिता की प्रेरणा ने ही उनके मन में अपना कुछ करने की चाह जगाई। आखिरकार उन्होंने नौकरी को अलविदा कहकर छोटे स्तर से अपना काम शुरू करने का फैसला कर लिया। यहीं से शुरू हुआ पिज्जा और सैंडविच का स्टार्टअप, जो आज खंडवा शहर में तेजी से मशहूर हो रहा है।
ऑटो बन गया फूड स्टॉल
आदर्श ने अपने ऑटो को ही एक फूड स्टॉल का रूप दे दिया है। हर शाम जैसे ही शहर के बॉम्बे बाजार और घंटाघर इलाके में चहल-पहल बढ़ती है, उनका ‘श्याम पिज्जा सेंटर’ ग्राहकों से भरने लगता है। यह दुकान शाम 6 बजे से शुरू होती है और रात होते-होते इतनी भीड़ जुट जाती है कि वहां खड़े होने तक की जगह नहीं बचती।
कॉलेज के छात्र हों, परिवार हों या शहर के आम लोग, हर कोई यहां पहुंचता है। ऑटो में बनता गरमागरम पिज्जा, तवे पर पिघलता चीज़ और मसालों की महक लोगों को अपने आप खींच लाती है। यही वजह है कि यह छोटा सा स्टार्टअप अब शहर में खास पहचान बना चुका है।
सिर्फ 60 रुपये में पिज्जा
आदर्श की सबसे बड़ी खूबी है उनकी कीमत। वह ग्राहकों को महज 60 रुपये में पिज्जा दे रहे हैं, जो बड़े ब्रांड्स के मुकाबले काफी सस्ता है। कई ग्राहक तो यहां तक कहते हैं कि स्वाद के मामले में यह पिज्जा बड़े आउटलेट्स से भी बेहतर है। आदर्श बताते हैं कि उन्होंने बाजार को समझते हुए देखा कि छोटे शहरों में पिज्जा काफी महंगा मिलता है, जिसकी वजह से आम लोग इसे आसानी से नहीं खा पाते। इसी सोच के साथ उन्होंने कम दाम में बेहतर क्वालिटी देने का लक्ष्य रखा और आज उसी का नतीजा है कि उनका काम लगातार आगे बढ़ रहा है।
पढ़ाई और भजन भी साथ-साथ
बिजनेस के साथ-साथ आदर्श अपनी पढ़ाई भी जारी रखे हुए हैं। इतना ही नहीं, वह एक भजन गायक भी हैं और खाटू श्याम भजन संध्या में हिस्सा लेकर स्टेज शो करते हैं। उनके भक्ति गीतों को लोग खूब पसंद करते हैं और दूर-दूर से उन्हें कार्यक्रमों के लिए बुलाया जाता है।
एक ही समय में पढ़ाई, बिजनेस और कला, इन तीनों मोर्चों पर सक्रिय रहकर आदर्श सावनेर ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो तो कामयाबी जरूर मिलती है। आज वह खुद आत्मनिर्भर बने हैं और दूसरे युवाओं को रोजगार देने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। खंडवा का यह युवा अब उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है, जो अपने सपनों को हकीकत में बदलने का हौसला रखते हैं।













