दो बच्चों की मां प्रीति कुमारी ने रचा इतिहास, शादी के 9 साल बाद बनीं फार्मासिस्टसक्सेस स्टोरी
5 घंटे पहले· 2

दो बच्चों की मां प्रीति कुमारी ने रचा इतिहास, शादी के 9 साल बाद बनीं फार्मासिस्ट

मुजफ्फरपुर की प्रीति कुमारी ने घरेलू जिम्मेदारियों और नौकरी के बीच खुद को साबित करते हुए पहली बार में ही BTSC फार्मासिस्ट परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है।

मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड के रघुनाथपुर मधुबन गांव की निवासी प्रीति कुमारी ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ निश्चय के सामने पारिवारिक उलझनें बाधा नहीं बन सकतीं। शादी के नौ वर्ष बाद और दो बच्चों की परवरिश के साथ-साथ निजी क्षेत्र की नौकरी संभालते हुए उन्होंने BTSC (बिहार तकनीकी सेवा आयोग) फार्मासिस्ट परीक्षा में सफलता हासिल की है। अब उनकी नियुक्ति सारण सदर अस्पताल में फार्मेसी ऑफिसर के रूप में हुई है, जो उनके निरंतर प्रयासों का फल है।

जिम्मेदारियों के बीच सपनों की उड़ान

वर्ष 2017 में नवीन कुमार के साथ विवाह के बाद प्रीति कुमारी के जीवन में जिम्मेदारियों का दायरा बढ़ गया। उन्होंने एक बेटा और एक बेटी की मां होने के साथ-साथ परिवार की देखरेख की मुख्य भूमिका निभाई। अपनी जीविका के लिए वे पटना के महावीर आरोग्य संस्थान में भेषज प्रभारी के रूप में कार्यरत थीं। नौकरी और घर के कामकाज के बावजूद उन्होंने सरकारी पद प्राप्त करने का अपना लक्ष्य कभी ओझल नहीं होने दिया। उन्होंने बाहरी कोचिंग का सहारा लेने के बजाय स्वयं अध्ययन यानी सेल्फ स्टडी को अपनी तैयारी का आधार बनाया।

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अनुशासन और मेहनत का परिणाम

प्रीति के लिए नौकरी और मातृत्व के बीच पढ़ाई का समय जुटाना काफी चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने बताया कि इस बाधा को पार करने के लिए उन्होंने अपनी जीवनशैली में बदलाव किया। वे रोज सुबह चार बजे भोर में उठ जाती थीं ताकि दिन की शुरुआत अपनी पढ़ाई से कर सकें। उनका अनुशासन और अटूट आत्मविश्वास ही था कि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में फार्मासिस्ट की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। नौ साल के संघर्ष के बाद जब परिणाम आया, तो उनकी मेहनत अंततः सफल रही।

परिवार का साथ और भविष्य का संकल्प

अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय प्रीति अपने पति नवीन कुमार और अपने पूरे परिवार को देती हैं। उनका मानना है कि यदि परिवार का सकारात्मक सहयोग नहीं मिलता, तो इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए अत्यंत कठिन होता। नियुक्ति के बाद अब वे सारण सदर अस्पताल में अपनी सेवाएं पूरी निष्ठा के साथ देना चाहती हैं। साथ ही, वे अन्य महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनना चाहती हैं ताकि अधिक से अधिक महिलाएं अपने करियर और सपनों के लिए संघर्ष करने का साहस जुटा सकें। जैसे ही उनके चयन की जानकारी उनके पैतृक गांव रघुनाथपुर मधुबन में फैली, पूरा क्षेत्र खुशी से झूम उठा और परिजनों ने मिठाई खिलाकर अपनी प्रसन्नता जाहिर की।

सवाल-जवाब

प्रीति कुमारी को कौन सी सरकारी नौकरी मिली है?
प्रीति कुमारी ने BTSC फार्मासिस्ट (फार्मेसी ऑफिसर) की परीक्षा पास की है और उनकी नियुक्ति सारण सदर अस्पताल में हुई है।
प्रीति कुमारी ने अपनी तैयारी के लिए कोचिंग का सहारा लिया था?
नहीं, उन्होंने किसी भी बाहरी कोचिंग का सहारा नहीं लिया था। उन्होंने सेल्फ स्टडी यानी स्वयं अध्ययन के दम पर यह परीक्षा पास की।
प्रीति अपनी सफलता का श्रेय किसे देती हैं?
प्रीति अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने पति नवीन कुमार और अपने पूरे परिवार को देती हैं।
प्रीति का पढ़ाई के लिए डेली रूटीन क्या था?
अपनी नौकरी और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच समय निकालने के लिए प्रीति रोज सुबह चार बजे उठकर पढ़ाई करती थीं।

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